रावलमल जैन हत्याकांड: मौत की सजा सुनकर बेहोश हुआ आरोपी, कोर्ट ने फैसले में लिखा, श्रीमद्भगवत गीता के अंश
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 4 साल पहले हुए रावलमाल जेल दंपत्ति हत्याकांड मामले में पुलिस के सबूतों के आधार पर दुर्ग जिला न्यायालय ने आरोपी पुत्र संदीप जैन को मौत की सजा सुनाई है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में चार साल पहले हुई दिल दहला देने वाली घटना के आरोपी को अब जाकर सजा मिली है। दुर्ग के बहुचर्चित रावलमल जैन दंपत्ती हत्याकांड मामले में आज जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुना दिया है। दुर्ग न्यायालय ने दोहरे हत्याकांड के लिए आरोपी संदीप जैन को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई गई है। मौत की सजा सुनते ही संदीप जैन कोर्ट में बेहोश होकर गिर पड़ा। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और चार साल बाद आरोपी को सजा मिली है।

पुलिस ने जुटाए थे सबूत
दुर्ग जिला न्यायालय ने पुलिस के द्वारा जुटाए गए सबूतों और चालान के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। जिसके बाद मृत्युदंड की सजा से दंडित किए जाने का फैसला सुनाया गया है। तत्कालीन आईजी दीपांशु काबरा ने इस पूरे मामले के खुलासा करते हुए बताया था कि संदीप जैन एक कवि और फिटनेस ट्रेनर था। जो कवि सम्मेलन आयोजित कर अपने पैसे बर्बाद करता था। यह बात माता-पिता को पसंद नहीं थी। वह हमेशा संदीप को कोई दूसरा काम करने के लिए कहते थे। इस बात को लेकर पिता-पुत्र में अक्सर झगड़े हुआ करते थे। एक दिन मौका पाकर संदीप ने अपने ही माता पिता को मौत के घाट उतार दिया।

पिस्टल सप्लाई करने वालों को 5-5 साल की सजा
वहीं पिस्टल सप्लाई करने वाले आरोपी शैलेन्द्र सिंह सागर और भगत सिंह गुरुदत्ता को 5-5 साल की सजा सुनाया है। न्यायालय ने अपने फैसले में पुत्र के दायित्व और माता-पिता के महत्व को प्रतिपादित करते हुए श्रीमदभगवत गीता, पद्म पुराण, मनु स्मृति, महाभारत और हरिवंश पुराण के विष्णु पर्व का वर्णन किया है। वहीं हरिशंकर परसाई की कविता के अंश का भी उल्लेख किया है।

जैन दम्पति हत्याकांड कई दिनों तक रहा सुर्खियों में
आपको बता दें कि एक जनवरी 2018 को सुबह सुबह जैन तीर्थ पार्श्वनाथ नगपुरा मंदिर के मुख्य ट्रस्टी रावलमल जैन एवं उनकी पत्नी सुरजी देवी की हत्या की घटना से छत्तीसगढ़ में सनसनी फैल गई थी। यह मामला कई दिनों तक सुर्खीयों में बना रहा। पुलिस को उनके पुत्र संदीप पर शक हुआ, क्योंकि घटना के बाद संदीप अपने बेडरूम में सोते हुए मिला। अंततः सख्ती से पूछताछ और जांच में सामने आया कि संदीप ने ही दोनों की गोली मारकर हत्या की थी। घटना के 24 घण्टे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी पुत्र को हिरासत में ले लिया था।

संदीप ने दोस्तों से मंगवाया था पिस्टल
संदीप जैन ने अपने माता पिता को मारने की प्लानिंग पहले ही कर ली थी। इसके लिए उसने अपने मित्र से हथियार मंगवाया था। इस मामले में पुलिस ने पिस्टल सप्लाई करने वाले आरोपी शैलेन्द्र सिंह सागर और गुरुदत्त सिंह को आरोपी बनाया था। दोनों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। आरोपी संदीप जैन ने अपने दोस्त के माध्यम से इलाहाबाद से 1 लाख 35 हजार रुपए में पिस्टल मंगाया था। इसी पिस्टल से ही अपने बुजुर्ग पिता रावलमल जैन को दो गोली और और माता सुरजी देवी पर तीन गोली चलाई थी। और सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल घर के पीछे फेंक दी थी। जिससे उस पर शक न हो।
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