OI Exclusive: 'Asha Bhosle एक जलजले का नाम', लता दीदी से तुलना पर किसने कही ये बड़ी बात?
OI Exclusive, Asha Bhosle: 12 अप्रैल को भारत की मशहूर गायिका और 'पद्मविभूषण' से सम्मानित आशा भोसले ने 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया, उनके निधन से पूरा बॉलीवुड और फिल्मी जगत गम में डूबा हुआ है। अपनी बहन लता मंगेशकर की तरह आशा भोसले ने भी 92 साल की अवस्था में दुनिया से विदाई ली है। संगीत की दुनिया में लता-आशा वो दो नगीने थे, जिन्होंने सफलता, गायिकी, सादगी और समर्पण का नया इतिहास लिखा।
उम्र में बड़ी बहन लता से चार साल छोटी आशा भोसले हमेशा कहा करती थीं कि 'जब वो यंग थीं तो उन्हें हमेशा लगता था कि वो दीदी के प्रभाव से आगे कभी नहीं निकल पाएंगी इसलिए उन्होंने अपनी गायनशैली बदली।'

आलोचक हमेशा लता बनाम आशा की बात करते रहते थे, अक्सर म्यूजिक पैनल में दोनों में बेहतर कौन ? की बात होती रहती थी लेकिन कभी किसी बहस का कोई नतीजा ही नहीं निकला क्योंकि कभी कोई तुलना दोनों में हो ही नहीं सकती थी।
'लता मंगेशकर में था ठहराव तो आशा भोसले में थी चंचलता'
लता में अगर ठहराव था तो आशा में चंचलता, एक में शालीनता थी तो एक में जबरदस्त ऊर्जा, दोनों के बारे में सबसे बड़ा अंतर उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर के बेटे बैजू मंगेशकर ने बताया था। वनइंडियाहिंदी से एक्सक्लूसिव बातचीत में बैजू ने कहा था कि' लता-आशा दोनों को मां सरस्वती ने आशीर्वाद दिया था।'
Asha Bhosle तो एक जलजला, गजब एनर्जी वाली महिला
'लता जी शांत,एंकांत प्रिय महिला थीं, ऐसा नहीं कि वो हंसी-मजाक नहीं करती थीं लेकिन वो फन परिवार या रिश्तेदारों के साथ ही किया करती थीं जबकि आशा भोसेले तो एक जलजला हैं वो शूटिंग के बाद घर आती हैं, किचन मे घूस जाती हैं, तरह-तरह के खाने बनाती हैं फिर शॉपिंग करने चली जाती हैं, जबरदस्त ऊर्जावान,आप उन्हें Workaholic कह सकते हैं, वो खाली बैठ ही नहीं सकती हैं।'

'अब कोई दूसरी Asha Bhosle नहीं होगी'
तो.ये है संगीत की दो पुराधाओं की कहानी, जिन्होंने संगीत और कला के कैनवस पर अपनी गायिकी से ऐसी तस्वीर बनाई, जिसे कोई दोबारा नहीं बना सकता है। मशहूर गायिका उषा उथुप ने कहा कि 'आशा भोसले का निधन न केवल फिल्म जगत के लिए, बल्कि संगीत जगत के लिए भी एक बहुत बड़ी क्षति है... जिसकी भरपाई हम कभी नहीं कर पाएंगे... अब कोई दूसरी आशा भोसले नहीं होगी..यह एक युग का अंत है।'

राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा आशा भोसले का अंतिम संस्कार
आशा भोसले का पार्थिव शरीर 13 अप्रैल सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके निवास स्थान 'कासा ग्रैंड' (लोअर परेल) में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा इसके बाद शाम 4 बजे मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications