'शोले' में संजीव कुमार से ज्यादा इस एक्टर को मिले थे पैसे, धर्मेंद्र की फीस जानकर उड़ जाएंगे होश
Dharmendra Highest Paid Actor: भारतीय सिनेमा के इतिहास में वर्ष 1975 हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। इसी वर्ष रिलीज हुई "शोले" ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया, बल्कि आने वाले दशकों के लिए हिंदी फिल्म उद्योग की दिशा भी बदल दी। रमेश सिप्पी ने इस फिल्म को डायरेक्टर किया था। जो आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में शामिल है।

कम बजट, बड़ी सफलता
करीब 3 करोड़ रुपये की लागत में बनी "शोले" ने उस दौर में 15 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी। आज के समय में यह रकम सैकड़ों करोड़ रुपये के बराबर मानी जाएगी। फिल्म के किरदार, संवाद और संगीत ने इसे एक कालजयी रूप दिया, जिसे आज तीन पीढ़ियाँ मिलकर पसंद करती हैं।
कलाकारों की फीस: कई दिलचस्प तथ्य
उस समय के हिसाब से फिल्म का बजट बड़ा जरूर था, लेकिन कलाकारों की फीस आज के मानकों की तुलना में बहुत कम थी। सबसे ज्यादा फीस धर्मेंद्र को मिली थी-लगभग 1.5 लाख रुपये। उनके बाद संजीव कुमार को "ठाकुर" की प्रतिष्ठित भूमिका के लिए 1 लाख 25 हजार रुपये मिले। अमिताभ बच्चन, जो उस समय तेजी से उभर रहे थे, उन्हें "जय" की भूमिका के लिए 1 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, "बसंती" के रूप में दिल जीतने वाली हेमा मालिनी को 75 हजार रुपये मिले।
फिल्म के सबसे प्रतिष्ठित किरदारों में से एक-भयावह गब्बर सिंह-को निभाने वाले अमजद खान को केवल 50 हजार रुपये दिए गए थे। यह हैरानी की बात है कि सबसे कम फीस पाने वालों में होने के बावजूद उनका किरदार हिंदी सिनेमा के इतिहास का सबसे यादगार विलन बन गया। सबसे कम भुगतान जया बच्चन को मिला-करीब 35 हजार रुपये। भले ही उनका स्क्रीन टाइम सीमित था, लेकिन कहानी में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी।
एक फिल्म जिसने बदल दिया सिनेमा का चेहरा
"शोले" सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव था-बड़े सेट्स, दमदार किरदार, यादगार संवाद और रोमांच से भरी कहानी ने इसे एक मास्टरपीस बना दिया। कलाकारों की फीस भले ही उस समय कम थी, लेकिन फिल्म की सफलता ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।












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