Chhattisgarh: Diwali की खरीदी में ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं, तो हो जाएं सावधान, खाली हो सकता है अकाउंट
Diwali Festival के नजदीक आते ही सायबर ठगी का मामला छत्तीसगढ़ में बढ़ता जा रहा है। दुर्ग जिले में साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। साइबर ठगों ने क्यूआर कोड वाले स्थानों की निगरानी शुरू कर दी है। ठग अब फिसिंग लिंक का इस्तेमाल कर आकर्षक ऑफर और डिस्काउंट के बहाने ठगी का शिकार बना रहे हैं। कुछ इस तरह से ठग आपको ठगी का शिकार बना सकते हैं।

सार्वजनिक जगहों पर क्यूआर कोड स्कैन करना पड़ सकता है भारी
दीपावली का त्योहार नजदीक है और ऐसे में मार्केट में जमकर ख़रीदारियाँ हो रही हैं। इसलिए अगर आप भी भुगतान के लिए ऑनलाइन का इस्तेमाल करते हैं तो आप भी अलर्ट हो जाइए। क्योंकि यह शातिर ठग अब ऐसे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन यूजर को अपना निशाना बना रहे हैं। जो सार्वजनिक जगहों जैसे सब्जी या नास्ते, पान की दुकान पर भुगतान के लिए क्यूआर कोड स्कैन करते हैं। क्योंकि इस दौरान आपके पिन जानने के लिए आपके पीछे खड़ा व्यक्ति शातिर ठग भी हो सकता है।

मोबाइल चोरी कर देते हैं ठगी को अंजाम
दरअसल कुछ ठग इन दिनों सार्वजनिक स्थल रेलवे बस स्टैंड, सब्जी या पान कि दुकान पर निगरानी कर रहें हैं। जब भी आप सार्वजनिक स्थानों पर ट्रांजैक्शन करते हैं, तब ये ठग पीछे खड़े होकर आपका पिन देख लेते हैं। इसके बाद आपका मोबाइल चोरी कर खुद ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए। आपका अकाउंट खाली कर देते हैं। दुर्ग में इसी तरह के लगातार दो मामले सामने आने के बाद पुलिस अब मोबाइल चोरी के मामलों में कॉल डिटेल्स और बैंक स्टेटमेंट की जांच भी कर रही है।

इस तरह से होता है फिसिंग लिंक का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक त्योहारी सीजन में ऑनलाइन ठग आपकोअलग-अलग प्रलोभन देकर मोबाइल पर फिसिंग लिंक भेजकर ठगी का शिकार बना सकते हैं। इस लिंक में क्लिक करने पर ठग आपका मोबाइल एक्सेस लेकर आपका अकाउंट भी खाली कर सकता है। वहीं 4G सिम को 5G में कन्वर्ट करने के नाम पर या दिवाली बोनस, ऑफर डिस्काउंट देने का झांसा देकर आरोपी ठगी कर रहे हैं। इस तरह के मामलों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन यूजर को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

शिक्षक का मोबाइल चोरी कर ठग ने खाली किया अकाउंट
सार्वजनिक क्यूआर कोड पर निगरानी के जरिये ठगी का पहला मामला सुपेला पुलिस ने दर्ज किया है, जिसमें नेहरू नगर के रिटायर्ड शिक्षक ओम प्रकाश पांडे ने शिकायत दर्ज कराई है की वे कोसा नगर स्थित मार्केट में सब्जी खरीदने गए थे। पहली दुकान में सब्जी खरीदने के दौरान उन्होंने क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट किया। इसके बाद वह दूसरी दुकान पर सब्जी खरीदने गए। लेकिन यहां उनका मोबाइल चोरी हो गया था।शिक्षक के मुताबिक उसके मोबाइल पर ऑनलाइन वॉलेट एक्टिव था। वही पुलिस ने इस मामले पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

ठग ने शिक्षक के पैसों से खरीदे एक लाख के गहने
दुर्ग पुलिस को इस मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच में पता चला कि शिक्षक का मोबाइल चोरी करने वाले चोर ने दुर्ग के महावीर और कृष्णा ज्वेलर्स की दुकान से ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से एक लाख के जेवर खरीदे। शातिर ठग ने 20 हजार, 50 हजार फिर 30 हजार की खरीदी की है। इस तरह एक अन्य मामले में ठग ने खंडेलवाल ज्वेलर्स की दुकान से खरीदारी की है। दोनों मामले में पुलिस दुकान के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

पुलिस ने जारी किया है टोल फ्री नम्बर
इस तरह की ठगी होने पर सबसे पहले टोल फ्री नंबर 1903 पर कॉल करके जानकारी दें। इसके साथ ही www.cybercrime.gov.in पर लॉगिन करके शिकायत दर्ज करा सकते है। इसके अलावा आप अपने नजदीकी थाने में जाकर इसकी इसकी शिकायत दर्ज कर सकतें हैं। दुर्ग में साइबर सेल को मिली शिकायत में इस तरह की ठगी का खुलासा हुआ है।












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