Shah Rukh Khan: इन 5 फिल्मों के लिए शाहरुख खान डिजर्व करते थे नेशनल अवॉर्ड, अब 33 साल बाद जीता पुरस्कार
Shah Rukh Khan Wins National Film Award 2025: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया है। हाल ही में घोषित हुए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की लिस्ट में एक ऐसा नाम शामिल हुआ है, जिसका सभी को सालों से इंतजार था और वो हैं सबके फेवरेट शाहरुख खान।
शाहरुख खान को मिला नेशनल फिल्म अवॉर्ड
33 साल लंबे फिल्मी करियर में पहली बार किंग खान को 'बेस्ट एक्टर' का राष्ट्रीय सम्मान मिला है और वो भी उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जवान' के लिए। फिलहाल फैंस से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है।

शाहरुख खान के करियर की बेस्ट फिल्में
लेकिन क्या आप जानते हैं, शाहरुख खान के करियर में ऐसी कई फिल्में रही हैं जिनमें उनकी एक्टिंग इतनी जबरदस्त थी कि उन्हें पहले ही नेशनल अवॉर्ड मिल जाना चाहिए था। आइए आपको बताते हैं उन 5 फिल्मों के बारे में जिनमें किंग खान की परफॉर्मेंस ने लोगों के दिल जीत लिया था।
इन 5 फिल्मों के लिए शाहरुख खान डिजर्व करते थे राष्ट्रीय पुरस्कार
1. दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995)
फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' ने शाहरुख खान को 'रॉमांस का किंग' बना दिया था। राज और सिमरन की प्रेम कहानी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। शाहरुख की सादगी, संवाद अदायगी और एक्सप्रेशन इस फिल्म की जान थे। फिल्म की ऐतिहासिक सफलता के बावजूद, उन्हें इस परफॉर्मेंस के लिए नेशनल अवॉर्ड नहीं मिलना जो कि हैरान करता है।
2. चक दे! इंडिया (2007)
'कोच कबीर खान' के किरदार में शाहरुख खान ने देशभक्ति, इमोशन और स्ट्रगल को जिस तरह परदे पर उतारा था, वह किसी क्लासिक से कम नहीं था। महिला हॉकी टीम की जीत और उनके पीछे खड़े एक प्रेरणादायक कोच की कहानी 'चक दे! इंडिया' को शाहरुख खान ने अपने अभिनय से जीवंत कर दिया था। ये रोल नेशनल अवॉर्ड के लिए परफेक्ट था।
3. देवदास (2002)
बिमल रॉय की क्लासिक कहानी पर बनी भव्य फिल्म देवदास में शाहरुख खान ने देवदास की पीड़ा, उसका प्रेम और आत्मविनाश का रूप बेहद गहराई से निभाया था। फिल्म में उनका अभिनय हर शॉट में प्रभाव छोड़ता है। 'देव बाबू' के उनके अवतार ने न सिर्फ पारो और चंद्रमुखी का, बल्कि सभी दर्शकों का दिल जीत लिया था।
4. वीर-जारा (2004)
भारत-पाकिस्तान की प्रेम कहानी वीर-जारा में 'वीर प्रताप सिंह' का किरदार निभाने वाले शाहरुख खान ने सच्चे प्रेम, त्याग और सहिष्णुता की मिसाल पेश की थी। फिल्म में उनकी सादगी, आंखों की गहराई और शांत लेकिन मजबूत व्यक्तित्व देखकर हर दर्शक भावुक हो गया था। 'वीर-जारा' सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, एक सांस्कृतिक पुल थी और शाहरुख खान उसके मजबूत स्तंभ थे।
5. स्वदेस (2004)
एक एनआरआई साइंटिस्ट का अपनी मिट्टी से जुड़ने का सफर... 'मोहन भार्गव' के रोल में शाहरुख ने न सिर्फ एक किरदार निभाया, बल्कि देश की आत्मा को पर्दे पर उतारा था। इस फिल्म में उन्होंने अपने अभिनय से ये दिखाया था कि सादगी में भी शक्ति होती है। ये रोल आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर करता है कि असली सफलता क्या होती है।
शाहरुख खान की कड़ी मेहनत और उसके बाद की सफलता
भले ही शाहरुख खान को फिल्म 'जवान' के लिए उनका पहला नेशनल अवॉर्ड मिला हो, लेकिन ये सच्चाई भी सामने है कि उन्होंने इससे पहले भी कई फिल्मों में राष्ट्रीय सम्मान के काबिल अभिनय किया था। बहरहाल, देर से ही सही, पर उन्हें जो सम्मान मिला है, वो उनके विशाल टैलेंट और दशकों की मेहनत का प्रमाण है।












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