जान लें रामानंद सागर की 'रामायण' के ये 7 स्पेशल फैक्ट्स , लिम्का बुक में भी दर्ज है नाम
Ramayana 7 Facts: साउथ के मेगास्टार प्रभास की फिल्म 'आदिपुरुष' पर मचे बवाल के बीच रामानंद सागर के सीरियल 'रामायण' की चर्चा एक बार फिर से तेज हो गई है। लोग 'आदिपुरुष' के विवादों के साथ साथ रामानंद सागर की 'रामायण' का गुणगान करते भी नजर आ रहे हैं। रिलीज से पहले फिल्म 'आदिपुरुष' को महर्षि वाल्मीकि की 'रामायण' से प्रेरित बताया गया था लेकिन रिलीज होने के बाद लोगों ने इस फिल्म की कई चीजों में आपत्ति जताई है।
फिल्म मेकर्स पर लगातार निशाना साधा जा रहा था। सोशल मीडिया पर भी यूजर्स फिल्म को लेकर निगेटिव प्रतिक्रिया दे रहे थे और मीम्स भी पोस्ट किए जा रहे थे। हालांकि अब फिल्म के मेकर्स ने विवादित संवादों को एडिट कर नए डायलॉग्स से बदलने की पुष्टि की है। देशभर में फिल्म की आलोचना हो रही है। यहां तक कि रामानंद सागर की 'रामायण' में राम, सीता और लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले एक्टरों ने भी इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। खुद रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने भी फिल्म के संवाद पर तिखी टिप्पणी दी है।

रामायण से जुड़े 7 स्पेशल फैक्ट्स
प्रेम सागर ने कुछ समय पहले ही ईटाइम्स से बातचीत में बताया था कि उनके पिता ने उनसे कहा था कि कोई भी अगले 85 साल तक ऐसी 'रामायण' नहीं बना पाएगा, जैसी उन्होंने बनाई थी। प्रेम सागर ने कहा कि इसे बनाने से पहले उनके पिता ने भगवान राम के किरदार को अच्छे से समझा था। उन्होंने रामायण के कई वर्जन पढ़ने के बाद क्रिएटिव फ्रीडम यूज की, पर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं की थी। आइए आपको बताते हैं कि सीरियल 'रामायण' से जुड़े कुछ ऐसे फैक्ट्स जो आपको हैरान कर देंगे।
1. रामानंद सागर के 'रामायण' सीरियल को पहली बार 1987 में टेलिकास्ट किया गया था। इसे उस समय 55 देशों में एकसाथ टेलिकास्ट किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उस समय धार्मिक धारावाहिक 'रामायण' को 65 करोड़ लोगों ने देखा था।
2. आपको बता दें कि 'रामायण' जब टीवी पर टेलिकास्ट हुई तो इसने प्रति एपिसोड 40 लाख रुपये की कमाई की थी जबकि इसके एक एपिसोड का बजट 9 लाख रुपये का था।
3. 'रामायण' में राम-रावण से लेकर लक्ष्मण-मेघनाद और कुंभकर्ण के बीच युद्ध के कई सीन दिखाए गए थे। उस समय वीएफएक्स का भी इस्तेमाल नहीं किया जाता था। ऐसे में इन सीन्स को रामानंद सागर ने काफी जुगाड़ से दिखाया था। वह सीन को शूट के दौरान ही कैमरे में स्पेशल इफेक्ट डाल देते थे। जैसे कि सुबह का कोहरा दिखाने के लिए कैमरे के सामने अगरबत्ती और धूप से धुआं कर दिया जाता था।
4. 'रामायण' में पहाड़ से लेकर ग्रहों तक को दिखाने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स तैयार किया जाता था जिसके लिए एसईजी 2000 नाम की मशीन का इस्तेमाल किया गया था। इसी के जरिए तीर-धनुष और युद्ध वाले सीन भी क्रिएट किए गए थे।
5. आपको बता दें कि 'रामायण' भारत का एकमात्र ऐसा टीवी सीरियल था जिसका टेलिकास्ट टाइम 45 मिनट का होता था। बाकी सभी सीरियल सिर्फ 30 मिनट के होते थे।
6. कोरोना काल में लगे लॉकडाउन में 'रामायण' को एक बार टीवी पर प्रसारित किया गया था। तब इसने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया था। 16 अप्रैल 2020 को 'रामायण' का जो एपिसोड टेलिकास्ट किया गया था, उसे करीब 7.7 करोड़ लोगों ने एकसाथ देखा था। ये एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। आपको जानकर हैरानी होगी कि 'रामायण' को जून 2003 में 'सबसे ज्यादा देखा जाने वाला माइथोलॉजिकल सीरियल इन द वर्ल्ड' के तौर पर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था।
7. रामानंद सागर ने 'रामायण' सीरियल की शूटिंग मुंबई से करीब 16 किलोमीटर दूर उमरगांव में की थी। इस पूरीजगह को खास तौर से इसी के शूट के लिए किराए पर लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'रामायण' की शूटिंग करीब 550 दिनों तक चली थी। कई कलाकार उमरगांव में ही रुके थे।












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