रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी के बाद सलमान खान ने लिया यू-टर्न
Salman Khan Take U-Turn: सलमान खान की फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' की शूटिंग अब फाइनली शुरू हो गई है। सेट से सलमान खान की फोटो भी आई थी। जिसके बाद उनका लुक भी रिवील हो गया था। इस फिल्म शूटिंग के शुरू होने में काफी दिक्कत आई हैं। इसकी शूटिंग शुरू करने के लिए सलमान खान रक्षा मंत्री से भी मिलना पड़ा था।
बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान खान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। फिल्म की शूटिंग में परेशानियां आ रही थीं। इसको लेकर उन्होंने चर्चा की। जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनको हिदयात दी है। जिसके बाद ये सवाल ये उठ रहा है कि सलमान खान अपनी फिल्म कहानी में कुछ बदलाव कर रहे हैं या नहीं?

सलमान खान को हिदायत देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि फिल्म की कहानी में किसी भी तरह से चीन को बदनाम न किया जाए। क्योंकि इन दिनों भारत और चीन के ग्लोबल लेवल पर रिश्ते अच्छे हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच अब रिश्तों में सुधार भी आ रहा है। रिपोर्ट्स में बताया गया कि सलमान ने भी रक्षा मंत्री को विश्वास दिलाया कि कहानी में सिर्फ भारतीय सेना का गौरव दिखाया जाएगा। फिल्म किसी भी एंगल से एंटी चाइना नहीं रहेगी। बता दें, फिल्म 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प पर आधारित बताई जा रही थी। इसमें चीन और भारत की सेना की झड़प हुई थी, जिसमें कई सैनिक शहीद हुए थे। ऐसे में सलमान के अब अपनी कहानी में कितना बदलाव करते हैं। अगर फिल्म एंटी चाइना नहीं होगी, तो क्या सलमान तथ्य में भी फेरबदल करेंगे? इस तरह के कुछ सवाल हैं? जिनके जवाब ऑफिशियली कब मिलते हैं, ये भी देखने वाली बात होगी।
बता दें, सलमान इस फिल्म में शहीद कर्नल बी संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। जो इस झड़प में शहीद हुए थे। कर्नल बी संतोष बाबू (महावीर चक्र) 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे। कर्नल बाबू 2020 में चीन-भारत झड़प के दौरान कार्रवाई में शहीद हुए थे। उनका जन्म 1982 में सूर्यापेट तेलंगाना में हुआ था। उनके पिता एक बैंकर और मां होममेकर थीं। उनकी शुरुआती पढ़ाई कोरुकोंडा स्थित सैनिक स्कूल में हुई। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग पुणे की नेशनल डिफेंस अकेडमी से पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी से की। कर्नल बाबू ने साल 2004 में आर्मी जॉइन की। उनकी पोस्टिंग कश्मीर में हुई। 2019 में संतोष बाबू को प्रमोट कर कर्नल बना दिया। 15 साल की सर्विस के दौरान कर्नल बाबू की तैनाती कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और चाइना बॉर्डर पर रही। साल 2007 में उन्होंने इंडिया-पाकिस्तान बॉर्डर पर आर्मी ऑपरेशन के दौरान तीन घुसपैठियों को मार गिराया था।












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