Hema Malini या Prakash Kaur, कौन है धर्मेंद्र की पेंशन का असली हकदार, किसे मिलेगा पैसा?
Who Will Get Dharmendra Pension: देश ने अपने महान स्टार धर्मेंद्र को हमेशा के लिए खो दिया है। 24 नवंबर को 89 साल की उम्र में एक्टर और पूर्व सांसद ने अंतिम सांस ली। 'ही-मैन' ने न सिर्फ बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई बल्कि 2004 से 2009 के बीच बीजेपी के टिकट पर लोकसभा के सांसद रहकर जनता की सेवा भी की।
उनके निधन के बाद फिल्मी और राजनीतिक गलियारों में जहां श्रद्धांजलि का दौर जारी है, वहीं उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बड़ा कानूनी सवाल खड़ा हो गया है। सांसद के तौर पर मिलने वाली उनकी पेंशन किसे मिलेगी-उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर को या 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी को? यह मामला सिर्फ रिश्तों का नहीं, बल्कि सालों पुरानी एक कानूनी पेंच का है।

पेंशन का हकदार कौन? नियम क्यों है उलझन भरा?
सांसद बनने के नाते धर्मेंद्र को सरकारी नियमों के तहत पेंशन मिलती थी। उनके जाने के बाद यह पेंशन उनकी पत्नी को मिलनी तय है। लेकिन दो पत्नियों के मामले में कानूनी पेंच यह है कि सरकारी नियम किसे मान्यता देते हैं।
कानून का सीधा जवाब: सिर्फ 'वैध' शादी को मान्यता
भारत में सांसद पेंशन के नियम, जैसे CCS (Pension) Rules, 2021 (सेंट्रल सिविल सर्विसेज), साफ कहते हैं कि पेंशन सिर्फ उस पत्नी को मिलती है जिसकी शादी कानून की नजर में वैध मानी जाती हो।
- 1. प्रकाश कौर से पहली शादी: धर्मेंद्र ने प्रकाश कौर से 1954 में शादी की थी। यह शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत हुई और आज भी मुख्य और कानूनी रूप से मान्य है।
- 2. हेमा मालिनी से दूसरी शादी: धर्मेंद्र ने प्रकाश कौर को तलाक दिए बिना ही हेमा मालिनी से शादी की थी।
- 3. धर्म बदलने का असर? मीडिया में खबरें थीं कि उन्होंने दूसरी शादी के लिए धर्म बदला था, लेकिन कानूनी एक्सपर्ट मानते हैं कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत, पहली पत्नी के जीवित रहते और बिना तलाक दिए दूसरी शादी करना अवैध माना जाता है।
यानी, समाज ने भले ही दोनों शादियों को स्वीकार कर लिया हो, लेकिन सरकारी कागजों और कानून की नजर में, दूसरी शादी को पेंशन के लिए मान्यता नहीं मिलती।
पेंशन का असली हकदार कौन होगा?
कानूनी जानकारों और पेंशन नियमों के विश्लेषण के आधार पर, यह मामला एकदम साफ है:
- प्रकाश कौर: वह कानूनी रूप से वैध (Valid) और पहली पत्नी हैं। इसलिए पेंशन का पूरा अधिकार सिर्फ प्रकाश कौर को ही होगा।
- हेमा मालिनी: चूंकि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत उनकी दूसरी शादी कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जाती है, इसलिए उन्हें पेंशन पर कानूनी अधिकार नहीं मिलेगा।
बंटवारे का नियम यहां क्यों लागू नहीं?
सांसद पेंशन नियमों में यह प्रावधान है कि यदि किसी पूर्व सांसद की दो कानूनी पत्नियां हों (जैसे पहली पत्नी की मृत्यु के बाद दूसरी शादी), तो पेंशन का पैसा दोनों पत्नियों के बीच बराबर बांटा जाता है। लेकिन धर्मेंद्र के मामले में यह नियम लागू नहीं होता, क्योंकि उनकी दूसरी शादी कानूनी रूप से वैध नहीं है।
पूर्व सांसद धर्मेंद्र की MP पेंशन का पूरा अधिकार केवल उनकी पहली और कानूनी पत्नी प्रकाश कौर को ही मिलेगा। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सामाजिक मान्यता और कानूनी परिभाषाओं के बीच बड़ा अंतर होता है।












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