टाइपराइटर बेचे.. होटल में गाने गाए, दोस्त में बताई KK के स्ट्रगल के दिनों की इमोशनल दास्तां
मुंबई, 01 जून: गायक केके का मंगलवार को कोलकाता में उनके संगीत कार्यक्रम के बाद निधन हो गया। 53 वर्षीय बॉलीवुड सिंगर ने नजरूल मंच में एक कॉलेज कार्यक्रम के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत की थी। बाद में कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया है। केके के निधन के बाद पूरे देश में लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वहीं सेलिब्रिटी और उनको जानने वाले केके को लेकर अपनी अपनी यादें साझा कर रहे हैं।

'संगीत में ही वो मौत से मिला'
केके के पूर्व कॉलेज बैंडमेट गौतम चिकरमाने ने सिंगर की कुछ यादें साझा कीं। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष किया था। गौतम चिकरमाने ने ट्विटर पर एक थ्रेड शेयर किया। उन्होंने लिखा कि, 'वो सिर्फ 53 साल का था। उसने अपना अंतिम गाना गाया और आराम से अलविदा कह गया। उसने संगीत में ही अपनी जिंदगी जी, और संगीत में ही वो मौत से मिला। दुख बाकी हम सबके लिए बचा है। केके स्वर्ग की सीढ़ियों पर है।

'बैंड को 5 हजार रुपये मिले तो सबको राजा वाली फील आई'
गौतम चिकरमाने ने आगे लिखा कि, केके उनके बैंड का लीड सिंगर और ड्रमर थे। इसमें उनके साथ जुलियस, फ्रांज, टॉम, संदीप और मैं था। बैंड का नाम Horizon था, और यह कॉलेज बैंड केएमसी में था। हमारा यह बैंड कॉलेज फेस्टीवल में जाता था। कई बार उन्हें प्राइज भी मिला। आईआईटी कानपुर और दिल्ली के साथ-साथ SRCC और हिंदू में भी उनके बैंड ने प्रोग्राम किया था। सिरी फोर्ट स्टेडियम में पूरी रात परफॉर्म करने के लिए बैंड को 5 हजार रुपये मेहताना मिला था। उस रात सबको राजाओं वाली फील आई थी।

केके ने फॉलो किया अपना ड्रीम बाकी सब...
केके के साथी रहे गौतम लिखते हैं कि, हम सभी के बीच, केवल केके और जूलियस में अपने सपनों को पूरा करने का साहस था। केके गायक बन गए और जुलियस म्यूजिक कंपोजर बन गए। बाकी के सारे दोस्त आज भी नौकरियां कर रहे हैं। 'केके हमारे बैंड का उत्साह और क्रिएटिव था। वो हमारे बैंड की ऊर्जा था। सबसे अलग। उसकी आवाज की रेंज सबसे अलग थी। वो काफी नैचुरल गाता था। कॉलेज में उसने अंग्रेजी गाने ज्यादा गाए थे।' , मगर जब मुंबई गये तो हिंदी गानों में भी उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई।

एक बार वो मुंबई गये तो रात भर मैरीन ड्राइव पर टहलते रहे
गौतम आगे बताते हैं- एक शाम जब वो घर आये, तब मुझे उनकी म्यूजिकल जर्नी के बारे में कुछ पता नहीं था। उनकी एक एल्बम पल रिलीज हो चुकी थी और वो बॉलीवुड के लिए गाने गा रहे थे। वो अपने सपने को जी रहे थे, यह जानकर काफी खुशी हुई थी। गौतम आगे लिखते हैं कि एक बार वो मुंबई गये तो रात भर मैरीन ड्राइव पर टहलते रहे। अपने कॉलेज के दिनों को याद किया। हमने अपनी यात्रा, जिंदगी, पत्नियां, बच्चे, करियर, उम्मीदें, सपने और संगीत, पुराने संगीत, नए संगीत, भविष्य में गाया जाने वाला संगीत उसपर बात की।

केके को जब बेचने पड़े टाइपराइटर
केके ने उन्हें बताया था कि खराब वक्त में उन्होंने जीवनयापन के लिए टाइपराइटर भी बेचे थे। हालांकि, उनकी आत्मा को यह गंवारा नहीं हुआ। उन्होंने जल्द ही जॉब छोड़ दी और होटलों में गाना शुरू कर दिया। गौतम ने बताया कि, केके को यह रास नहीं आया कि लोग खा-पी रहे हैं और बैंड गा रहा है। 10 मिनट बाद हम अपने लिये प्ले करने लगते थे, जिससे सफर जारी रहा। । गौतम ने आगे बड़ा ही भावुक करने वाला मैसेज लिखा कि, केके हमेशा जिंदा रहेगा, गानों में, हमारे दिलों में। और मैं इस बात को लेकर निश्चित हूं कि भगवान की उसका गाना सुनकर ही उसे वापस हमारे पास भेजेगा, किसी और शरीर में एक नई आवाज के साथ।

'बॉम्बे, मुंबई बन गया और हमारा केके भारत का केके बन गया'
हम मैरीन ड्राइव के आखिरी सिरे पर खड़े थे और उन्होंने बताया कि जब मैं यहां आया और ठीक यहीं खड़ा होकर रोशनी की ओर देखते हुए सोचता था कि क्या बॉम्बे मुझे जगह देगा। ऐसा हुआ- बॉम्बे, मुंबई बन गया और हमारा केके भारत का केके बन गया। आत्मा नहीं मरतीं। केके के केस में आवाज भी नहीं। मेरे दोस्त, जल्द मुलाकात होगा।












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