Aditi Negi: 'चार दादा लेकिन दादी एक', कौन हैं अदिति नेगी? जिनके घर में द्रौपदी प्रथा
Aditi Negi Podcast: फेमस डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और रियलिटी शो 'रोडीज' फेम अदिति नेगी हाल ही में एक पॉडकास्ट को लेकर चर्चा में आ गई हैं। इस बातचीत में उन्होंने अपने परिवार और एक पुरानी परंपरा से जुड़ा ऐसा जिक्र किया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है।
पॉडकास्ट में अदिति नेगी ने खुलासा किया कि "मेरे परिवार में 4-भाईयों की शादी की एक ही लड़की से करवाई जाती थी। इतना नहीं घर में जितने भी बेटे होते थे उनकी एक ही पत्नी होती थीं।" सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इंटरव्यू में अदिति नेगी ने ये भी बताया कि आखिर उनके परिवार में ऐसी परंपरा क्यों निभाई जाती रही। आइए समझते हैं क्या है ये परंपरा और कौन हैं अदिति नेगी?

मेरी एक दादी और चार दादा...
अदिति नेगी ने बताया मेरी एक दादी थीं और चार दादा थे क्योंकि तीनों भाइयों की शादी एक ही महिला से हुई थी। सब एक ही छत के नीचे एक साथ रहते थे। उन्होंने उनके एक दादा को एक लड़की पसंद आ गई तो उन्होंने उससे शादी कर ली थी, लेकिन जब वो उन्हें घर के लेकर आए तो मेरी दादी ने अपनी सौतन को घर में रहने नहीं दिया। जिसके बाद मेरे वो दादा अपनी पत्नी के साथ कहीं और जाकर बस गए।

भाई कितने भी हो घर में बहू बस एक, क्यों थी ये परंपरा?
अदिति नेगी ने बताया "मेरे दो-तीन भाइयों की शादी एक ही लड़की से इसलिए करवाई जाती थी क्योंकि अगल-अलग बहुएं आएगी तो घर-जमीन का बंटवारा होगा! घर का बंटवारा ना हो इसलिए चाहे जितने भी बेटे हो एक ही बहू लाई जाती थी, उसकी सभी सगे भाइयों से शादी करवा दी जाती थी। इसीलिए मेरी एक दादी थी और तीन दादा थे।

रागिनी नेगी बोलींं- लोग अपनी पत्नी शेयर नहीं करना चाहते इसलिए...
हालांकि अदिति ने बताया कि द्रौपदी प्रथा के नाम से हमारे हिमाचल राज्य में प्रचलित प्रथा को अब कोई नहीं मानता। लोग अब अपनी पत्नी को शेयर नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने बताया मेरे ताऊ जी की एक ही पत्नी हैं और मेरे पिता ने तो मेरी मां से लव मैरिज की थी।

कौन हैं अदिति नेगी?
सोशल मीडिया पर अदिति नेगी कि 'किन्नौरी गर्ल' के नाम से फेमस हैं। जो एक फेमस डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और रियलिटी शो 'रोडीज' में नजर आ चुकी हैं। एक्ट्रेस और मॉडल अदिति नेगी सोशल मीडिया पर किन्नौर के कल्चार और लाइफस्टाइल को अपने वीडियो के जरिए दुनिया को दिखाती हैं। पहले एक रेडियो जॉकी यानी आरजे के तौर पर भी लोगों का मनोरंंजन कर चुकी हैं। अदिति के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यंग ग्रुप के फॉलोअर्स हैं जो अदिति के अनोखे अंदाज में पहाड़ी संस्कृति से लगाव को पसंद करते हैं।

क्या है द्रौपदी प्रथा और कहां प्रचलित हैं?
इस पॉडकास्ट में अदिति ने जिस 'द्रौपदी प्रथा' का जिक्र किया, उसे समाजशास्त्रीय भाषा में 'भ्रातृ बहुपति प्रथा' कहा जाता है। इस प्रथा में एक ही परिवार के सभी भाई मिलकर एक ही महिला से शादी करते थे। हिमाचल प्रदेश के कुछ सुदूर जनजातीय इलाकों, विशेषकर किन्नौर और लाहौल-स्पीति में यह परंपरा सदियों से चली आ रही थी, जिसके पीछे गहरे आर्थिक और भौगोलिक कारण छिपे हुए थे।
द्रौपदी प्रथा क्यों शुरू हुई?
इस प्रथा के व्यावहारिक कारणों को समझाते हुए अदिति ने बताया कि पुराने जमाने में पहाड़ों पर जीवन बेहद कठिन था और लोगों की आजीविका का एकमात्र साधन सीमित कृषि योग्य भूमि और भेड़-पालन ही था। ऐसी स्थिति में अगर हर भाई अलग-अलग शादी करता, तो परिवार की कृषि भूमि कई हिस्सों में बंट जाती। इस विभाजन से बचने के लिए और परिवार की संपत्ति को एकजुट रखने के लिए यह अनोखी प्रथा अपनाई गई थी।
अदिति ने बताया इससे न तो घर के बंटवारे की नौबत आती थी और न ही सीमित जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े होते थे। यह पूरी व्यवस्था उस समय की कठिन परिस्थितियों में परिवार की एकता और आर्थिक सुरक्षा को बनाए रखने का एक जरिया मानी जाती थी, जिसे समाज की मौन स्वीकृति प्राप्त थी।
यह खुलासा इस बात का प्रमाण है कि यह प्रथा कोई सुनी-सुनाई कहानी नहीं, बल्कि कुछ पीढ़ियों पहले तक हकीकत थी। हालांकि आज के दौर में हिमाचल प्रदेश के इन दुर्गम क्षेत्रों में भी यह प्रथा पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। इंटरनेट, शिक्षा और मुख्यधारा की संस्कृति से जुड़ने के बाद नई पीढ़ी इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकती।
किन्नौर की इस ऐतिहासिक परंपरा पर चर्चा करते हुए समाजशास्त्रियों का भी मानना है कि ऐसी प्रथाएं किसी अनैतिकता के कारण नहीं, बल्कि पहाड़ों की विषम परिस्थितियों में केवल अस्तित्व बचाए रखने के लिए शुरू हुई थीं।












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