महाभारत के 'श्रीकृष्ण' IAS पत्नी पर भड़के, स्मिता गाटे के दावों को किया खारिज, कहा- मेरी बेटियों की लाइफ....
Nitish Bharadwaj and Smita Gate: 'महाभारत' में भगवान कृष्ण का किरदार निभाकर लोगों के दिलों में एक अलग जगह बनाने वाले एक्टर नीतीश भारद्वाज की पर्सनल जिंदगी में इस समय काफी उथल-पुथल चल रही है। नीतीश भारद्वाज इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में छाए हुए हैं। वह अपनी पत्नी स्मिता भारद्वाज से अलग हो चुके हैं और बच्चों की कस्टडी के लिए कोर्ट में केस लड़ रहे हैं।
नीतीश ने पत्नी के दावों को किया खारिज
गत 20 फरवरी 2024 को नीतीश भारद्वाज की आईएएस पत्नी स्मिता गाटे ने अपने पति पर कई तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने ये तक कहा था कि पति नीतीश भारद्वाज बेटियों की परवरिश के लिए कोई पैसा नहीं देते हैं। वहीं अब एक इंटरव्यू में एक्टर ने अपनी पत्नी के दावों को खारिज कर दिया है। नीतीश भारद्वाज ने साफ कहा है कि बच्चों की कस्टडी उनकी मां स्मिता के पास नही हैं।

'स्मिता गाटे चारों तरफ झूठ फैला रही हैं'
ईटाइम्स से खास बातचीत में नीतीश भारद्वाज ने कहा कि उनकी पत्नी स्मिता गाटे उनसे अलग रहती हैं और इस समय वह चारों तरफ झूठ फैला रही हैं। नीतीश भारद्वाज ने कहा- मैंने अपने वीडियो में गत 23 मई 2023 का आदेश दिखाया है, जहां जज ने इस बात का जिक्र किया है कि कस्टडी का मामला अभी कोर्ट में पेंडिग है। किसी को भी अभी पर्मानेंट कस्टडी नहीं दी गई है। इस मामले को लेकर अभी बहस होना बाकी है। उसके बाद ही ये तय होगा कि बच्चों कि कस्टडी किसे मिलेगी।
बेटियों की कस्टडी के बारे में नीतीश ने किया खुलासा
नीतीश भारद्वाज ने बच्चों की कस्टडी की लड़ाई के बारे में बताया- जब तक कस्टडी का मामला सेटल नहीं हो जाता, तब तक मां जो स्थायी रूप से कस्टोडियल पैरेंट होती है, वो मुझे, में नॉन कस्टोडियल पैरेट हूं, उसे बच्चों के बारे में सबकुछ बताया जाए। इतना ही नहीं, स्मिता गाटे को कोर्ट को भी ये भी बताना होगा कि जब भी कस्टडी को लेकर लड़ाई होती है तो कानून के मुताबित, फैमिली कोर्ट ऑटोमैटिक ही बच्चे की पहली कस्टोडियल बन जाती है और फिर नॉन कस्टोडियल माता-पिता बन जाती है। स्मिता ने इस बारे में किसी को भी नहीं बताया है।
'बेटियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है'
नीतीश भारद्वाज ने बताया कि कैसे उनकी बेटियों की पढ़ाई और उनका निजी जीवन प्रभावित हो रहा है। नीतीश ने कहा- स्मिता बेटियों की पढ़ाई और उनके करियर से खिलवाड़ कर रही है। उनके भोपाल और ऊटी के स्कूलों के बीच लगभग 506 महीने का अंतर था। मुझे नहीं पता कि उस दौरान बच्चों ने पढ़ाई कैसे की होगी।
'बेटियों की पर्सनल लाइफ खराब हो रही है'
नीतीश भारद्वाज ने आगे कहा- स्मिता बेटियों के जीवन में पढ़ाई के साथ साथ मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक, और मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत अस्थिरता पैदा कर रही है। इन सब चीजों का असर मेरी बेटियों के जीवन और उनके व्यक्तित्व पर पड़ रहा है। ऐसे में मेरी बेटियों की पर्सनल लाइफ भी खराब हो रही है।












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