'महाभारत' के द्रोणाचार्य की हालत क्यों हुई खराब? धोखाधड़ी होने के बाद सुरेंद्र पाल का हुआ ऐसा हाल
महाभारत में द्रोणाचार्य का दमदार रोल निभाने वाले सुरेंद्र पाल ने घर-घर में खास पहचान बनाई है। मगर हाल ही में सुरेंद्र पाल को लेकर काफी चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। जी हां... सुरेंद्र पाल के साथ धोखाधड़ी हुई है। दरअसल, सुरेंद्र पाल समेत कई सारे लोगों ने अपनी दिन रात की कमाई इकट्ठी कर घर लेने का सपना संजोया था मगर ये सपना अब अधर में लटक गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मशहूर एक्टर सुरेंद्र पाल सिंह मकान के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हैं। उन्हें अभी तक अपने सपनों का घर नहीं मिल सका है। दरअसल, मुंबई के मीरा रोड़ स्थित आरएनए कॉर्प बिल्डर के प्रोजेक्ट में ही साल 2010 में टीवी की दुनिया का जाना-माना नाम सुरेंद्र पाल सिंह, डायरेक्टर विनोद तिवारी सहित 480 लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से फ्लैट लेने का सपना संजोया था।

सुरेंद्र पाल समेत 480 लोगों ने इन फ्लैट के लिए करीब 90 प्रतिशत पेमेंट भी कर दिया। लेकिन, 14 साल बीत जाने के बाद भी इसमें से किसी को फ्लैट का पजेशन नहीं मिल पाया। बल्कि, सुप्रीम कोर्ट ने साल 2021 में आरएनए कॉर्प बिल्डर के प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी। अब इन होम बायर्स का सपना अधूरा रह गया है। इनमें से कई सारे लोगों ने बैंक से लोन लेकर घर खरीदने का सपना देखा था। मगर वो सपना अब सपना ही रह गया।
जी हां, इन खरीददारों में से कई लोग इस दुनिया में ही नहीं रहे। तो वहीं, कई बायर्स (खरीददारों) के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें बैंक की इंस्टॉलमेंट (किस्त) देनी पड़ रही है। यह लोग अपनी रिटायरमेंट की रकम से या फिर सैलरी से जैसे तैसे बैंक का लोन और अपने किराए के मकान का किराया दोनों ही भर रहे है। लोगों ने इतनी भारी भरकम रकम गंवा दी है, जिससे कईयों का तो मानसिक संतुलन ही बिगड़ चुका है।
अब इस मामले में एक्टर सुरेंद्र पाल सिंह ने 480 होम बायर्स के साथ मीटिंग करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा,'वे एक कमरे के मकान में रहने को मजबूर हैं। आज से 14 साल पहले ही उन्होंने 60-70 लाख रुपये इस प्रोजेक्ट में लगाकर अपने सपनों का आशियाना बनाने का सपना देखा था मगर सबकी ये उम्मीदें टूट चुकी हैं।' इस दौरान भावुक होते हुए एक्टर ने कहा कि अब उन्हें और 480 होम बायर्स को केवल पीएम नरेंद्र मोदी से उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि हमारे सपनो का घर दिलाने में पीएम मोदी ही हमारी मदद कर सकते हैं, क्योंकि जिस बिल्डिंग में हमने पैसा लगाया है वो लगभग 90 प्रतिशत तक बनकर तैयार है। कहा कि आरएनए कॉर्प बिल्डर मालिक अनुभव अग्रवाल ने इस प्रोजेक्ट का 538 करोड़ रुपया अपनी दूसरी कम्पनियों में लगा दिया। वो इस बिल्डिंग को अब अधूरा छोड़कर इसे डिफाल्टर घोषित कर विदेश भागने के चक्कर मे एकबार हवाईअड्डे से पकड़ा भी गया है और तभी से इसपर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्टे लगा दिया है।












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