आर्यन खान केस: जबरन वसूली का कोई सबूत नहीं मिला, मुंबई पुलिस ने रोकी जांच
मुंबई, 22 दिसंबर। बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान का बेटा आर्यन ड्रग्स जब्ती मामले में एक आरोपी है और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। उन्हें कुछ दिन पहले बॉम्बे कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए हर सप्ताह एनसीबी के आफिस में अटेन्डेंस लगाने से छूट दी थी। वहीं अब आर्यन खान ड्रग् मामले में मुंबई पुलिस ने बुधवार को बड़ा अपटेड दिया है। बुधवार को मुंबई पुलिस ने कहा कि क्रूज पर ड्रग्स के मामले में जबरन वसूली संबंधी उसे कोई सबूत नहीं मिले हैं। इस कारण अगले आदेश तक जबरन वसूली के आरोपों की जांच रोक दी है।
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बता दें मुंबई पुलिस ने कहा पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया था और लगभग 20 लोगों से पूछताछ की थी। अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है।
25 करोड़ की रंगदारी का था आरोप
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सेल ने आरोप लगाया कि उसने 25 करोड़ रुपये की मांग के बारे में एक फोन पर बातचीत सुनी थी, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने जबरन वसूली के मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था।
समीर वानखेड़े को आठ करोड़ रुपये देने की कही गई थी बात
अक्टूबर में, सेल ने दावा किया था कि एनसीबी के एक अधिकारी और केपी गोसावी सहित अन्य व्यक्तियों द्वारा मामले में आर्यन खान को छोड़ने के लिए धनराशि की मांग की गई थी। शाहरुख खान की मैनेजर पूजा दललानी इस मामले में गोसामी और सैम डिसूजा से मिलने पहुंची थी। सेल ने कहा कि उन्होंने गोसावी को सैम डिसूजा को फोन पर यह कहते हुए सुना था, जब आर्यन खान को 2 अक्टूबर की छापेमारी के बाद एनसीबी कार्यालय में लाया गया था, 25 करोड़ रुपये की मांग के बारे में और "18 करोड़ रुपये पर समझौता करने के लिए जैसा कि उनके पास है। जिसमें समीर वानखेड़े को आठ करोड़ रुपये देने थे।
वानखेड़े ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा
एनसीबी और उसके जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने ड्रग्स जब्ती मामले में जबरन वसूली के आरोपों के खिलाफ एक विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। एनसीबी और वानखेड़े ने अपने हलफनामे में कहा कि यह मामले में बाधा पैदा करने और जांच को बाधित करने का प्रयास था।












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