Pankaj Tripathi Birthday: जेल में सात दिन गुजारकर बदल गए थे पंकज त्रिपाठी, कुक की भी कर चुके हैं नौकरी
एक वक्त था, जब पंकज त्रिपाठी को जेल की हवा तक खानी पड़ी थी। इसके साथ ही एक्टर ने एक वक्त पर होटल में कुक की नौकरी भी की है।
मुंबई, 5 सितंबर: पंकज त्रिपाठी बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता हैं। फैंस के फेवरेट पंकज आज अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपनी एक्टिंग के दम पर उन्होंने इंडस्ट्री में काफी अच्छा मुकाम हासिल किया है। पंकज त्रिपाठी की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जिनके बारे में शायद ही किसी को पता हो। इन्हीं किस्सों में से एक है, जब पंकज को जेल की हवा तक खानी पड़ी थी। जी हां! इतना ही नहीं, पंकज त्रिपाठी एक वक्त पर होटल में कुक की नौकरी तक कर चुके हैं। बेहद साधारण परिवार से आने वाले पंकज ने अपने बचपन के दिनों में बेहद मुश्किल वक्त देखा है और आज वे बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर्स की लिस्ट में शुमार हैं।
Recommended Video

46वां जन्मदिन मना रहे पंकज
अपनी दमदार एक्टिंग से फैंस के दिलों में छा जाने वाले पंकज त्रिपाठी आज अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। मिर्जापुर के कालीन भईया का किरदार निभाकर पंकज ने अपना अलग ही फैन बेस बनाया है। इतना ही नहीं, पंकज अपने हर फिल्म के किरदार में अपनी बेहतरीन एक्टिंग से जान डाल देते हैं।

जब खानी पड़ी जेल की हवा
पीटीआई की खबर के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी जब मगध यू्निवर्सिटी में थे, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी से जुड़े थे। इस दौरान उन्हें जेल की हवा तक खानी पड़ी थी। इसका कारण सरकार के खिलाफ आवाज उठाना था। पटना की जेल का अपना अनुभव शेयर करते हुए पंकज ने बताया कि जेल में आपके पास करने के लिए कुछ नहीं होता। कोई मुलाकात नहीं, कुकिंग नहीं, कुछ भी नहीं।

बदल गए थे पंकज
पंकज आगे बताते हैं कि जब इंसान एकदम अकेला होता है तो वो खुद की खोज करता है। मैंने उन सात दिनों में खुद को ढूंढना शुरू किया। जब मैंने हिंदी लिट्रेचर पढ़ना शुरू किया तो मुझे पता चला कि इसने मेरी जिंदगी ही बदल डाली।

घर में सुविधाओं का था अभाव
पंकज त्रिपाठी का जन्म 5 सितंबर 1976 को एक हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था। एक्टर ऐसे गांव से आते थे, जहां मूलभूत सुविधाओं तक का अभाव था। ऐसे में पंकज शुरुआत से ही खेती और पंडिताई में अपने पिता का हाथ बंटाते थे।

बचपन में लड़की बनकर करते थे एक्टिंग
पंकज को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। इस बात का सबूत गांव के नाटकों में उनका लड़की बनकर एक्टिंग शुरू करना था। उनकी एक्टिंग देखकर गांव के लोगों ने उन्हें बॉलीवुड में जाने की सलाह दे डाली। और फिर यहीं से उनका बॉलीवुड करियर शुरू होता चला गया।

होटल में की कुक की नौकरी
पंकज त्रिपाठी ने कुछ वक्त तक एक होटल में कुक की नौकरी भी की। ये नौकरी करते हुए एक्टर थिएटर में भी एक्टिव रहे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली का रुख कर लिया और वहां जाकर अपने सपनों को पंख देने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ज्वाइन कर लिया।












Click it and Unblock the Notifications