Prem Sagar :'चरस' बनाने वाले ने क्यों बनाई Ramayan? सालों बाद प्रेम सागर ने खोला था राज
Prem Sagar on Ramayan: आज ऐतिहासिक शो 'रामायण' बनाने वाले रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर का 84 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। उनके निधन पर टीवी और फिल्म जगत में शोक फैल गया है। आपको बता दें कि मस्तमौला मिजाज और क्रिएटिव अंदाज के लिए मशहूर प्रेम सागर ने सालों बाद 'रामायण' की सक्सेस स्टोरी के बारे में ऐसी बात बताई थी, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया था।
दरअसल ये बात साल 2021 की है, जब प्रेम सागर, 'रामायण' की टीम के साथ (राम, लक्ष्मण और सीता) कपिल शर्मा के शो में पहुंचे थे। इस शो में प्रेम सागर ने 'अन एपिक लाइक ऑफ रामानंद सागर फ्रॉम बरसात टू रामायण' किताब का जिक्र भी किया, जिसमें रामानंद सागर की पूरी लाइफ हिस्ट्री थी।

उन्होंने अपने और पिता की जर्नी और काम के बारे में बताया था। 'रामायण' बनाने से पहले रामानंद सागर एक से एक सुपरहिट हिंदी फिल्में दी थी लेकिन टीवी की दुनिया में वो इतिहास रच देंगे ये किसी ने नहीं सोचा था।
धर्मेंद्र-हेमा के साथ फिल्म 'चरस' बना रहे थे (Prem Sagar)
प्रेम सागर ने कहा था कि 'बात साल 1976 की है, पापा उन दिनों धर्मेंद्र और हेमा मालिनी जी के साथ फिल्म 'चरस' की शूटिंग कर रहे थे, हम पूरे परिवार के साथ स्विट्जरलैंड में थे, शूटिंग के दौरान हम सभी वहां के एक कैफे हाउस में गए थे, वहां पर कुछ चीजें आर्डर की और खाना आने का इंतजार करने लगे, ऐसे में वहां एक फूड सर्व करने वाला व्यक्ति आया और उसने हमारे सामने एक बॉक्स रख दिया, जिसमें सामने लकड़ी के दो पल्ले लगे थे, उसने उन्हें खोला और स्विचऑन करके चला गया।'
'अब मैं मैं टेलीविजन इंडस्ट्री में आ रहा हूं' (Prem Sagar)
'हम सब हैरान रह गए उसमें सिनेमा चल रहा था, दरअसल वो कलर टीवी था, जो कि हमने पहले नहीं देखा था। पापा ने तुरंत कहा कि अब मैं फिल्में नहीं बनाऊंगा, अब मैं मैं टेलीविजन इंडस्ट्री में आ रहा हूं, मैं लोगों को श्री राम की कहानी से अवगत कराऊंगा और तब उन्होंने रामायण बनाने के बारे में पहली बार सोचा था।'

'Ramayan' ने लिखा सफलता का इतिहास (Prem Sagar)
गौरतलब है कि 'रामायण' का प्रसारण जनवरी 1987 से जुलाई 1988 तक हुआ था, इसने सफलता का ऐसा इतिहास लिखा है, जिसके बारे में किसी ने कभी कल्पना नहीं की थी।
'Ramayan' की सफलता अभूतपूर्व
कोविड के दौरान फिर से से 'रामायण' का प्रसारण दूरदर्शन पर दिखाया गया और इसने फिर से सक्सेस की ऐसी कहानी लिखी, जहां पहुंचना भी असंभव है। इस सफलता का आलम ये है कि आज भी अरुण गोविल और दीपिका को लोग असल जीवन के राम-सीता समझते हैं। दौर बदला लेकिन ये शो आज भी उतना प्रासंगिक है जितना उस वक्त था, जिस समय इसका निर्माण हुआ था।












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