'गलवान घाटी' फिल्म के लिए सलमान खान ने शुरू की ट्रेनिंग, बॉडी और लुक्स के अलावा इस चीज पर कर रहे मेहनत
Salman Khan: सलमान खान अपनी नई फिल्म पर काम शुरू कर चुके हैं। इस बार वो फिल्ममेकर अपूर्व लाखिया के साथ काम करने वाले हैं। दोनों गलवान घाटी संघर्ष पर फिल्म बना रहे हैं। खबरों के मुताबिक इस साल जुलाई में इसकी शूटिंग शुरू होगी। सलमान अपने करियर में पहली बार आर्मी अफसर का किरदार निभाएंगे। फिल्म में सलमान शहीद कर्नल बी संतोष बाबू (महावीर चक्र) के किरदार में नजर आएंगे। कर्नल बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे। वे बाबू 2020 में चीन-भारत झड़प के दौरान कार्रवाई में शहीद हुए थे।
अब खबरें हैं कि सलमान खान इस फिल्म के लिए कठिन ट्रेनिंग से गुजर रहे हैं। वो इसलिए क्योंकि फिल्म की शूटिंग लद्दाख में होना है। ऐसे में वहां सामान्य से थोड़ा विपरीत परिस्थितियां होंगी। इसके लिए सलमान अपनी तैयारी पहले से कर रहे हैं।

सोर्स के हवाले से बॉलीवुड हंगामा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, सलमान खान की अपनी फिल्म की लेह जैसे इलाके में शूट करने वाले हैं। इस इलाके में शूट करने मुश्किल होता है। फिल्म में वो कर्नल बी संतोष बाबू जैसे वीर जवान का किरदार करना बहुत डिमांडिंग है। शारीरिक रूप से फिट रहना भी चैलेंजिंग है। सलमान खान इस फिल्म के लिए कठिन मेहनत कर रहे हैं। सलमान देश की वर्दी पहनने के लिए अपने कंधे मजबूत नहीं कर रहे हैं। वो जिस जिम्मेदारी को उठा रहे हैं, उसके लिए भी तैयारी कर रहे हैं। इस बार उनके हाथ में AK-47 दिखेगी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान सांस लेने में दिक्कत होगी। क्योंकि यहां लंबे समय तक पहाड़ी में शूट करना है। सलमान अपनी परफॉर्मेंस से देश के हीरो को श्रद्धांजलि देने की भी कोशिश करेंगे।
रिपोर्ट में आगे बताया गया, सलमान भी पूरे दिल से इस रोल निभाना चाहते हैं। क्योंकि कर्नल बाबू का किरदार सिर्फ बॉडी और लुक से नहीं निभा सकते हैं। ये बात सलमान भी जानते हैं। इसलिए वो बड़ी जिम्मेदारी से सैनिक के सम्मान के लिए ट्रेनिंग कर रहे हैं। ताकि कैमरे के सामने अच्छे से उन्हें पेश कर सकें।
बता दें, शहीद कर्नल बी संतोष बाबू (महावीर चक्र) 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे। कर्नल बाबू 2020 में चीन-भारत झड़प के दौरान कार्रवाई में शहीद हुए थे। उनका जन्म 1982 में सूर्यापेट तेलंगाना में हुआ था। उनके पिता एक बैंकर और मां होममेकर थीं। उनकी शुरुआती पढ़ाई कोरुकोंडा स्थित सैनिक स्कूल में हुई। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग पुणे की नेशनल डिफेंस अकेडमी से पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी से की। कर्नल बाबू ने साल 2004 में आर्मी जॉइन की। उनकी पोस्टिंग कश्मीर में हुई। 2019 में संतोष बाबू को प्रमोट कर कर्नल बना दिया। 15 साल की सर्विस के दौरान कर्नल बाबू की तैनाती कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और चाइना बॉर्डर पर रही। साल 2007 में उन्होंने इंडिया-पाकिस्तान बॉर्डर पर आर्मी ऑपरेशन के दौरान तीन घुसपैठियों को मार गिराया था।












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