Mamta Kulkarni को किसने दिए थे 2 लाख रुपये? क्या महाकुंभ 2025 में हुई थी कोई बड़ी प्लानिंग?
Mamta Kulkarni: बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी जबसे महाकुंभ 2025 में शामिल होने के लिए भारत लौटी हैं तब से वह खबरों में छाई हुई हैं। कुछ दिनों पहले ममता कुलकर्णी को महाकुंभ 2025 में किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद की उपाधि दी गई थी। हालांकि बाद में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था।
ममता कुलकर्णी की हो रही है चर्चा
इस घटना के ममता कुलकर्णी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह की बातें हो रही हैं। इस बीच एक्ट्रेस ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने खुद कहा है कि वो महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे रही हैं।

ममता कुलकर्णी ने शेयर किया वीडियो
ममता कुलकर्णी ने वीडियो में ये भी बताया है कि उन्हें 2 लाख रुपसे किसने दिए थे। ममता कुलकर्णी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में उन्होंने कहा है कि उनके महामंडलेश्वर बनने से जिन लोगों को आपत्ति हुई है, वह उनके बारे में कुछ भी नहीं बोलना चाहती हैं।
ममता कुलकर्णी ने बताया कि किसने दिए 2 लाख रुपए
ममता कुलकर्णी ने आगे कहा है- जब 2 लाख रुपए मांगे गए थे, तब महामंडलेश्वर जय अम्बानंद गिरि ने लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को अपने जेब से निकालकर 2 लाख रुपये दिए थे। इस वीडियो में एक्ट्रेस कह रही हैं- मैं महामंडलेश्वर या माई ममता नंदगिरी इस पद से इस्तीफा दे रही हूं। किन्नर अखाड़े में मुझे लेकर और महामंडलेश्वर की उपाधि घोषित करने को लेकर, जो परेशानी हो रही हैं वो मैं नहीं चाहती।
'25 साल से साध्वी हूं और मैं साध्वी ही रहूंगी'
-ममता कुलकर्णी ने कहा है- मैं एक साध्वी थी। 25 साल से साध्वी हूं और मैं साध्वी ही रहूंगी। ये महामंडलेश्वर का जो सम्मान मुझे दिया गया था, वो एक प्रकार का वो सम्मान होता है, जिसने 25 साल स्वीमिंग किया हो।
-एक्ट्रेस ने कहा- मुझे महामंडलेश्वर से ये कहना है कि आज के बाद तुम जो बच्चे आएंगे, उनको ज्ञान देती जाओ, इसलिए वो पदवी होती है, लेकिन ये कुछ लोगों के लिए आपत्तिजनक हो गया है। मैंने 25 साल तक तप किया, बॉलीवुड छोड़ दिया, मैं अपने-आप भारत से गायब रही, वरना मेकअप से और बॉलीवुड से इतना दूर कौन रहता है।
'मैंने 25 साल तक घोर तपस्या की है'
-ममता कुलकर्णी ने कहा- इन सब चीजों को देखकर अब मैं अब ये कहती हूं कि मेरे जो गुरु हैं, जिनके सानिध्य में मैंने 25 साल तक घोर तपस्या की है, उनका नाम है श्री चैतन्य गगनगिरी महाराज, उनकी बराबरी में मुझे कोई दिखता भी नहीं है। सब अंहकारी लोग हैं। एक-दूसरे से झगड़ रहे हैं। मेरे गुरु तो बहुत ऊंचे हैं।
-मुझे किसी कैलाश में जाने की जरूरत नहीं है। मुझे किसी मान सरोवर या हिमालय में जाने की जरूरत नहीं है। सब ब्रह्मांड मेरे सामने है। 25 साल से मैंने उनकी घोर तपस्या की है, लेकिन आज जिन लोगों को मेरे महामंडलेश्वर होने से परेशानी है, मैं उनके बारे में कम बोलूं तो बेहतर रहेगा।












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