विवेक अग्निहोत्री ने क्यों पाकिस्तानी डॉक्टर से मिलाया हाथ? 'हीरामंडी' पर उठा दिये सवाल
संजय लीला भंसाली की फिल्म 'हीरामंडी' 1 मई को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो गई है। फरदीन खान, मनीषा कोइराला, ऋचा चड्ढा, संजीदा खान, शेखर सुमन जैसे तमाम दिग्गज कलाकार इस सीरीज में हैं। कई लोगों को ये काफी पसंद आई, जबकि कई ऐसे भी हैं, जो इसकी खूब आलोचना कर रहे हैं। अब विवेक अग्निहोत्री ने भी इसपर टिप्पणी की है। साथ ही पाकिस्तानी डॉक्टर को लेकर भी कहा है, जिसने इस सीरीज की आलोचना की है।
विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा कि हम्द नवाज की तरफ से आलोचना। मैंने शो तो नहीं देखा मगर मैं लाहौर की हीरामंडी में कई बार गया हूं। बॉलीवुड में तवायफों और रेड लाइट एरिया को रोमांटिक बनाने की फितरत है। ये दुखद है, क्योंकि वैश्याघर कभी भी ग्लैमर या फिर ब्यूटी की जगह नहीं रही हैं। बल्कि ये मानवीय अन्याय, दर्द और संघर्ष के स्मारक हैं। जिन लोगों को इनके बारे में नहीं मालूम, उन लोगों को श्याम बेनेगल की मंडी देखनी चाहिए।

निर्देशक ने डॉक्टर की आलोचना का भी साथ दिया, जिसमें कहा गया था कि शो में रिसर्च की जरा कमी है। इसमें कुछ चीजें ऐसी दिखाई गई हैं, जो तथ्यों के साथ पूरी तरह से मेल नहीं खातीं। विवेक ने कहा कि साथ ही एक सवाल जो हमें पूछना चाहिए वो ये कि क्या रचनात्मकता हमें इंसान के दर्द को ग्लैमराइज करने की आजादी देती है? क्या ऐसी फिल्म बनाना सही है, जिसमें झुग्गी-झोपड़ी की जिंदगी को शान-ओ-शौकत की तरह दिखाया जाए?
क्या झुग्गी में रहने वालों को इस तरह से दिखाया जाना चाहिए? बताते चलें कि इस पाकिस्तानी डॉक्टर का नाम हम्द नवाज है। उन्होंने तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि अभी हीरामंडी देखी। इसमें हीरामंडी के अलावा सबकुछ मिला। मेरा मतलब है कि या तो आप अपनी कहानी 1940 के लाहौर में सेट न करें, या अगर आप ऐसा करते हैं तो आप इसे आगरा की जगह से, दिल्ली से उर्दू, लखनवी पोशाक और 1840 के माहौल से सेट ना करें। मैं एक लाहौरी होने के नाते इसे अपना नहीं पा रही हूं।












Click it and Unblock the Notifications