केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जारी किए रिजल्ट, छत्तीसगढ़ में इस बार बेटियों ने मारी बाजी
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं के परिणाम जारी कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ में भी बेटियों ने कमाल किया है। स्टूडेंट अपने परिणाम CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। इस बार 12वीं में कुल 92.71 प्रतिशत
दुर्ग, 22 जुलाई। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं के परिणाम जारी कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ में भी बेटियों ने कमाल किया है। स्टूडेंट अपने परिणाम CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। इस बार 12वीं में कुल 92.71 प्रतिशत बच्चों ने सफलता हासिल की हैं। छत्तीसगढ़ में भी कई बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्हीं में से कुछ बच्चों से वन इंडिया ने भी बातचीत की है।

यहां बिलासपुर की शुभी शर्मा ने 99.4 प्रतिशत, रायपुर की शांभवी शर्मा ने 99 प्रतिशत और पाखी दुबे ने 98.6% अंक हासिल किए हैं। रायपुर में सबसे ज्यादा अंक शांभवी शर्मा को मिले हैं। केपीएस रायपुर की छात्रा हैं। इन बच्चों ने बताया है कि जरूरी नहीं है कि आप कई घंटे तक पढ़ते रहें, अच्छे नंबर के लिए सबसे जरूरी है कि आप खुद को मोटिवेट रखें, सेल्फ स्टडी करते रहें। इससे सब कुछ पॉसिबिल हो सकता है। शुभी शर्मा बिलासपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा हैं। उन्होंने 500 में से 497 अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने आर्ट्स सब्जेक्ट में यह उपलब्धि हासिल है। शुभी हमेशा से ही एक बेहतरीन स्टूडेंट रही हैं। उन्होंने 10वीं में भी 98.3 अंक हासिल किया था। अब 12वीं में भी उन्हें 99.4 प्रतिशत अंक मिले हैं।

शुभी ने बताया कि रोज पढ़ना जरूरी है। पिछले साल के प्रश्न बैंक को खत्म किया और NCERT से पढ़ाई की। शुभी ने बताया कि सीबीएसई में सबसे जरूरी है NCERT। इसके माध्यम से ही मुझे सफलता मिली है। आगे जाकर शुभी ऑफिसर बनना चाहती हैं। उन्होंने अभी से तैयारी भी शुरू कर दी है। आगे की पढ़ाई के ले वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाली हैं। शुभी ने यह भी बताया कि उनकी मां भी वर्किंग थीं, लेकिन उनकी पढ़ाई की वजह से उन्होंने पिछले एक साल से ब्रेक ले रखा है।
पापा से मिला CA बनने का मोटिवेशन
पाखी दुबे रायपुर दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा हैं। उन्होंने कॉमर्स सब्जेक्ट में 98.6 प्रतिशत अंक हासिल किेए हैं। उनकी छोटी बहन पीहू दुबे ने भी 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पीहू भी कॉमर्स की छात्रा हैं। पाखी ने बताया कि वह आगे जाकर CA बनना चाहती हैं। पाप भी CA हैं, इसलिए उनसे ही मोटिवेशन मिला है।
कंबाइन स्टडी से मिली सफलता
पाखी ने बताया कि हम दोनों ही बहनें कंबाइन स्टडी करते थे। खुद से पढ़ते थे, टीचरों का काफी योगदान था। रोज 5 घंटे के आस-पास पढ़ाई करते थे। सबसे ज्यादा फायदा कंबाइन स्टडी का मिला। इसके अलावा रोज पढ़ना भी सबसे जरूरी है, जिसके चलते हमें सफलता मिली है।
माता टिचर, पिता टेलर बेट ने किया कमाल
पवन कुमार रामनानी केपीएस डुंडा रायपुर के छात्र हैं। उन्होंने मैथ्स सब्जेक्ट में 97.40 प्रतिशत अंक हासिल किया हैं। पवन ने बताया कि उनके पिता टेलर हैं, मां टीचर हैं। पवन कहते हैं कि उनके आगे बढ़ने के लिए उनके माता-पिता ने काफी सपोर्ट किया। पवन ने बताया कि मैंने भी NCERT से तैयारी की थी, घर पर ही रोज मॉक टेस्ट देता था। इससे ये फायदा हुआ कि जब एग्जाम हुआ तो उतना डर नहीं लगा।
पवन ने बताया कि वह आगे चलकर बीटेक करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने अभी JEE की परीक्षा दी थी, अब सेकेंड अटेंप्ट की तैयारी कर रहे हैं। कोशिश है कि कोई बड़ा संस्थान मिले, जिससे आगे की पढ़ाई की जा सके।
मान लिया था सब कुछ खत्म
वाणी चरपे भी केपीएस डुंडा की छात्र हैं। उन्होंने 92.7 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वाणी मैथ्स सब्जेक्ट की छात्रा हैं। वाणी बताती हैं कि रोजाना पढ़ना जरूरी है, वह रोज 3 घंटे पढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि कई बार लगा कि सब कुछ खत्म और कुछ नहीं हो पाएगा। मगर ऐसा नहीं है, मैंने मेहनत की और अब सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि खुद पर आप भरोसा रखिए, सेल्फ स्टडी करते रहिए। वाणी आगे चलकर कंप्यूटर साइंस में इंजीयनरिंग करना चाहती हैं।












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