Durg: VIP जिले को स्वच्छ बनाने प्रशासन की मुहिम "मोर शहर, मोर जिम्मेदारी", शहरी गौठानों में बनेगा गौकोष
छत्तीसगढ़ का वीआईपी जिला दुर्ग को स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए प्रशासन नगरीय निकायों में मोर शहर, मोर जिम्मेदारी अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके अलावा शहरी गौठानों में गोसेवा के लिए गौकोष बनाया जाएगा।
दुर्ग, 07 सितंबर। छत्तीसगढ़ का वीआईपी जिला दुर्ग को स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए प्रशासन नगरीय निकायों में मोर शहर, मोर जिम्मेदारी अभियान शुरू करने जा रहा है। इसमें प्रबुद्ध नागरिकगण अपने मोहल्ले के चौक-चौराहों को सुंदर बनाये रखने सहयोग करेंगे। इसके अलावा शहरी गौठानों में गोसेवा के लिए गौकोष बनाया जाएगा। इसमें आम नागरिक अपना आर्थिक सहयोग दान कर सकेंगे जिसे गायों के रख-रखाव के लिए खर्च किया जाएगा।

जानिए क्या है मोर शहर, मोर जिम्मेदारी अभियान
कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने बैठक में अधिकारियों निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और इस्पात नगरी होने के नाते शहर को स्वच्छ रखने में सबकी सहभागिता आवश्यक है। जिसके लिए आम नागरिकों के मन में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया जाए। जिसके लिए नगरीय निकायों के माध्यम से "मोर शहर, मोर जिम्मेदारी" अभियान चलाया जाएगा।

नागरिकों को सौपेंगे चौक-चौराहों की जिम्मेदारी
इस अभियान को सफल बनाने के लिए व शहर को स्वच्छ सुंदर बनाये रखने लिए प्रशासन सार्वजनिक जीवन में प्रबुद्ध लोग जो अपने आस-पास के परिवेश को सुंदर बनाने की दिशा में सहयोग करना चाहते हैं। उनसे सहयोग लिया जाएगा। चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण में तथा मेंटेंनेंस में होने वाले खर्च की राशि के लिए नागरिकों सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए निगम के अधिकारी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय प्रबुद्ध दानशील लोगों से संपर्क करेंगे। कलेक्टर ने कहा कि यह नागरिक के रूप में हम सबकी जिम्मेदारी भी है। जनभागीदारी से शहर को स्वच्छ सुंदर बनाने के हमारे संकल्प को पूरा करने की दिशा में काफी सहयोग मिल सकता है।

कालोनियों में रेसिडेंशियल सोसायटी करेंगे काम
कलेक्टर ने शहर के कालोनियों में रेसीडेंशियल सोसायटी के पदाधिकारियों से मिलकर यह कार्य करने के सुझाव दिए हैं। वे ऐसे स्थलों का चिन्हांकन भी कर सकते हैं जहां ब्यूटीफिकेशन संभव है और इसके लिए वे प्रस्ताव दे सकते हैं और खर्च का वहन भी कर सकते हैं। इसके साथ ही श्रमदान अभियान चलाकर प्रशासन और नागरिक समुदाय भी स्वच्छता के लिए बड़ी पहल कर सकता है।

गौकोष से शहरी यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त
कलेक्टर ने अधिकारियों को शहरी गौठानो में गौ कोष बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे प्रशासन का तर्क है कि नगरीय निकायों में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था बनाये रखने के लिए मवेशियों को शहरी गौठानों में रखने की व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। नगरीय निकायों में बड़ी संख्या में मवेशी विचरण करते हैं। इन्हें गौठानों में रखने और उचित प्रबंधन का कार्य प्रशासन कर रहा है।

शहरी गौठान में गौ सेवा के लिए बनेगा गौकोष
गौकोष बनाकर नागरिक भागीदारी प्राप्त होने से इस कार्य को और भी बल मिलेगा। जो भी नागरिक चाहें स्वेच्छा से अपनी सहयोग राशि गौकोष में दे सकता है। इसके लिए एकाउंट नंबर की जानकारी शीघ्र ही दी जाएगी। इसके साथ ही गौकोष में आवक एवं व्यय की राशि का पूरा रिकार्ड पारदर्शी रूप से रखा जाएगा जिसे नागरिकगण देख सकेंगे। प्राप्त आय को गौठान में ही मवेशियों के उचित इंतजाम के लिए खर्च किया जाएगा। कलेक्टर द्वारा बुलाई गई इस बैठक में अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई, डीएफओ शशि कुमार, भिलाई निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर, दुर्ग निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित सभी अधिकारी उपस्थित थे।












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