शेर की तरह चलकर बिल्डिंग के अंदर घुसे सैफ अली खान, मुस्कुरा कर फैंस को बताई फिटनेस
Saif Ali Khan discharged from hospital looks completely fit: 6 दिन बाद सैफ अली खान को लीलावती अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्हें अस्पताल से लेने बेटी सारा अली खान, पत्नी करीना कपूर खान और मां शर्मिला टैगोर पहुंची थी। सैफ जब अस्पताल से निकले तो वो अपने उसी स्वैग भरे हुए अंदाज में नजर आए। गौर करने वाली बात ये है कि सैफ खुद अपनी गाड़ी से उतरकर बिल्डिंग के अंदर जाते हुए दिखे। उन्होंने किसी तरह का सपोर्ट नहीं लिया था। इस दौरान सैफ ने सफेद शर्ट और डेनिम जींस पहनी थी।
उनकी आंखों को काला चश्मा था। बस हाथ में बैंडज दिखाई दे रहा है। अस्पताल से निकलने के बाद वो पूरी तरह से फिट दिख रहे थे। उन्होंने अपने फैंस और पैपराजी को हाथ हिलाकर अभिवादन करते हुए भी नजर आए। साथ ही उन्होंने इशारे से बताया कि वो फिट हैं। बता दें, सैफ को एक चाकू रीढ की हड्डी से महज कुछ ही दूर लगा था। बावजूद इसके वो पूरी तरह से फिट हैं। उन्हें वापस पुराने अंदाज में देख फैंस भी काफी खुश हैं।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक सैफ अली खान के घर की सिक्योरिटी में कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। उनके घर में सीसीटीवी कैमरे और खिड़कियों में ग्रिल लगवाई जा रही हैं। बिल्डिंग के बाहर बॉडीगार्ड्स और मुंबई पुलिस के जवान भी मौजूद हैं। इसके अलावा बिल्डिंग के बार बैरिकेड्स भी लग रहे हैं। ख़ैर, डॉक्टर्स ने सैफ को एक हफ्ते तक पूरी तरह से बेड रेस्ट करने की सलाह दी है। साथ ही किसी ने ना मिलने की भी सलाह दी है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार का इंफेक्शन ना हो।
सैफ के घर चोरी के इरादे के घुसे शरीफुल इस्लाम शहजाद को गिरफ्तार कर लिया है। उसी ने सैफ पर चाकू से हमला किया था। ये आरोपी बांग्लादेश का निवासी है, जो पिछले कुछ महीने से मुंबई में रह रहा था। शरीफुल ने भारत में आने के बाद अपना नाम बदल लिया था। ये यहां बिजय दास बनकर रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को एक UPI ट्रांजेक्शन से पकड़ा है। इस ट्रांजेक्शन की वजह से पुलिस को उसका नंबर मिला। इसके बाद जब उन्होंने नंबर ट्रेस किया तो शहजाद की लोकेशन पता चली। शहजाद जो सिम कार्ड इस्तेमाल कर रहा था वो पश्चिम बंगाल के खुकुमोनी जहांगीर सेख के नाम से रजिस्टर्ड था।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी शहजाद ने पुलिस को बताया कि उसने 12वीं कक्षा तक बांग्लादेश में पढ़ाई की। भारत वो नौकरी की तलाश में आया था। उसने भारत में प्रवेश करने के लिए मेघालय में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित डावकी नदी को पार करने का दावा किया। यहां वह कथित तौर पर बिजॉय दास की फर्जी पहचान से गया था। बंगाल में कुछ सप्ताह बिताने के बाद, वह रोजगार के अवसर की तलाश में मुंबई आया। शहजाद ने जानबूझकर ऐसी जगहें चुनीं जहां वह बिना कोई दस्तावेज जमा किए काम कर सके। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अमित पांडे नाम के एक श्रमिक ठेकेदार ने ठाणे और वर्ली क्षेत्र में पब और होटलों में हाउसकीपिंग का काम दिलाने में शहजाद की मदद की।












Click it and Unblock the Notifications