Binge Watch Suggestion: इन फिल्मों में दिखी महिलाओं की मजबूत कहानी, जिसे हर मर्द को जरूर देखनी चाहिए
Binge Watch Suggestion: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अक्सर महिलाओं के लिए खास कार्यक्रम और फिल्में दिखाई जाती हैं। लेकिन समाज में असली बदलाव तभी आएगा जब पुरुष भी महिलाओं के अधिकार और उनके संघर्ष को समझेंगे। लैंगिक समानता सिर्फ महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इसी वजह से बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जो पुरुषों को महिलाओं के अनुभव, चुनौतियों और उनकी ताकत को समझने का मौका देती हैं।

'गंगूबाई काठियावाड़ी' की प्रेरणादायक कहानी
आलिया भट्ट की फिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' एक दमदार बायोपिक ड्रामा है। इस फिल्म में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है, जिसे मजबूरी में वेश्यावृत्ति की दुनिया में धकेल दिया जाता है।
लेकिन वह हार नहीं मानती और धीरे-धीरे उसी दुनिया में ताकतवर बनकर उभरती है। आगे चलकर वह महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाती है और समाज में अपनी अलग पहचान बनाती है।
'पीकू' में रिश्तों की संवेदनशील कहानी
दीपिका पादुकोण की फिल्म 'पीकू' एक आत्मनिर्भर महिला की कहानी है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक बेटी अपने बूढ़े पिता की देखभाल के लिए अपने निजी जीवन से कई समझौते करती है। वह अपने रिश्तों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है। फिल्म परिवार, जिम्मेदारी और भावनाओं को बहुत ही संवेदनशील तरीके से दिखाती है।
'इंग्लिश विंग्लिश' से आत्मसम्मान का संदेश
श्रीदेवी की फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' एक साधारण गृहिणी की कहानी है। उसे अंग्रेजी भाषा न आने के कारण कई बार परिवार के सामने शर्मिंदगी महसूस होती है।
इसके बाद वह अंग्रेजी सीखने का फैसला करती है और धीरे-धीरे आत्मविश्वास हासिल करती है। यह फिल्म आत्मसम्मान और खुद पर भरोसा करने का मजबूत संदेश देती है।
'क्वीन' में आज़ादी की तलाश
कंगना रनौत की फिल्म 'क्वीन' भी महिलाओं की आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। फिल्म में एक लड़की की शादी टूट जाती है, लेकिन वह निराश होने के बजाय अकेले ही हनीमून ट्रिप पर निकल जाती है। यह सफर उसे खुद को समझने और अपनी आज़ादी को पहचानने में मदद करता है।
'हक' में अधिकारों की लड़ाई
यामी गौतम धर और इमरान हाशमी की फिल्म 'हक' एक कानूनी ड्रामा है। यह कहानी 1985 के शाह बानो केस से प्रेरित बताई जाती है। फिल्म में एक महिला की लड़ाई दिखाई गई है, जिसे पति द्वारा तीन तलाक दिए जाने के बाद अपने अधिकारों के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ता है।
अन्य फिल्में भी देती हैं मजबूत संदेश
इसके अलावा 'थप्पड़', 'राज़ी', 'मिसेज', 'पिंक', 'कहानी', 'लापता लेडीज़', 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का', 'मर्दानी', 'मैरी कॉम' और 'मणिकर्णिका: क्वीन ऑफ झांसी' जैसी फिल्में भी महिलाओं के संघर्ष और ताकत को दिखाती हैं।












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