बनने के करीब 2 दशक बाद रिलीज हुई 'नाम', अजय देवगन ने लूटी महफिल
अजय देवगन की फिल्म 'नाम' 18 साल बाद फाइनली रिलीज हो गई है। इस फिल्म की कहानी की बात करें तो ये शेखर (अजय देवगन) की कहानी है। जिसकी याददाश्त जा चुकी है। ऐसे में उसे पुराना कुछ नहीं याद है लेकिन लोग उसे नहीं भूले हैं। शेखर को पकड़ने के लिए उसकी पुरानी जिंदगी के कुछ आते हैं और उसे मारने की कोशिश करते हैं। शेखर को पता लगता है कि वो एक पेशेवर कातिल था, जिसे कोई अमर कहता है तो कोई माइकल। ऐसे में अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में पता करने के लिए वो हिमाचल से मुंबई जाता है। इसके बाद क्या कुछ होता है, उसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी। फिल्म के आखिर में एक ट्विस्ट है।
अनीस बज्मी ने लिखे डायलॉग्स
'नाम' की कहानी और डायलॉग्स अच्छे हैं। फिल्म के डायरेक्टर अनीस बज्मी ने डायलॉग्स और स्क्रीनप्ले भी लिखा है। जिसमें उनका साथ हुमायुं मिर्जा ने दिया है। फिल्म में ऐसे कई छोटे-छोटे डायलॉग्स हैं, जो एक दम से क्लिक करते हैं। फिल्म तकनीकि तौर पर भी मजबूत है। फिल्म में कुछ कैमरा शॉट्स इम्प्रेस करते हैं। वहीं एडिटिंग भी ठीक है। किसी भी सीन को जबरदस्ती खींचा नहीं गया है। हालांकि, बैकग्राउंड स्कोर और म्यूजिक बेहतर हो सकता था लेकिन इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि अब वक्त काफी बदल गया है।

फिल्म में परफॉर्मेंस
अजय देवगन ने बतौर एक्टर फिल्म में जान डाली है और एक बार फिर वो अपनी आंखों से भी बातें करते दिखे हैं। फिल्म को इस तरह से लिखा और दिखाया गया है कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ अजय ही सब कुछ हैं। बल्कि बाकी एक्टर्स यानी समीरा रेड्डी, भूमिका चावला, राजपाल यादव, विजय राज और राहुल देव आदि भी अहम हैं और उनकी परफॉर्मेंस भी अच्छी है।
फिल्म में है एंटरटेनमेंट
कुल मिलाकर "नाम", एक वाइन की तरह साबित होगी, जो भले ही पुरानी है लेकिन मजा पूरा देती है। इस फिल्म को आप दोस्तों के साथ इंजॉय कर सकते हैं। हमारी तरफ से इसे साढ़े तीन स्टार्स।












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