ऋषभ ने लिखा "मुझे माफ कर देना", बिलख पड़े मम्मी पापा, दुर्ग के शिवनाथ नदी में मिला दो युवकों का शव
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी में राजनांदगांव निवासी ऋषभ सिंगल का शव बरामद हुआ है। वहीं ऋषभ के जेब से सुसाइड लेटर भी मिला, लेटर में मृतक ने खुदकुशी का कारण लिखा है। इस लेटर को पढ़कर माता पिता बिलख पड़े,
दुर्ग, 04 अगस्त। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी में राजनांदगांव निवासी ऋषभ सिंगल का शव बरामद हुआ है। वहीं ऋषभ के जेब से सुसाइड लेटर भी मिला, लेटर में मृतक ने खुदकुशी का कारण लिखा है। इस लेटर को पढ़कर माता पिता बिलख पड़े, शव निकालने गई मछुआरों की टीम को दो शव मिले। जिसमें से एक की पहचान राजनांदगांव निवासी ऋषभ सिंघल के रूप में हुई है। वहीं दूसरे युवक की पहचान के लिए पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही है।

मृतक ऋषभ सिंघल राजनांदगांव निवासी क्रेशर व्यवसायी अशोक सिंघल बेटा था। एएसपी दुर्ग संजय ध्रुव ने बताया कि ऋषभ सिंघल राजनांदगांव के वर्धमान नगर का रहने वाला था। घरवालों ने बताया कि बुधवार शाम को वह जिम जाने के लिए घर से बाइक लेकर निकला था। जब ऋषभ रात तक घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। ऋषभ का मोबाइल भी स्वीच ऑफ था।
नदी किनारे ब्रिज पर मिली बाइक
ऋषभ की गुमसुदगी से परेशान परिजनों ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक किया जिसमें लास्ट लोकेशन दुर्ग का मिला। गुरुवार को पुलिस जब दुर्ग में बघेरा के पास बने शिवनाथ नदी के ब्रिज पर पहुंची वहां ऋषभ की बाइक चप्पल व कपड़े मिले। जब उसके मोबाइल में फोन किया गया तो वह नहीं लगा। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। की टीम ने कई घंटे की खोज के बाद ऋषभ का शव बरामद कर लिया। उसके अलावा एक और शव को भी बरामद किया गया है। दूसरा शव भी 25-30 साल के युवक की बताया जा रहा है।
सुसाइड लेटर में लिखा "मुझे माफ कर देना"
राजनांदगांव निवासी मृतक ऋषभ सिंगल के कपड़ों से एक सुसाइड लेटर मिला है। जिसे पढ़कर माता पिता व परिजन बिलख पड़े, जिसमें उसने अपने माता पिता से मॉफी मांगते हुए लिखा है कि "मुझे माफ कर देना। मैं इस तरह अब और नहीं रह सकता हूं। इतने दिन तक आप लोगों का का चेहरा देखकर जिंदा रहा, लेकिन अब इस तरह और नहीं जी सकता। इसलिए मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं।"
शारीरिक कमी को बताया कारण
दरअसल चार साल पहले सड़क दुर्घटना में ऋषभ बुरी तरह घायल हो गया था। जिसके बाद कुछ दिनों तक कोमा में भी रहा। इसके बाद वह ठीक तो हो गया,लेकिन उसका शरीर पहले की तरह स्वस्थ नहीं हो पाया। उसकी पूरी बॉडी रिकवर हो जाए इसके लिए वह जिम भी करता था। धीरे धीरे ऋषभ सामान्य हो रहा था लेकिन घरवालों को यह नहीं पता था की वह अंदर ही अंदर मानसिक रूप से डिप्रेशन में है।
पिता के व्यवसाय में करता था सहयोग
ऋषभ के पिता अशोक सिंघल पेशे से क्रेशर व्यवसायी हैं। उनका ढेलकाडीह में अशोक सिंघल नाम से क्रेशर प्लांट है। उसे खुद अशोक सिंघल और उनका बेटा ऋषभ मिलकर देखते थे। परिजनों को ऐसा लगने लगा था कि अब ऋषभ ठीक हो रहा है और मानसिक रूप से रिकवर भी कर रहा है। उन्हें यह नहीं पता था कि उनका बेटा इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
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