'आग भी तेरे बाप की, तो जलेगी भी तेरे बाप की..', आदिपुरुष में हनुमान का डायलॉग सुन भड़के लोग, सुना रहे खरी खोटी
Adipurush dialogues: प्रभास और कृति सेनन की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'आदिपुरुष' शुक्रवार (16 जून) को रिलीज हो चुकी है। रामायण पर आधारित इस फिल्म की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है।
फिल्म के वीएफएक्स, कास्टिंग से लेकर डायलॉग तक पर लोग फिल्म के निर्देशक और निर्माता ओम राउत को ट्रोल कर रहे हैं। खासकर एक संवाद ने रिलीज के दिन ही दर्शकों का गुस्सा दिला दिया है।

आदिपुरुष में हनुमान का डायलॉग सुन लोग बहुत ज्यादा भड़क गए हैं। आदिपुरुष में देवदत्त नाग ने भगवान हनुमान का किरदार निभाया है। वहीं वत्सल शेठ को इंद्रजीत के रूप में दिखाया गया है। जो रावण का बेटा है।
फिल्म में भगवान हनुमान और इंद्रजीत का एक सीन है, जो लंका दहन प्रकरण से ठीक पहले की है। जैसे ही रावण के आदमी हनुमान को पकड़ते हैं और उन्हें लंका के राजा के पास लाते हैं, वह आदेश देते हैं कि सजा के तौर पर हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाए।
इसी दौरान रावण का बेटा यानी इंद्रजीत हनुमान से पूछता है, ''जली न..जिसकी जलती है...।'' हनुमान जी (किरदार) जवाब देता है, ''कपड़ा तेरे बाप का, तेल तेरे बाप का, आग भी तेरे बाप की, तो जलेगी भी तेरे बाप की...''
फिल्म के इस संवाद और डायलॉग पर लोग भड़क गए हैं। लोगों का कहना है कि भगवान के करिदार के लिए ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चागिए। कई लोगों ने फिल्म को बैन करने की मांग की है।
आप भी देखें ट्विटर रिएक्शन...
एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ''मनोज शुक्ला ने ये संवाद लिखा है हद है।
एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ''आदिपुरुष फिल्म का एक संवाद है जहां राक्षण हनुमान से कहता है- 'ये लंका क्या तेरी बुआ का बगीचा है।' वहीं हनुमान जी रावण के बेटे इंद्रजीत से कहते हैं-'कपड़ा तेरे बाप का,तेल तेरे बाप का,जलेगी भी तेरे बाप की।' जिसने भी लिखा है ऐसा संवाद, राम के नाम पर बनी फिल्म की भावना के अनुरुप नहीं है। रामानंद सागर की रामायण ही असली प्रस्तुति है। बाकी सब नक्कालों से सावधान।"
एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ''ऐसे घटिया संवाद लिखे गए हैं। कम से कम हनुमान जी की गरिमा को तो ध्यान में रखा होता। और उस पर मनोज मुंतशिर जैसे लोग स्वयं को भारतीय संस्कृति का ध्वजवाहक कहते हैं।''
एक अन्य यूजर ने लिखा, "हमारे हिन्दू धर्म की रामायण में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल तो नहीं है"?
कई दर्शकों ने आदिपुरुष की तुलना रामानंद सागर द्वारा 1988-89 की टीवी शो रामायण से की। एक ट्वीट में लिखा था, ''रामानंद सागर के प्रति सम्मान और बढ़ गया है। यह फिल्म एकदम बकवास है।''
आदिपुरुष भारत में 6500 स्क्रीन पर रिलीज हुई, जो किसी भी भारतीय फिल्म के लिए सबसे बड़ी रिलीज में से एक है।












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