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Salman Khan In Trouble: ब्लैकबक के बाद एक नए केस में फंसे सलमान! अब कोटा कोर्ट के क्यों काटने पड़ेंगे चक्कर?

Salman Khan In Trouble: बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हिरण शिकार कांड (ब्लैकबक केस) के बाद अब एक नया केस उन्हें परेशान कर रहा है। राजस्थान की कोटा उपभोक्ता अदालत ने 26 दिसंबर 2025 को सलमान को बड़ा झटका दिया। खास बात यह है कि 27 दिसंबर को सलमान अपने 60वें जन्मदिन (Salman Khan Birthday) पर 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर जारी करने वाले हैं, लेकिन उससे पहले ही सलमान के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।

कोर्ट ने पान मसाला के 'भ्रामक विज्ञापन' मामले में सलमान के हस्ताक्षर की फोरेंसिक जांच (FSL टेस्ट) का आदेश दिया और उन्हें 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा। साथ ही उनके नोटरी वकील को भी बुलाया गया। यह केस '5 रुपये के पान मसाला में केसर कैसे?' पर आधारित है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सलमान और कंपनी जनता को गुमराह कर रहे हैं। आइए, समझते हैं पूरा मामला, कोर्ट का फैसला, आरोप और सलमान की मुश्किलें क्यों बढ़ रही हैं...

Salman Khan

Kesar Wala Paan Masala Case: मामला क्या है- 'केसर वाला पान मसाला' का भ्रामक विज्ञापन

केस की शुरुआत 15 अक्टूबर 2025 से हुई। भाजपा नेता और एडवोकेट इंद्र मोहन सिंह हनी ने कोटा उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है- सलमान खान राजश्री पान मसाला के ब्रांड एम्बेसडर हैं। विज्ञापन में 'केसर-युक्त इलायची' और 'केसर वाला पान मसाला' दिखाया जाता है। हनी का तर्क है कि असली केसर की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलो है। 5 रुपये के पाउच में केसर कैसे डाला जा सकता है? यह जनता को गुमराह करना है।

दूसरा आरोप हनी का है- ऐसे विज्ञापन युवाओं को पान मसाला की लत लगाते हैं, जिससे कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। सलमान जैसे स्टार का चेहरा इस्तेमाल कर कंपनी फायदा उठा रही है। हनी ने कहा कि यह भ्रामक विज्ञापन है। युवा आकर्षित होकर गुटखा-पान मसाला खाने लगते हैं, स्वास्थ्य बिगड़ता है।

Salman Khan Fake Signature: कोटा कोर्ट का फैसला- हस्ताक्षर पर शक, FSL जांच और पेशी

9 दिसंबर की सुनवाई में हनी ने सलमान के 'पावर ऑफ अटॉर्नी' और जवाब पर हस्ताक्षर पर आपत्ति जताई। दावा किया कि हस्ताक्षर असली नहीं, किसी और ने किए हैं। 26 दिसंबर को कोर्ट ने हस्ताक्षर की FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) जांच का आदेश दिया। सलमान को 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत पेशी के लिए समन जारी। नोटरी वकील आर सी चौबे को भी बुलाया, जिन्होंने पावर ऑफ अटॉर्नी नोटरी किया। हनी ने कहा कि यह ऐतिहासिक फैसला है। कोर्ट ने तकनीकी धोखाधड़ी का संज्ञान लिया। कोर्ट ने माना कि हस्ताक्षर पर शक गंभीर है, इसलिए जांच जरूरी।

Salman Khan Blackbuck Case: सलमान की मुश्किलें- हिरण कांड से नया केस तक

सलमान लंबे समय से कानूनी पचड़ों में फंसे हैं:-

  • ब्लैकबक केस (1998): जोधपुर में हिरण शिकार। 2018 में 5 साल सजा, लेकिन बेल मिली। अपील चल रही।
  • हिट एंड रन (2002): मुंबई में फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कार से कुचला। लंबी लड़ाई के बाद बरी।
  • अब पान मसाला केस: उपभोक्ता अदालत में पहली बार व्यक्तिगत पेशी। अगर हस्ताक्षर फेक साबित हुए तो बड़ा झटका।

सलमान के वकील अक्सर पावर ऑफ अटॉर्नी से जवाब दाखिल करते हैं, लेकिन अब कोर्ट ने व्यक्तिगत पेशी अनिवार्य की।

याचिकाकर्ता हनी का स्टैंड: 'गलत मिसाल नहीं बनने दूंगा'

भाजपा नेता और एडवोकेट इंद्र मोहन सिंह हनी (Indra Mohan Singh Honey) ने कहा कि सलमान जैसे स्टार भ्रामक विज्ञापन से युवाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। ताकतवरों को जवाबदेह बनाना है। FSL जांच से सच सामने आएगा। हनी ने स्वास्थ्य जागरूकता के लिए यह केस लड़ रहे हैं।

आगे क्या: 20 जनवरी की सुनवाई अहम

20 जनवरी को सलमान को कोटा कोर्ट में पेश होना होगा। FSL रिपोर्ट आएगी। अगर हस्ताक्षर फेक साबित हुए तो केस मजबूत होगा। सलमान के वकील अपील कर सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत पेशी से बचना मुश्किल। क्या कोर्ट में पेश होंगे सलमान? या अपील करेंगे? यह देखना दिलचस्प होगा। आपका क्या विचार है? कमेंट्स में बताएं!

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