Hera Pheri 3: साउथ फिल्ममेकर का बड़ा दावा, फिर अधर में लटकी फिल्म
अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल की चर्चित फिल्म 'हेरा फेरी 3' एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंसती नजर आ रही है। इस बार विवाद फिल्म के राइट्स को लेकर है। एक साउथ फिल्म निर्माता ने दावा किया है कि इस फ्रेंचाइजी के अधिकार फिरोज नाडियाडवाला के नहीं, बल्कि उनके पास हैं। मामला अब मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है।

साउथ प्रोड्यूसर का बड़ा दावा
अब तक माना जा रहा था कि 'हेरा फेरी 3' के राइट्स निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के पास हैं। लेकिन साउथ के प्रोड्यूसर की कंपनी सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड ने इस दावे को गलत बताया है। उनका कहना है कि असली अधिकार उन्होंने खरीदे हैं, न कि नाडियाडवाला ने।
मद्रास हाई कोर्ट में याचिका
Bar & Bench की रिपोर्ट के मुताबिक, सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि फिरोज नाडियाडवाला को 1989 की मलयालम फिल्म 'रामजी राव स्पीकिंग' का केवल एक हिंदी रीमेक बनाने का अधिकार मिला था। यही रीमेक साल 2000 में 'हेरा फेरी' के रूप में बना था।
'फिर हेरा फेरी' पर भी सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद फिरोज नाडियाडवाला ने साल 2006 में 'फिर हेरा फेरी' बना दी, जबकि उनके पास सीक्वल बनाने का अधिकार नहीं था। अब आरोप है कि उन्होंने तीसरे भाग यानी 'हेरा फेरी 3' के राइट्स अक्षय कुमार की कंपनी 'केप ऑफ गुड फिल्म्स' को बेच दिए, जो कि गैरकानूनी है।
2022 में खरीदे गए फ्रेंचाइजी राइट्स
सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर जीपी विजयकुमार ने बताया कि उन्होंने 2022 में 'रामजी राव स्पीकिंग' के मूल निर्माता आदित्य फिल्म्स से 'हेरा फेरी' फ्रेंचाइजी के राइट्स खरीदे थे।
उनके मुताबिक, फिरोज नाडियाडवाला को न तो सीक्वल, न प्रीक्वल और न ही किरदारों के इस्तेमाल का अधिकार था।
पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
इस सवाल पर विजयकुमार ने कहा कि पहली फिल्म प्रियदर्शन ने डायरेक्ट की थी और उनके साथ रिश्ते अच्छे थे। लेकिन दूसरी फिल्म नीरज वोरा ने बनाई और उस समय असली कॉपीराइट धारकों को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि राइट्स का गलत इस्तेमाल हुआ है। बाद में धोखाधड़ी का पता चला, लेकिन तब मामला आगे नहीं बढ़ाया गया।
'हेरा फेरी 3' पर कैसे पहुंचा मामला कोर्ट तक
विजयकुमार के मुताबिक, जब उन्होंने नया हिंदी वर्जन बनाने के लिए अक्षय कुमार से संपर्क किया, तभी पता चला कि फिरोज नाडियाडवाला पहले ही राइट्स केप ऑफ गुड फिल्म्स को बेच चुके हैं। इसके बाद उन्हें लीगल नोटिस भेजा गया और आखिरकार मामला मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंच गया।












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