Vijayadashami 2022: कहां है रामायण की 'मंदोदरी? क्या बड़े स्टार की बेटी हैं या वो हैं ब्रह्मकुमारी की स्पीकर?
नई दिल्ली, 05 अक्टूबर, Where is Ramanand Sagar's Ramayan Mandodari aka Aparajita Bhooshan? धार्मिक धारावाहिकों का जब भी जिक्र होता है तो जेहन में सबसे पहले रामानंद सागर के 'रामायण' का ही ख्याल आता है। दो दशक बीत जाने के बाद भी ना तो इसके शो के प्रति लोगों का प्रेम खत्म हुआ और ना ही इसकी लोकप्रियता पर असर पड़ा, ये बात पूरी तरह से सत्यापित हुई जब लॉकडाउन के दौरान इस शो को Re-टेलिकास्ट किया गया।

सालों बाद सच आया सामने
कोरोना काल के दौरान लोग उसी तरह से टीवी सेट से चिपके नजर आए, जिस तरह से पहले देखा करते थे। लेकिन इस Re-टेलिकास्ट के दौरान वो सच भी सामने आया जिसके बारे में लोगों को पता ही नहीं था और पिछले 15 सालों से वो एक झूठ को सत्य माने बैठे थे।

प्रभु मिश्रा ने दिया धोखा...
दरअसल यहां बात हो रही है 'रामायण' शो में 'मंदोदरी' का रोल निभाने वाली अभिनेत्री की, जिनके बारे में कहा जा रहा था कि 'मंदोदरी' का रोल निभाने के बाद उनका मन आध्यात्म की ओर झुक गया और उन्होंने शो बिजनेस के हमेशा के लिए छोड़ दिया और वो प्रतिष्ठित संस्था ब्रह्मकुमारी की स्पीकर हैं और उनका नाम प्रभु मिश्रा है। आप गूगल पर जब भी रामायण की 'मंदोदरी' के बारे में सर्च करेंगे ना तो प्रभु मिश्रा की ही तस्वीर सामने आएगी, मीडिया ने भी इस बारे में कभी भी कोई तफ्तीश नहीं की और तो और प्रभु मिश्रा ने खुद मंदोदरी बनकर कई इंटरव्यू दिए थे।

भारत भूषण की बड़ी बेटी हैं अपराजिता
लेकिन लॉकडाउन के दौरान जब लोगों ने 'मंदोदरी' के बारे में खोजने की कोशिश की तो 'मंदोदरी' का रोल निभाने वाली अभिनेत्री की सच्चाई सामने आई क्योंकि वो खुद मीडिया के सामने आ गई थीं। दरअसल ये रोल प्ले किया था अभिनेत्री अपराजिता भूषण ने, जो कि मशहूर एक्टर-प्रोड्यूसर भारत भूषण की बड़ी बेटी हैं, जो कि एक राईटर और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में अब काम करती हैं और अपनी फैमिली संग पुणे में रहती हैं।

प्रभु मिश्रा ने उनसे लिखित रूप से गलती मान ली
बेशक वो इस वक्त बॉलीवुड और टीवी की चकाचौंध से दूर हैं लेकिन जब उन्हें प्रभु मिश्रा के बारे में पता चला था। उन्होंने इस बारे में आवाज उठाई , उन्होंने प्रभु मिश्रा से भी बात की और पूछा कि आखिर क्यों? वो पिछले 15 सालों से इस बात का विरोध नहीं कर रही हैं, क्यों वो लाइमलाइट बटोरने की कोशिश कर रही हैं? इस पर पहले तो प्रभु मिश्रा ने कुछ भी मानने से इंकार कर दिया लेकिन जब अपराजिता ने उन्हें कहा कि वो लीगल एक्शन ले सकती हैं तो प्रभु मिश्रा ने उनसे लिखित रूप से गलती मान ली।

अंतिम समय काफी तंगहाली में गुजरा
आपको बता दें कि भारत भूषण की गिनती हिंदी सिनेमा के महान कलाकारों में होती थी। उन्होंने चैतन्य महाप्रभु, बैजू बावरा और मिर्जा गालिब जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में यादगार रोल किए थे। उन्होंने बहुत सारी फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं भी निभाई थीं लेकिन उनका अंतिम समय काफी तंगहाली में गुजरा था और उन्होंने 71 साल की अवस्था में साल 1992 में दुनिया को अलविदा कह दिया और तब से ही उनका परिवार लाइमलाइट से काफी दूर है।

करीब 50 फिल्मों में छोटे-बड़े चरित्र रोल निभाए
अपराजिता भूषण के पति नहीं हैं और उनके दो बच्चे हैं। उनका रूझान शुरू से एक्टिंग की ओर नहीं था लेकिन रामानंद सागर ने जब उन्हें मंदोदरी के लिए चुना था तो वो मना नहीं कर पाई थीं। हालांकि इसके बाद उन्होंने करीब 10- 12 साल काम किया और करीब 50 फिल्मों में छोटे-बड़े चरित्र रोल निभाए, उन्हें आखिर बार साल 1997 की सुपरहिट फिल्म 'गुप्त ' में देखा गया था।












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