Loveyapa Review: अच्छे मैसेज के बाद फिल्म में नहीं है दम, 'लवयापा' में जुनैद खान और खुशी की एक्टिंग का सियापा

फिल्म- लवयापा
कास्ट- जुनैद खान, खुशी कपूर, कीकू शारदा, आशुतोष राण और अवनिका
रेटिग- 2.5 स्टार्स

Movie Review Loveyapa: बॉलीवुड इन दिनों ने रीमेक दौर से गुजर रहा है। जनवरी में रिलीज हुई देवा भी इससे ग्रसित थी। असर हुआ कि फिल्म को खासा कम पसंद किया गया। लेकिन इस रीमेक दौर से ग्रसित बॉलीवुड की फिल्म लवयापा रिलीज हो गई है। ये फिल्म 2022 में आई तमिल फिल्म लव टुडे का हिंदी रीमेक है। इस फिल्म का हीरो कहानी था। कोई बड़ा स्टार लीड रोल में नहीं था। लव टुडे की खासियत थी कि अंडर रेटेड फिल्म ने 100 करोड़ रुपए की कमाई थी। जिसके बाद इसे हिंदी में लवयापा के नाम से बनाया गया। ख़ैर अब बात लवयापा और उसके रिव्यू की।

Movie Review Loveyapa

कहानी दिल्ली के गौरव और बानी की है। दोनों कपल हैं, एक दूसरे से प्यार करते हैं। लेकिन मुलाकात हुई इंस्ट्रग्राम पर, क्योंकि जेन जी हैं। दोनों अपने परिवारों से छुप-छुप कर अपने मिलते हैं। लंबे समय से डेट कर रहे हैं और अपने रिश्ते को आगे ले जाना चाहते हैं। ये दोनों इस मुगालते में रहते हैं कि एक-दूसरे को अच्छे और सबकुछ जानते हैं। बात शादी तक पहुंचती है, क्योंकि बानी के पिता उसे पकड़ लेते हैं। लेकिन वो शादी के पहले शर्त रखते हैं। बेटी बानी और गौरव एक दिन (24 घंटे) के लिए अपना फोन एक्सचेंज करें। इसके बाद दोनों की इच्छा शादी करने की रहेगी तो आगे बढ़ेंगे। नहीं तो बानी की शादी की गौरव की जगह किसी और से होगी। आगे क्या सियापा होता है, वो बताने पर स्पॉइलर माना जाएगा। इसलिए फिल्म देखना उचित होगा।

लवयापा की एक खासियत है कि ये खालिस रीमेक बनकर नहीं रह जाती है। इसमें थोड़ी सिंसिएरिटी है। आज के समय के प्रेम में सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी ने जिस हिसाब अपनी एंट्री पाई है, इसे अच्छे तरीके से दिखाया गया है। कुल मिलाकर फिल्म इस बात करो भी समझाने की कोशिश करती है कि 'भाई प्रेम में अब मिलावट आ चुकी है।' मेकर्स ने फिल्म में जो ब्रांड्स डील की हैं वो इतने बडे पैमाने दिखाई गई हैं, जैसे प्रोड्यूसर वहीं हों।

जुनैद इस महाराज के बाद पहली बार सिनेमा स्क्रीन पर आए हैं। लवयापा उनकी पहली थिएट्रिकल रिलीज है। महाराज में जितना अच्छा काम उन्होंने किया था। इस बार उतना ही बेकार काम यहां दिखा है। कई सीन में उनकी बॉडी बहुत ही स्टिफ नजर आई। एक्सप्रेशन भी सेम दिखे। कॉमिक सीन में भी थोड़े वो सीरियस ही लगे। जुनैद भले ही थिएटर की दुनिया से आए हैं, लेकिन यहां उनका वो एक्सपीरियंस बिल्कुल काम नहीं आ रहा। कुल मिलाकर कहें तो आमिर खान के बेटे को अभी खूब मेहनत करनी है। खुशी कपूर का भी यही हाल है। ये उनकी भी पहली थिएट्रिकल रिलीज फिल्म है। इसके पहले वो नेटफ्लिक्स की द आर्चीज में नजर आईं थी। उसमें उनके काम को भला और बुरा कहा गया। लेकिन उनमें जरा भी सुधार देखने को नहीं मिला है। इन दोनों से बेहतर काम कीकू शारदा और तनविका का है। आप फिल्म में इनके काम को खूब सराहेंगे।

डायरेक्टर अद्वैत चंदन और स्नेहा देसाई का काम ठीक ही है। लापाता लेडीज लिखने वाली स्नेहा यहां वो कमाल नहीं कर पाईं। हां वो अलग बात है कि फिल्म से थोड़ा सोशल मैसेज देने की स्नेहा ने भरपूर कोशिश की है। सिनेमैट्रोग्राफी और फिल्म का म्यूजिक भी बहुत औसत स्तर का है। अद्वैत का बतौर डायरेक्टर काम लाल सिंह चड्ढा में ठीक था। लेकिन उन्होंने ये फिल्म में क्या किया है ये शायद उन्हें ही नहीं पता होगा।

अंत में बात बस इतनी सी है कि शरीरिक रूप से मोटे इंसान को समाज किस तरह देखता है। मोबाइल और टेक्नोलॉजी से किस तरह इंसान पीड़ित है। इन सब चीजों को फिल्म दिखाने की कोशिश करती है। हालांकि अगर लवयापा में एक्टिंग थोड़ी अच्छी होती तो ये मजेदार बन पड़ती। लेकिन..... आप खुद फिल्म देखिए और अपनी राय बनाइए। मेरी बात यहीं तक।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+