Aishwarya Rai के 'बॉयफ्रेंड' ने चाची पर लगाए गंदे आरोप, 57 साल के एक्टर ने कहा- साजिश रची गई, क्या है मामला?
Chandrachur Singh Property Dispute: 90 के दशक की चर्चित फिल्म 'माचिस' से पहचान बनाने वाले एक्टर चंद्रचूड़ सिंह एक बार फिर अपनी पैतृक संपत्ति को लेकर सुर्खियों में हैं। अलीगढ़ में स्थित अपने परिवार की ऐतिहासिक जायदाद को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक्टर ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कलेक्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत सौंपी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
पुश्तैनी जायदाद के विवाद में घिरे चंद्रचूड़ सिंह
बताया जा रहा है कि ये विवाद दिसंबर 2025 से लगातार चर्चा में बना हुआ है और पिछले 6 महीनों में ये दूसरा मौका है जब एक्टर चंद्रचूड़ सिंह प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने पहुंचे हैं।

चाची पर फर्जी दस्तावेजों और कब्जे की कोशिश का आरोप
-मीडिया से बातचीत के दौरान चंद्रचूड़ सिंह ने अपनी चाची और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक्टरका दावा है कि उनकी पैतृक संपत्ति, जिसमें एक ऐतिहासिक हवेली और कीमती जमीन शामिल है, पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
-चंद्रचूड़ सिंह के अनुसार कथित तौर पर फर्जी वसीयत तैयार कर संपत्ति पर अधिकार जताने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली स्थानीय लोगों की मदद से उनकी विरासत को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। एक्टर ने ये भी कहा कि उन्हें अपनी ही पैतृक संपत्ति में एंट्री करने से रोका जा रहा है।
पहले भी जताई थी हवेली बिकने की आशंका
ये पहली बार नहीं है जब चंद्रचूड़ सिंह ने इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया हो। साल 2025 में भी उन्होंने मीडिया के सामने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि परिवार की ऐतिहासिक हवेली को उनकी जानकारी के बिना बेचने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से मदद की उम्मीद जताते हुए कहा था कि ये केवल जमीन का मामला नहीं बल्कि परिवार की विरासत और इतिहास को बचाने की लड़ाई है। एक्टर का कहना है कि वह कानूनी तरीके से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
1885 में बनी 'कल्याण भवन' हवेली पर कब्जा करने की कोशिश
-इस पूरे विवाद का सबसे अहम हिस्सा 'कल्याण भवन' नाम की वह भव्य हवेली है, जो लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इस संपत्ति का इतिहास करीब 140 साल पुराना बताया जाता है। जानकारी के अनुसार साल 1885 में तत्कालीन शासक द्वारा ठाकुर कल्याण सिंह को तीन गांव उपहार स्वरूप दिए गए थे, जिसके बाद इस हवेली का निर्माण कराया गया था।
-ठाकुर कल्याण सिंह एक्टर चंद्रचूड़ सिंह के परिवार के पूर्वज थे। समय के साथ ये एस्टेट अलीगढ़ शहर के विस्तार का हिस्सा बन गई और अब राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक होने के कारण इसकी बाजार कीमत भी काफी बढ़ चुकी है।
परिवार के अंदर सालों से सुलग रहा है विवाद
-सूत्रों के अनुसार संपत्ति को लेकर परिवार में मतभेद कोई नया मामला नहीं है। ये विवाद चंद्रचूड़ सिंह के पिता और पूर्व विधायक कैप्टन बलदेव सिंह के उत्तराधिकारियों और उनके छोटे भाई गंगा सिंह के परिवार के बीच सालों से चला आ रहा है।
-परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि 1990 के दशक के अंत में जब कैप्टन बलदेव सिंह राजनीति और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में व्यस्त थे, तब संपत्ति का प्रबंधन गंगा सिंह के हाथों में चला गया था। इसके बाद धीरे-धीरे संपत्ति के अधिकार और नियंत्रण को लेकर विवाद गहराता चला गया।
राजनीतिक और शाही खानदान से जुड़ा है परिवार का इतिहास
चंद्रचूड़ सिंह का परिवार लंबे समय से राजनीति और समाज में प्रभावशाली रहा है। उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह एक समय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे। बाद में उन्होंने राजनीतिक बदलाव के दौरान नई राह चुनी और लोकसभा चुनाव भी लड़ा। वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी प्रतिष्ठित राजघरानों और प्रभावशाली पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं। यही कारण है कि ये संपत्ति विवाद अब केवल पारिवारिक मामला नहीं रह गया है बल्कि लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।
चाची गायत्री देवी ने किया पलटवार
-दूसरी ओर एक्टर चंद्रचूड़ सिंह की चाची गायत्री देवी ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से संपर्क कर अपनी बात रखी है और एक्टर के दावों को चुनौती दी है। दोनों पक्षों के दावे सामने आने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल को अहम माना जा रहा है। चूंकि संपत्ति की कीमत लगातार बढ़ रही है, इसलिए विवाद के और लंबा खिंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
-अलीगढ़ की ऐतिहासिक 'कल्याण भवन' हवेली को लेकर चल रहा ये पारिवारिक विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पहुंच चुका है। एक ओर चंद्रचूड़ सिंह अपनी विरासत को बचाने की लड़ाई लड़ने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर उनके रिश्तेदार उनके आरोपों को गलत बता रहे हैं। आने वाले समय में जांच और कानूनी प्रक्रिया ही तय करेगी कि इस बहुचर्चित संपत्ति का वास्तविक अधिकार किसके पास है।













Click it and Unblock the Notifications