Tanvi the Great Review: सन्नाटे को चीर जुनून और जज्बे की कहानी सुनाती है तन्वी, अनुपम खेर की फिल्म है मस्ट वॉच
Tanvi the Great Review in Hindi: सिनेमाघर में आप फिल्म देखने जाते हैं। वहां पर्दे पर कहानी चलती है, जो कई बार आपके दिल और दिमाग में ठहर जाती है। उसे कहानी की जगह अनुभव भी कह सकते हैं। अनुपम खेर की तन्वी द ग्रेट एक ऐसी ही कहानी है। जिसे वो फिल्म के माध्यम से लेकर आए हैं। ये फिल्म सिनेमाघर से निकलने के बाद भी आपके जेहन में बस जाती है।

फिल्म की तन्वी की कहानी की है, जो ऑटिज्म की शिकार है। उसके पिता आर्मी में कैप्टन थे। जो शहीद हो चुके हैं। मम्मी ऑटिज्म के बारे में दुनिया को जागरूक करने में लगी है। तन्वी के दादा हैं, जो रिटायर्ड कर्नल हैं। वो लैंसडॉन में रहते हैं। तन्वी अपनी मम्मी के साथ दिल्ली में रहती है। लेकिन तन्वी की मां को एक सेमिनार के लिए अमेरिका जाना है। जिस वजह से वो तन्वी को दादा के पास लैंसडॉन छोड़ने का फैसला करती है। यहां तन्वी म्यूजिक सीखना शुरू करती है, लेकिन एक दिन वो आर्मी की ट्रेनिंग कर रहे बच्चों को देखती है। यहीं से उसका मन आर्मी जॉइन करने का करता है। बस फिर तन्वी की सनक और जुनून उसे ट्रेनिंग कैंप ले जाती है। लेकिन यहां उसके साथ क्या होता है और वो जीवन में क्या कर पाती है। वो फिल्म में देखेंगे तो बेहतर होगा।
फिल्म तन्वी द ग्रेट से शुभांगी दत्त अपना डेब्यू कर रही हैं। उन्होंने ही तन्वी का किरदार निभाया है। उन्होंने इस फिल्म में जो किरदार निभाया है, वो बहुत चैलेंजिंग है। इसके बावजूद वो इसमें खरी उतरती हैं। ऑजिज्म से शिकार बच्ची के किरदार में वो तनिक भी ओवर करती हुई नजर नहीं आती हैं। इतना ही नहीं वो सारे बड़े एक्टर्स के सामने मजबूती से अपने किरदार चमकाती हुई नजर आती हैं। फिल्म में अनुपम खेर, बोमन ईरानी, जैकी श्रॉफ, अरविंद स्वामी, करण टैकर और पल्लवी जोशी जैसे एक्टर्स हैं। इन सबके बीच अगर कोई चमकता है तो वो शुभांगी हैं।
इस फिल्म की कहानी और डायरेक्शन अनुपम खेर का है। 23 साल बाद वो डायरेक्शन में लौटे हैं। इसके पहले उन्होंने ओम जय जगदीश नाम की फिल्म बनाई थी। हालांकि वो कहानी अनुपम की नहीं थी। इस बार सबकुछ अनुपम का है। उन्होंने डायरेक्शन में अपनी कहानी से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया। वो जिस तरह की फिल्म बनाना चाहते थे और जिन एक्टर्स को कास्ट करना चाहते थे। सब किया है। इसलिए फिल्म हर एक पल में आपको वो सारे इमोशन दिखाती है, जो अनुपम ने कहानी में लिखा है। फिल्म को कीको नाकाहारा ने शूट किया है। कीको के लिए अनुपम ने 12 महीने का इंतजार किया था म्यूजिक एम एम कीरवानी का है। जिन्होंने म्यूजिक से फिल्म को और भी उठा दिया है। कौसर मुनीर ने जिस हिसाब से गाने के बोल लिखे हैं, कीरवानी ने उन्हें म्यूजिक से सवांर दिया है।
सवाल ये है कि फिल्म तन्वी द ग्रेट को देखें या नहीं...तो इसे देखने चाहिए। क्यों? क्योंकि ये ऑटिज्म पर बात करती है। बताती है कि ऑटिज्म से शिकार बच्चे पागल नहीं है, वो अलग हैं। लेकिन किसी से कम नहीं है। अनुपम ने पूरी फिल्म इसी को लेकर बनाई है। इस फिल्म की टैगलाइन भी यही है। अनुपम ने ये फिल्म अपनी शर्तों और जुनून से बनाई है। खैर आप भी फिल्म देखें और अपनी राय बनाएं।
फिल्म रिव्यू- तन्वी द ग्रेट
कास्ट- शुभांगी दत्त, अनुपम खेर, बोमन ईरानी, पल्लवी जोशी, करण टैकर और जैकी श्रॉफ
डायरेक्शन- अनुपम खेर
रेटिंग्स- 4 स्टार्स












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