Bhool Bhulaiyaa 3 Review: सब मंजुलिका..मंजुलिका करते रहे, असली खेल तो कार्तिक आर्यन उर्फ रूह बाबा कर गए!
कास्ट- कार्तिक आर्यन, माधुरी दीक्षित, विद्या बालन, तृप्ति डिमरी, विजय राज, संजय मिश्रा, राजपाल यादव और राजेश शर्मा
डायरेक्टर- अनीस बज्मी
रेटिंग- 3.5 स्टार
भूल भुलैया 3 फ्रैंचाइज का तीसरा पार्ट रिलीज हो गया है। इस फिल्म के तीसरे पार्ट में असली मंजुलिका की एंट्री हो गई। लेकिन पहले पार्ट वाले डायेरक्टर और बाबा की एंट्री नहीं हो पाई। ख़ैर भूल भुलैया फ्रैंचाइज का क्रेज ऐसा है कि टियर 3 शहर के फर्स्ट डे फर्स्ट शो में करीब 90% की ऑक्यूपेंसी रही। ये रिपोर्ट्स नहीं बल्कि मेरी आंखों देखी है। मनुष्य होना जरूरी है, आदमी हो या औरत इससे फर्क नहीं पड़ना चाहिए। वो इसलिए क्योंकि अब तो हम 21वीं शताब्दी में आ गए हैं। अब तो समलैंगिकता को भी लोग एक्सेप्ट करने लगे हैं।
Spoiler Alert
फिल्म इस बार फ्लैशबैक यानी 200 साल पीछे की कहानी से खुलती है। जहां महाराजा अपनी बेटी मंजुलिका को जला देते हैं। इसके बाद बेटी अपने पिता से बदला लेने के लिए आती है और मार डालती है। फिर कहानी वर्तमान में आती है। जहां रुहान लोगों को बेवकूफ बना बना कर पैसे कमाता है। इसी बीच उसको बेवकूफ बना कर मीरा अपने महल लेकर चलती है। जहां रूह बाबा को मंजुलिका से उन सभी को बचाना है। इसके एवज में उन्हें एक करोड़ रुपए मिलने हैं। बस फिर कहानी घूम फिर के अपने पुराने स्तर पर पहुंच जाती है। लेकिन समलैंगिकता वाला एंगल खोजने के लिए आपको तो फिल्म ही देखनी होगी। क्योंकि आगे कुछ बताना स्पॉइलर की श्रेणी में आता है।

रूह बाबा के रूप में दिखे अक्षय कुमार
रूह बाबा के करिदार में तो कार्तिक आर्यन हैं। लेकिन इस बार कई सीन में वो अक्षय कुमार बनने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। उनके डायलॉग एक्सेंट में भी अक्षय की झलक दिखती है। इस कार्तिक का काम भूल भुलैया 3 में हल्का रहा है। कुछ पंचेस भी उनके लैंड होते नहीं दिखते हैं। या फिर ऐसा भी हो सकता है कि कार्तिक का ये अंदाज देखा हुआ लगता है। तृप्ति डिमरी को फिल्म में कम स्क्रीन स्पेस मिला है, जो उनके रोल को जस्टीफाई करता है। क्योंकि उनका किरदार फिल्म में क्यों हैं बहुत बाद में समझ आता है। खैर उनको एनिमल के बाद एक जैसे रोल ही ऑफर हो रहे हैं। अब उन्हें अपने किरदारों के लिए चूजी होना जरूरी है। भूल भुलैया 3 में दो मंजुलिका हैं। माधुरी और विद्या बालन। इन दोनों ही ने ही फिल्म को अपने कंधों पर उठाया हुआ है। इनका फेसऑफ फिल्म में जबरदस्त है। दोनों के डांस ने फिल्म में जान डाली है। इसके अलावा फिल्म को विजय राज, संजय मिश्रा, राजपाल यादव और राजेश शर्मा के किरदार से भी फायदा मिला है।
अनीस का कमजोर काम
फिल्म को अनीस बज्मी ने डायरेक्ट किया है। उन्होंने आकाश कौशिक ने इसे लिखा है। भले ही दो क्लाइमैक्स शूट किए गए हों, लेकिन फिल्म की कहनी बहुत रबड़ जैसी खींची हुई लगती है। फिल्म का पहला हाफ तो सुस्त ठंडाया हुआ है। दूसरे हाफ में माहौल बनना शुरू होता है, लेकिन इसके डायलॉग भी थोड़ा इसे धीमा करते हैं। इसमें थोड़ा कसावट की जरूरत थी। बैकग्राउंड म्यूजिक संदीप शिरोड़कर का अच्छा है। जो आपकों बंधने पर मजबूर करता है।












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