Karnataka MLC Result 2026: कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस ने 7 में 5 सीटें जीतीं, क्रॉस वोटिंग से BJP-JDS को झटका
Karnataka MLC Election Results: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 में से 5 सीटों पर कब्जा जमा लिया है। इस जीत को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस की बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। वहीं भाजपा और जेडीएस को उम्मीद से कम समर्थन मिलने से विपक्ष को झटका लगा है।
चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और अन्य नेताओं ने इसे पार्टी की नीतियों और संगठन की मजबूती पर जनता व विधायकों की मुहर बताया है।

इस चुनाव में न सिर्फ कांग्रेस के सभी उम्मीदवार जीते, बल्कि BJP और JDS के खेमे में अपने विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में 'क्रॉस वोटिंग' कर दी। इस बड़ी जीत को राज्य में कांग्रेस सरकार की नीतियों और गारंटी योजनाओं पर मुहर माना जा रहा है।
कांग्रेस के ये 5 'सूरमा' जीते, विपक्ष को मिली सिर्फ 2 सीटें
बेंगलुरु के विधान सौध में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग हुई, जिसमें सभी 222 विधायकों ने हिस्सा लिया (100% टर्नआउट)। शाम को जब नतीजे आए, तो कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल था।
कांग्रेस के विजेता उम्मीदवार:
- बीके हरिप्रसाद (BK Hariprasad) - पार्टी के बेहद सीनियर नेता।
- तिप्पन्नाप्पा कामकनूर (Tippannanappa Kamakanoor) - तीसरी बार परिषद पहुंचे।
- पीवी मोहन (PV Mohan) - जमीनी स्तर के पुराने कार्यकर्ता।
- शिवन्ना मलावल्ली (Shivanna Malavalli) - छात्र राजनीति और युवाओं के बड़े चेहरे।
- विनय कार्तिक (Vinay Kartik) - युवा और उभरते नेता।
दूसरी ओर, विपक्ष की तरफ से बीजेपी के रघु आर कौटिल्य (Raghu R Kautilya) भी अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे, जो वर्तमान में बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
वोटों का गणित: सुरजेवाला ने खोला 'क्रॉस वोटिंग' का राज
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नतीजों के तुरंत बाद आंकड़ों के साथ मीडिया के सामने पूरी कहानी रखी। उन्होंने बताया कि यह जीत सिर्फ साधारण जीत नहीं, बल्कि 'लैंडस्लाइड विक्ट्री' है। विधानसभा में कांग्रेस के पास आधिकारिक तौर पर 135 वोट (विधायक) थे।
लेकिन कांग्रेस उम्मीदवारों को कुल 151 वोट मिले। यानी विपक्ष के 16 विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में वोट किया। BJP को उम्मीद के मुताबिक 64 वोट मिलने चाहिए थे, लेकिन उसे 7 वोटों का नुकसान हुआ। देवगौड़ा की पार्टी JDSको जहां 18 वोट मिलने की उम्मीद थी, वहां उसे सिर्फ 14 वोट ही नसीब हुए।
"मुझे तो चुनाव की उम्मीद ही नहीं थी": CM डीके शिवकुमार
जीत से गदगद मुख्यमंत्री और केपीसीसी अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा-"ईमानदारी से कहूं तो मुझे लग रहा था कि यह चुनाव निर्विरोध हो जाएगा और वोटिंग की नौबत नहीं आएगी। लेकिन बीजेपी और जेडीएस लड़ना चाहते थे। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने बेहतरीन उम्मीदवारों को चुना। आज विपक्ष के कई विधायकों ने दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर हमारी सरकार की नीतियों और 5 गारंटी योजनाओं के पक्ष में वोट दिया है।"
कांग्रेस की 5 गारंटी योजनाओं का असर?
कांग्रेस नेताओं ने इस जीत का श्रेय राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को भी दिया। सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस सरकार हर साल करीब 56,000 करोड़ रुपये गरीबों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों के खातों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भेज रही है। जनता और विधायकों ने इन योजनाओं पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि यह नतीजा साबित करता है कि विकास और जनहित की राजनीति को समर्थन मिल रहा है।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की सरकार लगातार महिलाओं और गरीबों के लिए '5 मुख्य गारंटी योजनाएं' (जैसे मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और अन्न भाग्य योजना) चला रही है, जिस पर सालाना ₹56,000 करोड़ खर्च हो रहे हैं। बीजेपी और JDS लगातार इन योजनाओं का विरोध कर रहे थे। सुरजेवाला के मुताबिक, विपक्ष के विधायकों ने खुद अपनी लीडरशिप के खिलाफ जाकर कांग्रेस को वोट देकर यह साबित कर दिया है कि जनता और नेता, दोनों ही कांग्रेस के विकास मॉडल के साथ हैं।














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