फर्जी दस्तावेज वाले शिक्षाकर्मियों की अब खैर नहीं, जनपद में प्रस्ताव पास, पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक में फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर व दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर शिक्षाकर्मी के रूप में नौकरी कर रहे लोगों की पुनः जांच की जाएगी। जिले के साजा ब्लॉक में सालों से लंबित पड़े जांच मामले को फिर उठाया
बेमेतरा, 16जुलाई। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शिक्षाकर्मी भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं। जिले के साजा ब्लॉक में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर व दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर शिक्षाकर्मी के रूप में नौकरी कर रहे लोगों की पुनः जांच की जाएगी। जिले के साजा ब्लॉक में सालों से लंबित पड़े जांच मामले को फिर से उठाया गया है, जिसे सामान्य सभा ने पारित कर दिया है।

11 शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी के बाद फिर हुई थी नियुक्ति
जनपद पंचायत साजा के सामान्य सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा ने साजा जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर 11 शिक्षाकर्मियों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। फर्जी शिक्षाकर्मियों के बर्खास्तगी के बाद पुनः नियुक्ति के मामले को लेकर जिले में अब एक बार फिर से कार्रवाई शुरु हो चुकी है,
लंबे समय से लंबित थे मामले, शिक्षकों में मची खलबली
इन शिक्षकों के जांच का मामला काफी समय से लंबित था। जिसे अब जनपद की सामान्य सभा में पारित कर फिर से जांच शुरु किया गया है। इनमें ऐसे फर्जी शिक्षाककर्मी भी शामिल है जो कि अब संविलियन का लाभ लेकर राज्य शासन के नियमित कर्मचारी बन चुके हैं। इस कार्रवाई से एक तरफ से जिले में खलबली सी मची हुई है। जिसके बाद से ऐसे शिक्षाकर्मी जिनकी जांच पहले की गई थी वे अधिकारियों से संपर्क साधने में लगे हैं
एक सप्ताह के भीतर जमा कराने होंगे दस्तावेज
जिला शिक्षा विभाग ने ऐसे सभी शिक्षाकर्मियों को जो अब संविलियन के बाद शिक्षक बन गए हैं। तथा जिन पर पूर्व में जांच कमेटी बैठाई गई थी। उनसे दस्तावेज पुनः मांगे जा रहे हैं । साथ ही कुछ अन्य शिक्षकों को भी दस्तावेज मंगाए गए हैं। इन दस्तावेजों में मुख्य रूप से आवेदन की प्रति, संलग्न प्रमाण पत्रों की सूची, वरीयता सूची, अंतिम चयन सूची के साथ-साथ सेवा पुस्तिका, कक्षा 10वीं व 12वीं के साथ स्नातक के एवं डीएड-बीएड अंकसूची व प्रमाण पत्र एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के बाद पांच सदस्य गठित कमेटी जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा को रिपोर्ट सौंपेगी
मूल दस्तावेजों को षड्यंत्रपूर्वक किया गया गायब
दरअसल नियुक्ति वर्ष 2007 के मूल अभिलेख को योजनाबद्ध तरीके से गायब कर दिया गया है, इस बात से तत्कालीन जनपद पंचायत साजा के सीईओ वाकिफ थे। फिर भी अभिलेख संधारण करने वाले लिपिक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कलेक्टर कोर्ट ने 2017 में सीईओ जनपद पंचायत साजा को तीन बार कलेक्टर न्यायालय में संबंधित लिपिक के माध्यम से नियुक्ति से संबंधित मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिए थे। लेकिन सीईओ ने प्रस्तुत नही किया।
कलेक्टर के ट्रांस्फर के बाद धीमी हुई जांच
इसी बीच कलेक्टर कार्तिकेय गोयल का स्थानांतरण हो जाने के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया, बाद में इन 11 शिक्षाकर्मियों का कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत किया गया, तब भी फोटो कॉपी और कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किया गया, जिसकी शिकायत सेक्रेटरी विधि विधायी विभाग के पास नारद सिंह राजपूत द्वारा किया गया था। दो वर्ष पूर्व भी मूल अभिलेख गायब करने वालों के विरुद्ध सोईओ जनपद पंचायत साजा के पास नारद सिंह द्वारा शिकायत की गयी थी, जिस पर आज पर्यंत कोई कार्रवाई नहीं हुई।












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