जानें कितने करोड़ रुपए की संपत्ति की मालकिन हैं वहीदा रहमान, 12 साल के लिए इंडस्ट्री से ले लिया था संन्यास
Waheeda Rehman: हिन्दी फिल्मों की लिजेंड्री एक्ट्रेसेस में से एक वहीदा रहमान ने बॉलीवुड के साथ-साथ तेलुगू, तमिल और बंगाली मूवीज में जमकर काम किया है। साल 1938 में जन्मी वहीदा रहमान ने 1955 में अपना फिल्मी करियर शुरू किया था। वहीदा रहमान का जन्म तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनको बचपन से ही एक्टिंग का बहुत शौक था और ऐसे में उन्होंने तेलुगू फिल्मों से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। फिलहाल वहीदा रहमान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर है कि वहीदा रहमान को इस साल दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
वहीदा रहमान को मिलेगा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार
आपको बता दें कि वहीदा रहमान एक बेहतरीन एक्ट्रेस होने के साथ-साथ एक शानदार भरतनाट्यम डांसर भी हैं। 1955 से लेकर 1970 के दशक की शुरुआत तक वहीदा रहमान ने फिल्मों की विभिन्न शैलियों में अपना योगदान दिया है। वहीदा रहमान को उनके पूरे करियर में, फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए दो फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। अब उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करने की बात सामने आई है।

85 करोड़ के संपत्ति की मालकिन हैं वहीदा रहमान
आपको बता दें कि वहीदा रहमान की कुल संपत्ति 85 करोड़ रुपए के आसपास है। वहीदा रहमान की कमाई का मुख्य स्त्रोत उनकी फिल्में और कुछ ब्रांड एंडोर्समेंट हैं। वहीदा रहमान को रॉयल लाइफस्टाइल जीना पसंद है। वह काफी क्लासी तरीके से इवेंट्स में जाना पसंद करती हैं।
एक्ट्रेस ने 1956 में की थी बॉलीवुड में एंट्री
वहीदा रहमान ने साल 1956 में रिलीज हुई फिल्म 'सी आई डी' से बॉलीवुड में एंट्री की थी। इसके बाद उन्हें प्यासा (1957), 12 ओ' क्लॉक (1958), कागज के फूल (1959), साहिब बीबी और गुलाम और चौदहवीं का चाँद (1961) सहित कई सुपरहिट फिल्मों में देखा गया था। उन्होंने सोलवां साल (1958), बात एक रात की (1962), कोहरा (1964), बीस साल बाद (1962), गाइड (1965), मुझे जीने दो (1963), तीसरी कसम (1966), नील कमल (1968) और खामोशी (1969) जैसी फिल्मों में दमदार एक्टिंग कर लोगों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना ली थी।
12 साल के लिए फिल्म इंडस्ट्री से ले लिया था संन्यास
वहीदा रहमान का फिल्मी करियर 1980 के दशक तक जारी रहा। उन्होंने गाइड (1965) में अपनी भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता था लेकिन 1980 के बाद की फिल्मों में दमदार अभिनय के बावजूद, उनकी मूवीज बॉक्स ऑफिस फ्लॉप होती रहीं। धीरे-धीरे वहीदा रहमान का करियर खत्म होने लगा। इसके बाद उन्होंने साल 1991 में फिल्म 'लम्हे' में कैमियो रोल निभाया था, जिसके बाद उन्होंने 12 साल के लिए फिल्म इंडस्ट्री से संन्यास ले लिया था। अब वह केवल कुछ खास इवेंट्स और रिएलिटी शोज में बतौर जज के तौर पर ही नजर आती हैं।












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