Holi 2022: 'घसाई रंग सगरी' से 'धमाल ' तक, ये भोजपुरी गीत किसी को भी क्रेजी कर दें
नई दिल्ली, 17 मार्च। होली यानी मस्ती, उल्लास और फन लेकिन होली का रंग तब तक अधूरा है, जब तक उसमें लोकगीतों का तड़का नहीं लगता है इसलिए होली का पर्व बिना भोजपुरी गीतों के पूरा हो जाए, ऐसा भला हो सकता है क्या।

- अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ का गाना बुरा ना मानो होली है...तो बच्चे बच्चे की जुबान पर है।
- मशहूर गायक और अभिनेता पवन सिंह का ये हिट गीत 'घसाई रंग सगरी' अपने आप में अनोखा गीत है जो किसी को भी पागल करने के लिए काफी है।
- खेसारी लाल यादव का मशहूर होली गीत 'गाल रंगेगा होली' भी अपने आप में मास्टरपीस है।
- 'चढ़ते फगुनवा दीदी के देवरा' के इस गीत से मल्लिका प्रियंका सिंह ने जबरदस्त धूम मचाई है।
- भोजपुरी संगीत तब तक अधूरा है, जब तक इसमें लोकगायिका देवी के सुरों की मिठास ना हो, उनका नया गीत धमाल इस वक्त यू ट्यूब पर धमाल मचा रहा है।
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क्यो मनाते हैं होली?
आपको बता दें कि होली प्रेम के साथ-साथ भाईचारे और एकता का भी प्रतीक है। साथ ही ये बुराई पर अच्छाई का भी प्रतीक है। इसके पीछे भक्त प्रहलाद की कहानी है। दरअसल हिरण्यकश्यप का बेटा प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था लेकिन ये बात उसके पिता को अच्छी नहीं लगती थी , वो उसे धमकाता था लेकिन जब प्रहलाद ने उसकी बात नहीं मानी तो हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका की गोद में बैठाकर अपने ही बेटे को जिंदा जलाने की कोशिश की थी क्योंकि होलिका को ना जलने का वरदान मिला हुआ था लेकिन अग्नि में जाते हीवो जलकर भस्म हो गई और प्रहलाद जिंदा वापस निकल आया था। उस दिन फाल्गुन मास की पूर्णिमा थी, तभी से होली का पर्व मनाया जाता है।












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