Allu Arjun Bail: जब सरकार ने खींचे हाथ, तब अल्लू के 'अर्जुन' ने बचाई 'पुष्पा' की शान! जानें कैसे?
Allu Arjun Bail: तेलुगु सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के लिए 13 दिसंबर 2024 का दिन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। उनकी फिल्म पुष्पा 2 की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान हुए संध्या थिएटर भगदड़ केस ने उन्हें कानूनी मुश्किलों में डाल दिया। भगदड़ में एक महिला की मौत के बाद अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार किया गया। तेलंगाना सरकार ने भी अल्लू केस में अपने हाथ खींच लिए। अल्लू अर्जुन कानूनी शिकंजे में लगभग फंस ही चुके थे।
तभी अल्लू अर्जुन को कानूनी शिकंजे से बचाने दो वकील मैदान में उतर गए। उन्होंने ऐसा तर्क दिए कि हाईकोर्ट ने अंततः अल्लू को जमानत दे दी। आइए, जानते हैं कैसे वकीलों की चतुराई और कानून की समझ ने 'पुष्पा' की इज्जत कैसे बचाई?

गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक की कहानी
गिरफ्तारी: बंगले से न्यायिक हिरासत तक
अल्लू अर्जुन को 4 दिसंबर को हुई भगदड़ के मामले में 13 दिसंबर की सुबह गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उन्हें उनके बंगले से चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन ले जाकर पूछताछ की। यहां से मेडिकल टेस्ट के लिए उस्मानिया अस्पताल भेजा गया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां निचली अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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हाईकोर्ट में सुनवाई और जमानत
मामला जब हाईकोर्ट पहुंचा, तो उनके वकीलों निरंजन रेड्डी और अशोक रेड्डी ने पूरे घटनाक्रम को एक अलग नजरिए से पेश किया। उन्होंने दलील दी कि भगदड़ के दौरान अल्लू अर्जुन घटना स्थल पर नहीं थे और उनका इस हादसे से कोई सीधा संबंध नहीं था।
वकीलों का तर्क: कैसे बचाई 'पुष्पा' की इज्जत?
- शाहरुख खान का उदाहरण: वकीलों ने 2017 के शाहरुख खान केस का हवाला दिया, जब रईस के प्रमोशन के दौरान वडोदरा स्टेशन पर भगदड़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उस मामले में शाहरुख खान को बरी कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने जानबूझकर भगदड़ नहीं करवाई थी।
- घटनास्थल की स्थिति: वकीलों ने बताया कि अल्लू अर्जुन पहली मंजिल पर थे, जबकि भगदड़ ग्राउंड फ्लोर पर मची। उनका सीधा संपर्क पीड़ित महिला या घटना से नहीं था।
- पुलिस की जिम्मेदारी: वकीलों ने यह भी तर्क दिया कि थिएटर प्रबंधन ने पुलिस को अल्लू अर्जुन की मौजूदगी की सूचना दी थी। ऐसे में सुरक्षा इंतजाम पुलिस की जिम्मेदारी थी, जिसे ठीक से निभाया नहीं गया।
- कानूनी तर्क: वकीलों ने धारा 118 (खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल) और धारा 304A (लापरवाही से मौत) को हटाने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि इन धाराओं के तहत गिरफ्तारी अवैध है, क्योंकि घटना में अल्लू की सीधी भूमिका नहीं थी।
- अर्नब गोस्वामी मामला: उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया मामला न बनता हो, तो गिरफ्तारी और हिरासत गैर-कानूनी है।
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क्या था पूरा मामला?
4 दिसंबर 2024 को हैदराबाद के संध्या थिएटर में पुष्पा 2 की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। अल्लू अर्जुन के अचानक पहुंचने की खबर पर फैंस की भारी भीड़ जुट गई। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया, लेकिन भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में रेवती नाम की 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई, और उनका बेटा घायल हो गया।
सरकार ने खींचा था मामले से हाथ
तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया और कहा कि "कानून अपना काम करेगा।" उन्होंने जोर दिया कि सभी लोग कानून के सामने समान हैं।
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