Oscar 2024: जानें क्या है अकादमी पुरस्कार का इतिहास, कब और कैसे हुई थी 'ऑस्कर' की शुरुआत
Oscar 2024: ऑस्कर अवॉर्ड दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। इस बार लॉस एंजलिस में 96वें अकादमी पुरस्कार का आयोजन रखा गया है। इस समारोह को भारत में आगामी 11 मार्च 2024 की सुबह 4 बजे से ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी पलास हॉटस्टार पर लाइव देखा जा सकेगा।
ऑस्कर अवॉर्ड का इतिहास 96 साल पुराना
आपको बता दें कि ऑस्कर अवॉर्ड का इतिहास 96 साल पुराना है जिसकी शुरुआत 1929 में हुई थी। पहले के समय में ऑस्कर में विनर सिलेक्शन का प्रोसेस बहुत ही दिलचस्प होता था क्योंकि तब ज्यूरी मैंबर्स ही विनर का नाम तय करते थे और उस नाम को ब्रीफकेस में बंद कर दिया जाता था।

कब और कैसे हुई थी 'ऑस्कर' की शुरुआत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1927 में अमेरिका के एमजीएम स्टूडियो के मालिक लुईस बी मेयर ने सबसे पहले इस अवॉर्ड के बारे में सोचा था। उनके दिमाग में आया कि क्यों न एक ग्रुप बनाया जाए जिसमें पूरी फिल्म इंडस्ट्री को फायदा मिल सके। इस पर उन्होंने अपने साथ काम करने वाले और दोस्तों को बुलाकर एक मीटिंग की जिसमें डायरेक्टर फ्रैड निबलो, फिल्ममेकर फीड बिटसोन और एक्टर कॉनरेड नागेल शामिल हुए थे।
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अकादमी पुरस्कार का प्रेसिडेंट
मीटिंग में शामिल सभी लोगों को ये आइडिया काफी पसंद आया था और बाद में एक होटल में हॉलीवुड के 36 टॉप पर्सनैलिटी को बुलाया गया था। सबके सामने ये आडिया रखते हुए 'अकादमी पुरस्कार' उर्फ एकेडमी अवॉर्ड नाम बताया गया, जिसे सभी ने पसंद किया था। मार्च 1927 को हॉलीवुड एक्टर-प्रोड्यूसर डगलस फेयरबैंक्स को अकादमी पुरस्कार का प्रेसिडेंट बनाया गया था।
एमजीएम स्टूडियो के आर्ट डायरेक्टर ने बनाई थी मूर्ति
इसके बाद ये सोचा गया कि सम्मान पाने वाले को क्या दिए जाए जिसमें काफी बहस होने के बाद तय हुआ कि एक ट्रॉफी दी जाए जिसे अलग तरह से डिजाइन किया जाएगा। एक डिजाइन फाइनल हुआ जिसमें हाथ में तलवार लिए एक वॉरियर खड़ा होगा। इस मूर्ति को बनाने की जिम्मेदारी एमजीएम स्टूडियो के आर्ट डायरेक्टर केड्रिक गिबोन्स को मिली थी।
कैसे तैयार की गई ऑस्कर की ट्रॉफी
ऑस्कर की ट्रॉफी 13 इंच लंबी और 8.85 किलो की बनाई गई थी जिसमें 92.5 प्रतिशत टिन और 7.5 प्रतिशत तांबा लगाया गया था। आखिर में सोने की परत चढ़ाई गई थी। एक ऑस्कर ट्रॉफी को बनाने में 400 डॉलर यानी लगभग 33 हजार 77 रुपये का खर्च आया था।
कब हुआ पहला ऑस्कर अवॉर्ड इवेंट
16 मई 1929 को पहला अकादमी पुरस्कार (Academy Awards) आयोजित हुआ था जिसमें करीब 270 हॉलीवुड सेलिब्रिटीज शामिल हुए थे। इन सभी सेलेब्स को हॉलीवुड रूजवेल्ट होटल के ब्लॉसम रूम में आने के लिए इनविटेशन भेजा गया था। यहीं पर पहला ऑस्कर इवेंट हुआ था जिसमें कोई दर्शक नहीं थे और ये फंक्शन 15 मिनट में ही खत्म हो गया था। ये इवेंट पेड था जिसमें 5 डॉलर का एक टिकट बेचा गया था।
एक डॉग को कैसे मिली थी ऑस्कर की पहली दावेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला ऑस्कर जर्मन एक्टर एमिल जेनिंग्स ने जीता था, हालांकि ये अवॉर्ड के पहले दावेदार नहीं माने जाते हैं। ये अवॉर्ड जर्मन शेफर्ड नस्ल के एक डॉग के लिए था जिसका नाम टिन टिन बताया गया था। इस डॉग को फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के समय फ्रांस में रेस्क्यू किया गया था। बाद में उस डॉग ने हॉलीवुड की करीब 27 फिल्मों में काम किया था जिसमें से 4 फिल्म 1929 में ही रिलीज हो चुकी थीं।
बदल गया है ऑस्कर के विनर्स अनाउंस का तरीका
साल 1930 में दूसरा ऑस्कर अवॉर्ड हुआ था जिसे पहली बार रेडियो पर प्रसारित किया गया था। इसके बाद साल 1953 में पहली बार टीवी पर ऑस्कर अवॉर्ड्स दिखाए गए थे। अब करीब 200 देशों में इस अवॉर्ड सेरेमनी को लाइव दिखाया जाता है। साल 1939 में एकेडमी अवॉर्ड का नाम बदलकर ऑस्कर अवॉर्ड किया गया था लेकिन ऐसा करने की वजह आज तक सामने नहीं आ पाई है। साल 1929 में एकेडमी अवॉर्ड के विनर्स के नाम तीन महीने पहले विनर्स को भेज दिए गए थे।
विनर्स के नाम बंद लिफाफे से निकाले जाते हैं
लेकिन दूसरे इवेंट में फैसला हुआ कि विनर्स के नाम अवॉर्ड सेरेमनी की रात को करीब 11 बजे मीडिया के लिए जारी किए जाएंगे और ये सिलसिला साल 1941 तक चलाया गया। साल 1942 से नॉमिनेशन की लिस्ट से लेकर विनर्स के नाम बंद लिफाफे से निकाले जाते हैं। ये प्रचलन आज भी चल रहा है। फिल्मी जगत का 'ऑस्कर' को सबसे बड़ा सम्मान इसलिए माना जाता है क्योंकि यहीं से कलाकारों को सम्मान देने की शुरुआत की गई थी।












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