सलमान खान फिल्म्स ने रिलीज किया यूलिया वंतूर का गाना, अरिजीत सिंह ने दी है आवाज
अरिजीत सिंह: भारतीय संगीत जगत का ऐसा नाम जो अपनी आवाज़ से सीधे दिल को छूता है। उनकी अपार लोकप्रियता के बावजूद, अरिजीत अपनी विनम्रता, सुर्खियों से दूरी और संगीत के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार संगीत से विराम लेने की इच्छा जताई, जिससे प्रशंसक पूछते हैं कि यह आवाज़ खामोशी क्यों चुनती है।

लेकिन जब संगीत उन्हें पुकारता है, तो अरिजीत उसे अनसुना नहीं करते। उनके इसी संगीत प्रेम की मिसाल है निर्देशक जो राजन की शॉर्ट फिल्म 'इकोज़ ऑफ अस' और इसका सरप्राइज डुएट 'तेरे संग'। अरिजीत सिंह और यूलिया वंतूर द्वारा गाए इस गीत ने सोशल मीडिया पर धूम मचाई, श्रोताओं को सुखद आश्चर्य में डालते हुए।
निर्देशक जो राजन ने इस खास सहयोग की कहानी बयां की। राजन, अरिजीत सिंह को "सोने जैसे दिल का इंसान" और "गायकी का भगवान" यूं ही नहीं कहते। उन्होंने साझा किया कि 'इकोज़ ऑफ अस' के लिए एक गाना यूलिया वंतूर का सोलो ट्रैक था। तभी विचार आया, "अगर यह डुएट बन जाए तो?"
राजन इसे किसी जादू से कम नहीं मानते। उन्होंने बताया, "जब यह गाना अरिजीत को भेजा गया, तो वे तुरंत उससे जुड़ गए। उन्होंने न सिर्फ इसे गाने के लिए हामी भरी, बल्कि बेहद सादगी से हमें कोलकाता के जियागंज स्थित अपने घर भी बुलाया - एक ऐसी जगह जहां विनम्रता सचमुच बसती है। उनकी गर्मजोशी, सादगी और जिस तरह से उन्होंने हर कदम पर यूलिया का मार्गदर्शन किया, वह किसी आशीर्वाद से कम नहीं था।"
राजन इस सहयोग को याद करते हुए बताते हैं, "संगीत ही अरिजीत की पूरी दुनिया है। वे शोहरत के पीछे नहीं भागते, वे कला के लिए जीते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "कोई ऐसा इंसान आखिर क्यों एक शॉर्ट फिल्म के लिए अपनी आवाज़ देगा, यूलिया के साथ मंच साझा करेगा और दीपक तिजोरी जैसे कलाकार के साथ वर्षों बाद किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनेगा? यही तो अरिजीत हैं।"
सादगी को अपनी ढाल बनाकर, अरिजीत आज भी अपना अधिकांश समय उसी पैतृक गाँव में बिताते हैं जहाँ वे पले-बढ़े। अपने प्रियजनों संग शांत जीवन जीते हुए संगीत को ही अपनी पहचान बनने देते हैं। 'सलमान खान फिल्म्स म्यूज़िक' के तहत रिलीज़ और 'सोनी म्यूज़िक इंडिया' द्वारा वितरित गीत 'तेरे संग' ने जबरदस्त जन प्रतिक्रिया बटोरी है। दो मिलियन से अधिक व्यूज़ के साथ, श्रोताओं ने अरिजीत सिंह और यूलिया वंतूर की आवाज़ों के भावनात्मक मेल की जमकर सराहना की है।
अरिजीत सिंह द्वारा सेवानिवृत्ति की बातों के बावजूद, 'तेरे संग' को मिल रहा यह स्नेह प्रशंसकों और सहयोगियों की ओर से एक स्पष्ट संदेश है। जैसा कि जो राजन कहते हैं, "अगर यही रिटायरमेंट है, तो संगीत उन्हें कभी जाने नहीं देगा। अरिजीत के लिए हमारा बस एक ही संदेश है - कृपया रिटायर मत होइए।"












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