Harsha Richhariya का धर्म की राह को लेकर बड़ा फैसला, मां सीता पर कही ऐसी बात, बोलीं- मेरा चरित्र हनन हुआ
Harsha Richhariya: महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2026) से देशभर में चर्चा में आईं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया ने अब एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। धर्म की राह पर चलने का संकल्प लेने वाली हर्षा ने खुले तौर पर ऐलान किया है कि वह अब इस रास्ते को विराम दे रही हैं।
धर्म की राह छोड़ रही हैं हर्षा रिछारिया
हर्षा रिछारिया ने इसके पीछे लगातार हो रहे विरोध, मानसिक दबाव और चरित्र हनन को वजह बताया है। आपको बता दें कि हर्षा रिछारिया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बीते एक साल का दर्द बयां किया है।

हर्षा रिछारिया का चौंकाने वाला खुलासा
वीडियो में हर्षा कह रही हैं- प्रयागराज महाकुंभ 2025 से शुरू हुई एक कहानी, जो अब खत्म हो रही है या फिर खत्म होने को है। इस एक साल में मैंने बहुत विरोध झेला है। उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि महाकुंभ के बाद विरोध थम जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। धर्म के रास्ते पर आगे बढ़ने की हर कोशिश पर उन्हें रोका गया।
'मैं कोई अपराध नहीं कर रही थी'
हर्षा रिछारिया ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने कोई गलत या गैरकानूनी काम नहीं किया है। उन्होंने कहा- मैं चोरी नहीं कर रही थी, मैं कोई अपराध नहीं कर रही थी। मैं सिर्फ धर्म की राह पर चलने की कोशिश कर रही थी लेकिन हर कदम पर विरोध किया गया।
हर्षा पर लगा धर्म को धंधा बनाने का आरोप
-हर्षा रिछारिया का कहना है कि धार्मिक जीवन अपनाने की वजह से उन्हें लगातार निशाना बनाया गया, जिससे उनका मनोबल टूटता चला गया। हर्षा रिछारिया ने वीडियो में ये भी खुलासा किया है कि कुछ लोगों ने उन पर धर्म को धंधा बनाने के आरोप लगाए हैं।
-हर्षा रिछारिया ने कहा- लोग कहते हैं कि मैंने महाकुंभ के नाम पर करोड़ों कमाए लेकिन सच्चाई ये है कि आज मैं उधारी में हूं। उन्होंने बताया कि धर्म की राह अपनाने से पहले वह एक एंकर थीं, अच्छा पैसा कमा रही थीं और जीवन से संतुष्ट थीं लेकिन इस रास्ते पर आने के बाद न सिर्फ करियर छूटा बल्कि कोई साथ देने वाला भी नहीं बचा।
हर्षा रिछारिया ने कहा- मेरा चरित्र हनन किया गया
-हर्षा रिछारिया ने समाज की मानसिकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा- अगर किसी लड़की का मनोबल सीधे नहीं तोड़ पा रहे हो तो उसका चरित्र हनन कर दो। फिर वो अपने आप टूट जाती है। उन्होंने दो टूक कहा कि वह माता सीता नहीं हैं जो बार-बार अग्नि परीक्षा दें। जो परीक्षा देनी थी, वह दे चुकी हैं।
-हर्षा रिछारिया ने ये भी साफ किया कि मौनी अमावस्या पर माघ मेले में स्नान के बाद वह धर्म की राह पर चलने के अपने संकल्प को विराम देंगी। उन्होंने कहा- अब मैं वापस अपने पुराने काम में लौटूंगी। यही मेरा अंतिम फैसला है।
शादी को लेकर क्या बोलीं हर्षा रिछारिया?
-हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में हर्षा रिछारिया ने अपनी शादी को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा- फिलहाल शादी का कोई प्लान नहीं है। मुझे नहीं लगता कि शादी करना जिंदगी में जरूरी है।
-उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता अपनी राय जरूर रखते हैं लेकिन उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डालते। आजकल शादी के बाद सामने आ रही समस्याओं को देखकर पैरेंट्स भी डरे हुए रहते हैं।












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