करिश्मा कपूर के EX पति संजय कपूर के अंतिम संस्कार में क्यों हो रही है देरी, जानें पूरा सच, क्या है मामला?
Karisma Kapoor Ex-Husband Sunjay Kapur Death: बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स पति संजय कपूर का गत 12 जून 2025 को निधन हो गया है। खबर है कि संजय कपूर मौत के समय इंग्लैंड में पोलो खेल रहे थे। उस समय उन्हें समय दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
पोलो खेलते हुए संजय कपूर की हुई मौत
53 साल के संजय कपूर दिल्ली के फेमस बिजनेसमैन थे। आपको बता दें कि 12 जून को मौत होने के बाद अब तक उनकी पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आ पाई है। इसके अलावा उनके अंतिम संस्कार में भी काफी देरी हो रही है। क्या आपको पता है इसके पीछे की वजह क्या है?

संजय कपूर के अंतिम संस्कार में क्यों हो रही देरी?
-एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक संजय कपूर के परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया है कि अंतिम संस्कार में लीगल कॉम्पलीकेशनंस के कारण देरी हो रही है। संजय कपूर के परिवार से मिली जानकारी के अनुसार उनकी नागरिकता अमेरिकी की थी, जबकि उनकी मौत यूरोप में हुई है।
-संजय कपूर के एक करीबी दोस्त ने बताया है कि संजय अमेरिकी नागरिक थे और लेकिन उनका निधन लंदन में हुआ, इसलिए उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया काफी मुश्किल भरी हो सकती है।
संजय कपूर का अंतिम संस्कार कहां होगा?
-संजय कपूर के ससुर अशोक सचदेव ने मीडिया से कहा था कि उनके दामाद का अंतिम संस्कार भारत के दिल्ली में होगा। संजय कपूर की मौत के बाद ससुर अशोक सचदेव ने कहा था- पोस्टमॉर्टम अभी चल रहा है। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद, शव को अंतिम संस्कार के लिए भारत लाया जाएगा।
-आपको बता दें कि संजय कपूर के परिवार में उनकी पत्नी प्रिया सचदेव और बेटा अजारिया हैं। वहीं एक्ट्रेस करिश्मा कपूर से उनकी एक बेटी समायरा और एक बेटा कियान भी हैं। ऐसे में संजय कपूर के अंतिम संस्कार पर उनके तीनों बच्चों की मौजूदगी की उम्मीद की जा रही है।
विदेश मों मौत होने पर भारत में कैसे लाया जाता है शव
-विदेश में मौत होने होने पर शव को भारत वापस लाने के लिए, कई कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। इसमें स्थानीय अधिकारियों को सूचित करना, आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करना, शव को संरक्षित करना और हवाई यात्रा के लिए तैयार करना शामिल है।
जानें पूरी प्रक्रिया-
1. विदेश में मौत होने पर स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सूचित करना जरूरी होता है।
2. इसके बाद भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करना पड़ता है और उन्हें घटना की जानकारी देनी पड़ती है।
3. जरूरी दस्तावेज प्राप्त करना
-स्थानीय सक्षम प्राधिकारी से डेथ सर्टिफिकेट लेना पड़ता है।
-शव को संरक्षित करने का प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। ये प्रमाण पत्र दर्शाता है कि शव को एम्बामिंग (Embalming) किया गया है और वह यात्रा के लिए तैयार है।
-भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से शव को लेकर जाने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना पड़ता है।
-मृतक का रद्द पासपोर्ट भी लेना पड़ता है।
4. शव को हवाई यात्रा के लिए तैयार करना
-एम्बामिंग- शव को कीटाणुरहित और संरक्षित करने के लिए एम्बामिंग की प्रक्रिया की जाती है।
-विशेष कफन या कंटेनर- शव को एक विशेष कफन या एयरटाइट कंटेनर में रखा जाता है जो हवाई यात्रा के लिए उपयुक्त हो।
5. एयरलाइन का चयन- अंतर्राष्ट्रीय माल ढुलाई करने वाली एयरलाइन का चयन करें जो शव को ले जाने की सुविधा प्रदान करती है।
6. कस्टम क्लीयरेंस- भारत पहुंचने पर, शव को कस्टम क्लीयरेंस से गुजरना पड़ता है।
7. परिवार को सुपुर्दगी- कस्टम क्लीयरेंस के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया जाता है।
कैसे हुई संजय कपूर की मौत?
-मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संजय कपूर इंग्लैंड के गार्ड्स पोलो क्लब में पोलो खेल रहे थे।
-जानकारी के अनुसार संजय कपूर ऑरियस नाम की एक पोलो टीम चलाते थे। वह जैसल सिंह नाम के होटल कारोबारी की टीम सुजान के खिलाफ खेल रहे थे।
-पोलो खेलते हुए उन्हें शरीर में बेचैनी सी महसूस हुई थी। इसके बाद उन्होंने अचानक खेल रोकने की रिक्वेस्ट की और मैदान से बाहर आ गए थे। फिर वह अचानक ही बेहोश हो गए और गिर पड़े।
-ऐसे में संजय कपूर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। वहीं संजय कपूर के करीबी दोस्त सुहेल सेठ ने बताया था कि उन्होंने पोलो के मौच के दौरान मधुमक्खी निगल ली थी और उनके गले में डंक लगने से उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।












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