'हिंदू-मुस्लिम के बीच लड़ाई हो?', 'गदर' के अनिल शर्मा का पहलगाम हमले पर बड़ा बयान, राजनीति की खोली पोल-पट्टी
Anil Sharma: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से आम लोगों से लेकर सेलेब्स तक सदमे में डूबे हुए हैं। बॉलीवुड इंडस्ट्री में इस आतंकी हमले ने एक सैलाब ला दिया है। सेलेब्स सोशल मीडिया पर जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं।
पहलगाम आतंकी हमले पर अनिल शर्मा का बड़ा बयान
पहलगाम आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लोग आज भी इस हादसे से डरे हुए हैं। गत 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं। अब इस घटना को लेकर फिल्म 'गदर' के डायरेक्टर अनिल शर्मा ने अपना रिएक्शन दिया है।

'सहने की एक सीमा होती है'
-अनिल शर्मा ने कहा है- सहने की एक सीमा होती है, जो अब हम लोगों की खत्म हो चुकी है। भारत की तरफ से कभी भी पहले हमला नहीं किया गया है। उन्होंने कई बॉलीवुड देशभक्ति फिल्मों का जिक्र किया और कहा कि हमारे देश की हर मूवी में शांति का मैसेज दिया जाता है।
-अनिल शर्मा ने आगे कहा- फिल्मों में बताया जाता है कि कैसे भारत और पाकिस्तान अमन-चैन से रह सकते हैं। उनके बीच अच्छा तालमेल हो सकता है। उन्होंने कहा- हर फिल्ममेकर ने अपने-अपने तरीके से भारत-पाकिस्तान के बीच हुई लड़ाई को पर्दे पर दिखाया है। यश चोपड़ा जी ने अपना नजरिया दिखाया है और 'बॉर्डर' ने भी अलग अदाज में इसे पेश किया है।
-अनिल शर्मा ने कहा- मैंने 'गदर' बनाई और लोगों को बताया कि मोहब्बत ही सबकुछ है। बंटवारे के दौरान 10 लाख से ज्यादा लोगों की जान गई थी। मैंने खुद से पूछा कि दूसरा देश बनाने की जरूरत ही क्या थी, जब दोनों तरफ एक जैसे ही लोग थे। उस वक्त भारत में रह रहे मुसलमानों की जड़ें कहीं न कहीं हिंदुओं से जुड़ी थीं। भाइचारे की भावना सबमें मौजूद थी।
अनिल शर्मा ने कहा- हम भी घर में घुसकर मारेंगे
-अनिल शर्मा ने ईटाइम्स से बात करते हुए कहा- बंटवारे के दौरान कहा गया था कि पाकिस्तान में रह रहे हिंदू वहीं रहेंगे और भारत में रह रहे मुसलमान वहीं रहेंगे। जैसा हमने गदर में दिखाया है, हिंदुओं को पाकिस्तान छोड़ने के फरमान आने लगे थे। ये सब सत्ता का और धर्म के खेल का नतीजा है, जो इंसानियत को मारता है।
-अनिल शर्मा ने कहा- अगर कोई हमारे घर में घुसकर हमें मारेगा, तो हम भी उनके घर में जाकर उन्हें मारेंगे। फिल्म उरी में यही दिखाया गया था। मैंने भी काफी पहले अपनी फिल्म गदर में तहलका ही दिखाया था।
अनिल शर्मा ने कहा- धर्म पूछकर मारन सही नहीं
-पहलगाम आतंकी हमले को लेकर अनिल शर्मा ने कहा- मुझे समझ नहीं आता कि मतलब क्या है नाम पूछकर मारने का? हत्या करने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या आप चाहते हो कि हिंदू-मुसलमान के बीच लड़ाई हो? ये सब राजीनितिक चाल है। सब अपने मकसद पूरा करना चाहते हैं।
-डायरेक्टर ने आगे कहा- अगर दोनों देश के लोग ये सोचें कि इंसानियत के रास्ते पर चलना है तो रिश्ते में सुधार हो सकता है। नेता तो पॉलिटिक्स करेंगे ही लेकिन हमें प्यार और शांति फैलानी चाहिए। नेगेटिविटी को दूर कर माहौल को पॉजिटिव बनाना चाहिए।












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