अरिजीत के रिटायरमेंट पर इस सिंगर ने कह दी ऐसी बात, जिसे सुन कई कंपोजर नाराज हो जाएंगे!
अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी को प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने की घोषणा कर संगीत जगत को चौंका दिया। इस ऐलान के बाद फैंस ही नहीं, बल्कि म्यूजिक इंडस्ट्री के कई दिग्गज भी भावुक नजर आए। मनोज मुंतशिर, बादशाह और अमाल मलिक जैसे कलाकारों ने अरिजीत के फैसले पर प्रतिक्रिया दी और उनके योगदान को याद किया।

सोना महापात्रा ने फैसले को बताया 'आजादी का चुनाव'
अब इस मुद्दे पर सिंगर सोना महापात्रा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अरिजीत के फैसले का खुलकर समर्थन किया है। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्ट में सोना ने लिखा कि प्लेबैक सिंगिंग से पीछे हटना किसी अंत की नहीं, बल्कि आजादी और आत्मनिर्णय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह निजी है और इसे लेकर अटकलें लगाना बेकार है।
'च्वाइस' को बताया सबसे अहम
सोना महापात्रा ने अपने बयान में जोर देते हुए कहा कि सबसे महत्वपूर्ण चीज कलाकार की पसंद होती है। उनके मुताबिक, अरिजीत ने अपने लिए ऐसी जगह बनाई है, जो इससे पहले बहुत कम कलाकारों ने बनाई थी। यह कदम उनके करियर के साथ-साथ उनकी मानसिक और रचनात्मक स्वतंत्रता के लिए भी जरूरी है।
नई आवाजों के लिए खुलेगा रास्ता
सोना ने यह भी कहा कि अरिजीत का यह फैसला अनजाने में ही सही, लेकिन इंडस्ट्री में नई आवाजों के लिए जगह बना सकता है। उन्होंने उन सिंगर्स का जिक्र किया जो सालों से सिर्फ 'स्क्रैच सिंगर' बनकर डेमो तक सीमित रह जाते हैं और जिन्हें कभी बड़े गाने गाने का मौका नहीं मिलता।
'शोक संदेश' की सोच पर सवाल
सोना महापात्रा ने इस फैसले को शोक की तरह देखने पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि अरिजीत संगीत छोड़ नहीं रहे, बल्कि बस एक अलग रास्ता चुन रहे हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों इंडस्ट्री को अलग-अलग आवाजों और स्वादों से डर लगता है और क्यों हमेशा एक ही तरह की आवाज को दोहराया जाता है।
इंडस्ट्री के जीरो-रिस्क सिस्टम की आलोचना
अपने पोस्ट में सोना ने म्यूजिक इंडस्ट्री के 'जीरो-रिस्क फॉर्मूला' पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निर्माता बार-बार एक ही आवाज का इस्तेमाल करते हैं, जबकि डेमो सिंगर्स को मेहनताना तक नहीं मिलता। कई अनुभवी गायकों को भी काम के लालच में बिना भुगतान के रखा जाता है।












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