Vikram Bhatt पर करोड़ों रुपए ठगने का आरोप, FIR दर्ज, इंदिरा IVF अस्पताल से जुड़ा कनेक्शन
Vikram Bhatt: बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनके परिवार वालों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेकांबरी भट्ट, उदयपुर के दिनेश कटारिया सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
विक्रम भट्ट और उनके परिवार के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत
खबर है कि विक्रम भट्ट और उनके परिवार के खिलाफ ये शिकायत इंदिरा IVF अस्पताल के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने राजस्थान के उदयपुर स्थित भूपालपुरा थाने में दर्ज कराई है।

विक्रम भट्ट पर लगा करोड़ों रुपए ठगने का आरोप
डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि उनकी दिवंगत पत्नी की याद में फिल्म बनवाने और उसे रिलीज कर 200 करोड़ रुपये तक कमाने का लालच देकर विक्रम भट्ट ने उनसे करोड़ों रुपये हड़पे लिए हैं।
डॉ. अजय मुर्डिया ने की ऐसी शिकायत
-शिकायत के अनुसार शुरुआती भरोसे में 31 मई 2024 को डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट को 2.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके बाद उन्हें चार फिल्मों का वादा किया गया था और अलग-अलग किस्तों में लगातार पैसे मांगे जाते रहे थे। डॉक्टर के अनुसार अब तक 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कथित रूप से हड़प ली गई है।
-बताया गया है कि इनमें से दो फिल्मों का निर्माण पूरा हो गया है। एक फिल्म आधी बनी है और चौथी फिल्म 'महाराणा-रण' की शूटिंग तक शुरू नहीं हुई है जबकि इस प्रोजेक्ट में ही करीब 25 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया गया है।
डॉक्टर की पत्नी पर बनने वाली थी फिल्म
-FIR कॉपी के मुताबिक डॉ. अजय मुर्डिया की मुलाकात एक कार्यक्रम के दौरान दिनेश कटारिया से हुई थी। उन्होंने डॉक्टर को अपनी पत्नी की बायोपिक बनाने की सलाह दी थी और दावा किया था कि उनकी दोस्ती डायरेक्टर विक्रम भट्ट से है।
-दिनेश ने डॉ. अजय मुर्डिया को ये भरोसा दिलाया था कि फिल्म बनने के बाद उनकी पत्नी की कहानी सभी तक पहुंचेगी और इसके साथ ही लागत का चार से पांच गुना मुनाफा भी मिलेगा।
मुंबई में हुई थी विक्रम भट्ट से मुलाकात
-इस आश्वासन के बाद डॉक्टर अजय 25 अप्रैल 2024 को दिनेश के साथ मुंबई गए थे, जहां वृंदावन स्टूडियो में उनकी मुलाकात विक्रम भट्ट से कराई गई थी। डॉक्टर के अनुसार विक्रम भट्ट ने आश्वासन दिया था कि वह पूरा काम संभाल लेंगे और पैसे समय-समय पर भेजने होंगे जिनका हिसाब दिनेश रखेगा।
-डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि विक्रम भट्ट ने उन्हें एक और फिल्म में निवेश करने के लिए कहा था। दावा किया गया है कि इससे उन्हें बड़ा मुनाफा हो सकता है और रुपये का पूरा हिसाब नियमित रूप से दिया जाएगा। विक्रम भट्ट ने ये भी बताया था कि उनकी पत्नी और बेटी भी फिल्म निर्माण में एसोसिएट हैं।
-शिकायत में कहा गया है कि 24 मई 2024 को दो फिल्मों, बायोपिक और महाराणा-रण के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये का टर्म शीट एग्रीमेंट हुआ था।
बायोपिक का बजट- 15 करोड़ रुपये
महाराणा-रण फिल्म का बजट- 25 करोड़ रुपये
23 मार्च 2025 को बायोपिक रिलीज होनी थी
इस एग्रीमेंट में विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी और बेटी कृष्णा का नाम भी शामिल था। बायोपिक की रिलीज डेट 23 मार्च 2025 तय की गई थी। डॉक्टर अजय का कहना है कि प्रोजेक्ट शुरू करने के नाम पर उन्होंने 2.5 करोड़ रुपये भेजे थे। इसके बाद विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेकांबरी उदयपुर पहुंचे थे और 7 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की थी।
47 करोड़ रुपए में 4 फिल्में तैयार होनी थी
-डॉक्टर अजय के अनुसार उन्हें बताया गया था कि 47 करोड़ रुपए में 4 फिल्में तैयार हो जाएंगी और इस पर 100 से 200 करोड़ रुपये का मुनाफा भी होगा। डॉक्टर ने ये रकम भी ट्रांसफर कर दी थी।
-आरोप है कि इसके बाद लगातार पैसों की मांग बढ़ती गई। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेकांबरी ने रोजाना के खर्चों का हवाला देते हुए लगभग 77 लाख और 86,979 रुपये अलग-अलग अकाउंट्स में ट्रांसफर करवाए थे जो कथित रूप से उनके स्टाफ के नाम पर थे।
डॉक्टर अजय ने 42 करोड़ रुपये किए थे ट्रांसफर
-इसके अलावा डॉक्टर का दावा है कि उनके साइन किए गए ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर 10.50 लाख रुपये भी निकाले गए थे। डॉक्टर अजय ने आरोप लगाया है कि विक्रम भट्ट ने 3 फिल्मों के VFX के लिए हर महीने 41 लाख रुपये मांगे थे।
-11 अक्टूबर 2024 से 15 मई 2025 के बीच न्यूब स्टूडियो को कुल 2,45,61,400 रुपये ट्रांसफर किए गए। लेकिन बाद में डॉक्टर को पता चला कि चार फिल्मों की बजाय 5वीं फिल्म हैक्ड-2 का खर्च भी जोड़ दिया गया था।
-जब डॉक्टर ने इस पर सवाल उठाया तो विक्रम भट्ट ने शूटिंग रोक दी और कहा कि पैसे मिलने के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा। तब तक डॉक्टर अजय 42 करोड़ रुपये से अधिक दे चुके थे।
विक्रम भट्ट के ऑफिस कर्मचारी ने किया खुलासा
डॉक्टर अजय के मुताबिक जब उन्हें शक हुआ तो विक्रम भट्ट के ही ऑफिस के एक कर्मचारी ने उन्हें बताया कि उनके साथ धोखाधड़ी हो रही है और कई सबूत भी दिखाए गए थे। इसके बाद ही उन्होंने पुलिस में केस दर्ज कराया।












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