'मैंने उस दर्द को झेला है, समझ सकती हूं..',ट्रांसजेंडर एक्ट्रेस ने चुनौतियों से जूझते हुए बनाया अपना अलग मुकाम
Transgender Actress Navya Singh: फिल्मी दुनिया की कई कामयाबी की कहानियां आपने पढ़ी और सुनी होगी। यहां ज़िंदगी जितनी हसीन और रंगीन दिखती है, उसके पीछे संघर्ष भी काफी छिपा होता है। आज हम आपको बिहार की एक ऐसी ही ट्रांस अभिनेत्री नव्या सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं।
वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में अभिनेत्री नव्या सिंह बेबाकी से अपनी बात रखी, उन्होंने बताया कि कैसे वह समाज में हीन नज़रों से देखा जाता था। आज उसी समाज में सम्मान के साथ बुलाया जाता है। नव्या सिंह ने फिल्म, सीरियल और वेब सीरीज में ट्रांस समुदाय की सहभागिता के लिए काफी संघर्ष किया है।

अब उनकी मेहनत लगभग रंग ला चुकी है, नव्या कहती हैं कि हर रोज़ कुछ नया करना है और आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि मेरी मेहनत रंग लाती हुई दिख रही है, अब ना सिर्फ़ मुझे बल्कि ट्रांस समुदाय के लोगों को भी इंडस्ट्री में काम मिलने लगा है। आपको बता दें कि नव्या कलर्स टीवी के सीरियल 'कृष्णा मोहिनी' में खूब सुर्खियां बटोर चुकी हैं।
नव्या सिंह से जब सवाल किया गया कि 'कृष्णा मोहिनी' सीरियल में आपने प्रोफेसर अनुराधा का किरदार निभाकर कैसा लगा। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीरियल में उस बच्चे की कहानी दिखाई गई है, जिसे यह समझ ही नहीं आ रहा है कि उसके अंदर क्या चल रहा है।
वह अंदर ही अंदर खुद को बच्ची की तरह महसूस कर रहा होता है, लेकिन उसके जज़्बात को कोई समझ नहीं पा रहा था। इसी क्रम में बच्चे की ज़िंदगी में प्रोफेसर अनुराधा की एंट्री होती है। मुझे भी इस किरदार को निभाते हुए काफी मज़ा आया। मैं बेटा पैदा हुई थी, फिर बेटी बनी और अब प्रोफेसर का किरदार निभाया काफी अच्छा लगा।
पर्दे पर जो बच्चे की ज़िंदगी में हो रहा था, हक़ीक़त में नव्या की ज़िदगी का यही सच है। ग़ौरतलब है कि आज की तारीख में दुनिया की सबसे खूबसूरत ट्रांसजेंडर अभिनेत्रियों में नव्या सिंह शुमार की जाती हैं। उन्होंने काफी चुनौतियों से जूझते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपने समुदाय के लोगों के लिए मिसाल बन चुकी हैं।
नव्या ने कहा कि 'कृष्णा मोहिनी' सीरियल में जो परेशानी मोहन को थी, जिन हालातों से वह जूझ रहा था, उन सारी परेशानियों को हक़ीक़त में मैंने अपने बचपन में झेला है। मैं उन हालातों को समझ सकती हूं, जब आप किसी से अपने दिल की बात नहीं कह पाते तो कैसी उलझन होती है।
नव्या ने कहा कि हर रोज़ संघर्ष जारी है, अभी तो उन मंज़िलों को पाना है, जहां इंडस्ट्री में हमारे समुदाय के कलाकारों को भी उनके हुनर पर आसानी से काम मिल सके। मैं यह मानती हूं कि फिल्मी दुनिया में हमारे समुदाय के लिए काफी कुछ स्कोप है। अभी के कास्टिंग डायरेक्टर इस बाबत एक ठोस पहल कर सकते हैं।
कास्टिंग डायरेक्टर अगर मौजूदा ज़माने की कहानियों में ट्रांसजेंडरों की उपलब्धता, उनकी काबिल्यत निर्माताओं और निर्देशकों के सामने रखें तो ये आसानी से मुमकिन हो सकता है कि हमारे समुदाय के लोगों को भी काफी काम मिलने लगे।
नव्या ने कहा कि जब एक इंसान काया परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा होता है, तो उसके शरीर की बनावट में हुए बदलाव पर चर्चा होती है। काफी दिनों तक लोगों में उत्सुकता होती है। वहीं शरीर में बदलाव हो जाने के बाद एक महिला और मेरी जैसी महिला में कोई फ़र्क नहीं होता है।
शरीर की बनावट और न ही सोच में कोई फ़र्क होता है। मै पूरी तरह से स्त्री बन चुकी हूं, सारी महिलाओं के सुख अब मेरे भी सुख हैं। कलर्स टीवी के शो में प्रोफेसर अनुराधा के किरदार के बाद का सुख अभी तक के सबसे बेहतरीन सुख में शुमार है। मेरे किरदार को लोगों का काफी प्यार मिला, इसलिए मैं सभी का शुक्रिया अदा करती हूं।












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