CSVTU : इंजीनियरिंग के छात्रों को अब नहीं होगी परेशानी, हिंदी में मिलेंगी किताबें, परीक्षा भी हिंदी में

इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए छात्रों का रुझान बढ़ाया जा सके। इस बार हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर की 5 किताबों को हिंदी माध्यम में ट्रांसलेट कर उपलब्ध कराया गया है,

दुर्ग, 16जुलाई। छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए अब विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एक नई व्यवस्था लागू कर दी है। जिससे इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने वाले हिंदी माध्यम के छात्रों को अब पढ़ाई में आसानी हो सकेगी। छत्तीसगढ़ में स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई को रुचिकर बनाने कई प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए छात्रों का रुझान बढ़ाया जा सके। इस बार हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर की 5 किताबों को हिंदी माध्यम में ट्रांसलेट कर उपलब्ध कराया गया है, जिससे छात्रों को पढ़ने व एक्जाम देने में आसानी होगी।

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फर्स्ट ईयर की 5 किताबों का हिंदी में अनुवाद
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग में फर्स्ट ईयर की पढ़ाई करने वाले छात्र अब अंग्रेजी किताबों को हिंदी में पढ़ सकेंगे। सीएसवीटीयू के कुलपति एमके वर्मा ने बताया कि, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स एंड डिजाइन, एप्लायड फिजिक्स, बेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, वर्कशॉप मैन्युफैक्चरिंग एंड प्रैक्टिसेस और एप्लायड केमेस्ट्री की बुक्स को हिंदी में तैयार किया गया है। इंजीनियरिंग का यह कोर्स अंग्रेजी से अनुवाद करके भी बनाया गया है और कुछ नई किताबें भी लिखी गईं हैं. ये सभी बीई-बीटेक फर्स्ट ईयर की कोर्स के लिए होगी. छत्तीसगढ़ में पहली बार इंजीनियरिंग की पढ़ाई दो भाषा में होने जा रही है. हिंदी में इंजीनियरिंग कोर्स करना ऑप्शनल होगा. छात्र अपनी पसंद के अनुसार भाषाओं का चयन कर सकते हैं.

हिंदी माध्यम के छात्रों को होती थी परेशानी
सीएसवीटीयू के कुलपति के अनुसार कक्षा 12वीं पास करने के बाद जो बच्चे हिंदी माध्यम से आतें हैं। उनको इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने में दिक्कत होती थी। जिससे उनके परीक्षा की तैयारी पर असर पड़ता था। इसलिए इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर में ही ऐसी पांच किताबों का चयन किया गया है जो हिंदी में होंगी, ताकि बच्चों को पढ़ाई करने में आसानी हो। इंजीनियरिंग की इन 5 किताबों को अंग्रेजी भाषाओं का ट्रांसलेशन करके हिंदी में बनाया गया है। कुछ नई किताब भी इस कोर्स में शामिल की गई हैं। क्योंकि इंजीनियरिंग के किताबों में टेक्निकल शब्द अधिक होते हैं। जिनका हिंदी अनुवाद संभव नहीं है। इसलिए इन 5 किताबों में पूरे शब्द हिंदी के नहीं होंगे कुछ शब्द इंग्लिश के भी होंगे, जो सामान्य बोलचाल की भाषा में उपयोग किया जाता है।

हिंदी माध्यम में ही होगी फर्स्ट ईयर की परीक्षा
अंग्रेजी माध्यम के इन 5 किताबों के हिंदी में आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फैसला किया है, कि बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग के फर्स्ट ईयर के छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा भी हिंदी में ली जाएगी, हालांकि छात्रों को आंसर लिखते समय हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों का प्रयोग करना है, जिससे उन्हें आने वाले साल में अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों को समझने में आसानी हो सके।

हिंदी में अनुवाद का इसलिए लिया गया फैसला,
दरअसल छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के प्रति छात्रों का रुझान कम हो रहा है। जिसके चलते कई कॉलेज बंद होने की कगार पर हैं। तीन से चार कॉलेजों ने अपनी मान्यता समाप्त करने की आवेदन भी विश्वविद्यालय प्रबंधन को दिए हैं। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय प्रबंधन अब इंजीनियरिंग में छात्रों की रुचि को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। जिसके तहत अब छात्रों को यह सुविधा दी जा रही है।

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