यूनियन चुनाव: बीएसपी के कर्मचारी यूनियनों ने जारी किया घोषणा पत्र, आरोप प्रत्यारोप के साथ आपस मे भिड़े नेता
भिलाई इस्पात संयंत्र के यूनियन चुनाव को महज कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इस चुनाव में जीत हासिल कर मान्यता प्राप्त करने सभी यूनियनों ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है।
दुर्ग, 25 जुलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के यूनियन चुनाव को महज कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इस चुनाव में जीत हासिल कर मान्यता प्राप्त करने सभी यूनियनों ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। 30 जुलाई को मतदान से पहले कर्मचारी यूनियनों ने अपने दावे और वादे के रूप में घोषणा पत्र जारी कर दिया है । वही मान्यता प्राप्त इंटक यूनियन समेत तमाम यूनियनों के नेता हर तरह से दाव अपना रहें हैं। सभी यूनियनों ने सुबह छह बजे से प्रचार अभियान शुरू कर दिया है।

इन यूनियनों ने जारी किया घोषणा पत्र
घोषणा पत्र जारी होने के बाद सीटू, इंटक, एचएमएस, एटक, लोइमू, बीएमएस, स्टील वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी संयंत्र के भीतर सभी विभागों में जाकर वोट मांगते नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ यूनियन बैठके लेकर डिप्लोमा इंजीनियर और कर्मचारियों को अपने पाले में करने की कोशिश में जुटे हैं।

इंटक के कार्यकारी महासचिव संजय साहु ने बताया कि बीएसपी के यूनियन चुनाव में इस्पात श्रमिक मंच और पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन इंटक के गठबंधन का कर्मचारी समर्थन कर रहे हैं। यूनियन का अगला कार्यकाल इंसेंटिव फेस्टिवल एडवांस पदनाम जैसे लंबित विषयों को जल्द हल करने के लिए समर्पित होगा। वर्तमान कार्यकाल में वेतन समझौते जैसे बड़े मामले में सहमति बनाकर कर्मियों के आर्थिक नुकसान को रोकना हो या वर्षों से एक ही पद पर काम कर रहे कर्मियों को न्याय दिलाने का काम किया गया है। सीमित समय होने के कारण कई मामले अछूते रह गए हैं, जिसे प्रमुखता से अगले कार्यकाल में निपटा लिया जाएगा।
सम्मान जनक पदनाम व 39 माह के एरियर्स का निर्णय जल्द
राष्ट्रीय इंटक के महासचिव, संजय सिंह ने बताया कि इंटक यूनियन के प्रयास से नया वेतनमान को सेल में लागू किया। 39 माह की एरियर का भुगतान करने का फैसला अगस्त माह में हो जाएगा और सम्मानजनक पदनाम के लिए इंटक यूनियन लगातार प्रयास कर रही है 19 जुलाई 2022 की बैठक में इंटक यूनियन ने पुरजोर तरीके से सम्मान जनक पदनाम का निर्णय जल्द करने का मांग किया, जिस पर प्रबंधन ने कहा कि 3 माह के अंदर इस पर निर्णय कर लिया जाएगा।

ट्रांसफर, ग्रेच्युटी सीलिंग, एरियर्स बना बीएमएस का प्रमुख मुद्दा
भिलाई इस्पात मजदूर संघ के अध्यक्ष आईपी मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष चन्ना केशवलू, महामंत्री रवि सिंह ने बताया कि भिलाई इस्पात मजदूर संघ के साथ युवाओं की टीम है। दूसरी यूनियनों ने कर्मियों के साथ विश्वासघात किया। पिछली बार जो वादे किए थे, उन वादों को पूरा नहीं किया। बीएसपी में बीएमएस पिछले चुनाव में मजबूत यूनियन बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि संयंत्र में ट्रांसफर ग्रेच्युटी सीलिंग एरियस का बकाया के अलावा स्थानीय समस्याओं पर पूरी तरह कर्मियों को निराशा हाथ लगी है। हर कर्मचारी को लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है, फिर भी वह यूनियन अपने झूठे वादे कर चुनाव में आएगी ऐसे लोगों से सावधान रहकर मतदान करना है। भारतीय मजदूर संघ 2015 में एनजेसीएस में शामिल हुई और लगातार कर्मियों के हित में संघर्ष कर रही है।
बीएमएस ने कहा केंद्र सरकार से बनेगी सहमति
बीएमएस यूनियन मान्यता में आती है तो मील का पत्थर साबित होगी। केंद्र सरकार और यूनियन की विचारधारा एक ही है। जिसकी वजह से केंद्र से कर्मियों के मुद्दे पर सहमति बनना तय है। बीएमएस मान्यता में आती है तो प्राथमिकता के आधार पर सरकार पर दबाव बनाकर कार्य किया जाएगा।
बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने एनजेसीएस यूनियनों पर लगाया आरोप
बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने एनजेसीएस यूनियनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पदनाम के मुद्दे में भी जितना प्रयास बीएसपी वर्कर्स यूनियन का रहा किसी यूनियन का नहीं रहा। जो युवा कर्मी सस्पेंड हुए थे, उनका सस्पेंशन वापस करवाने में सबसे बड़ा योगदान बीएसपी वर्कर्स यूनियन का ही रहा है। हर समस्या के समाधान के नाम दिल्ली का बहाना करने वाले एनजेसीस नेता अब बेनकाब होंगे। बीएसपी वर्कर्स यूनियन कर जीतकर आने के बाद संयंत्र कर्मियों के आर्थिक और सामाजिक समस्याओं का निदान करेगा।बीएसपी वर्कर्स यूनियन के नेता एनजेसीएस यूनियनों को कर्मचारियों के हितों की लड़ाई नहीं लड़ पाने और कर्मचारियों को धोखा देने का आरोप लगा रहें हैं।












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