Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Budget 2025: 'मिथिला मखाना' को लेकर वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान, 2020 की मैथिली फिल्म से जुड़ा ऐसा कनेक्शन

Budget 2025 Mithila Makhaan: बजट 2025 में बिहार के मखाना किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है- बिहार में मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा। मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बेहतर बनाने के लिए मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। इस कार्य में लगे लोगों को FPO के रूप में संगठित किया जाएगा।

बिहार के मखाना किसानों के लिए बड़ा ऐलान
आपको बता दें कि इससे पहले भी बिहारी भाषा में बनी फिल्म 'मिथिला मखान' की जमकर चर्चा हुई थी। इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। मैथिली भाषा में बनी फिल्म 'मिथिला मखान' के डायरेक्टर नितिन चंद्रा हैं, जो कि इस फिल्म को बनाने के पीछे की पूरी कहानी, इससे जुड़े संघर्ष और राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने तक के सफर को लेकर कई बार चर्चा कर चुके हैं।

Mithila Makhaan

2020 में रिलीज हुई थी 'मिथिला मखान' फिल्म

आपको बता दें कि फिल्म 'मिथिला मखान' 2 अक्टूबर 2020 को रिलीज हुई थी जो कि लोगों को खूब पसंद आई थी। इस फिल्म में अनुरिता झा, क्रांति प्रकाश झा और पंकज झा ने अहम रोल निभाया है। इसके अलावा फिल्म में उदित नारायण, हरिहरन, सुरेश वाडकर और सोनू निगम ने अपने म्यूजिक से लोगों का दिल जीत लिया था।


क्या है 'मिथिला मखान' की कहानी

-इस फिल्म में टोरंटो में काम करने वाले क्रांति प्रकाश की भावनात्मक और रोमांचक यात्रा के बारे में बताया गया है। वह अपनी दादा की कंपनी की स्थापना के लिए, जो 35 साल पहले बिहार के एक छोटे से गांव में बंद हो गई थी, के लिए भारत लौटता है।

-32 वर्षीय क्रांति प्रकाश 23 साल बाद बिहार में अपने गांव लौटते हैं। एक सप्ताह की अपनी छोटी सी यात्रा में उन्हें एक छोटी सी पारिवारिक पूजा करनी है और उस लड़की से मिलना है जिससे उनकी मां उनकी शादी करवाना चाहती हैं।

-बिहार लौटकर क्रांति प्रकाश देखते हैं कि उनकी यादों का गांव अब वैसा नहीं रहा, ये जगह हर तरफ से पलायन, भ्रष्टाचार और उदासीनता से ग्रसित हो गई है। इस बीच उन्हें पता चलता है कि उनके दादा 70 के दशक में मखाना (एक प्रसिद्ध कृषि उत्पाद) की खेती करते थे और व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता के कारण उनकी हत्या कर दी गई थी।

-इसके बाद क्रांति प्रकाश 4 दिनों के बाद भारी मन से गांव छोड़ देता है। क्रांति अपनी फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचता है लेकिन अचानक भावनाओं का उफान और नाटकीय बदलाव उसे अपने गांव वापस आने पर मजबूर कर देते हैं।

-वह एक बार फिर मिथिला मखान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शुरू करने की कसम खाता है लेकिन भारत के दूरदराज के इलाकों में इस उद्यमशील उद्यम की राह आसान नहीं है। अपनी खोज में वह बाधाओं और खास तौर पर मखान माफिया ब्रह्मा सिंह के खिलाफ लड़ता है। मिथिला मखान मानवीय भावना की जीत की एक दिलचस्प कहानी है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+