Bhilai: यूनियन नेताओं को BSP कर्मचारियों ने घेरा, बैठक में एरियर्स पर चर्चा की मांग, 19 को तय होगा बोनस
दुर्ग, 16 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में त्योहारी सीजन नजदीक आ रहें है। ऐसे में भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों को दीपावली पर हर साल मिलने वाले बोनस का इंतजार है। इसके लिए बीएसपी प्रबन्धन ने पहल करते हुए 19 सितम्बर को यूनियन नेताओ की बैठक रखी है। लेकिन इससे पहले ही बीएसपी के कर्मचारी यूनियन के नेताओ ने प्रबंधन से अपनी 50 हजार बोनस देने की मांग शुरू कर दी है। यूनियनों ने इस बार नई पॉलिसी बनाकर बोनस देने की मांग की थी लेकिन इस बार भी पुरानी पॉलिसी के तहत कर्मचारियों को बोनस मिलेगा।

19 सितम्बर को तय होगी बोनस की राशि
भिलाई इस्पात संयंत्र में दुर्गा पूजा से पहले दिए जाने वाले बोनस( एक्सग्रेसिया) के लिए सेल प्रबंधन ने 19 सितम्बर को बैठक बुलाई है। बोनस की राशि तय करने एवं आम सहमति बनाने के लिए सेल प्रबंधन ने दिल्ली में कर्मचारी यूनियनों के नेताओं की बैठक बुलाई है। इसमें हर यूनियन के दो-दो पदाधिकारी शामिल होंगे। प्रबंधन की ओर से सभी यूनियन प्रमुखों को पत्र जारी किया गया है।

कर्मचारियों की मांग एरियर्स पर भी हो चर्चा
प्रबन्धन के पत्र मिलने के बाद से कर्मचारियों में उत्साह कम नाराजगी ज्यादा नजर आ रही है। क्योंकि प्रबंधन चाहता है कि एरियर पर एनजेसीएस कोर कमेटी की बैठक में निर्णय हो। लेकिन कर्मचारी चाहते हैं कि जब 19 सितंबर को बोनस की बैठक है तो उसी में एरियर पर चर्चा होनी चाहिए। वहीं कर्मचारियों के 39 माह के लाखो रुपये के बकाया एरियर पर प्रबंधन की चुप्पी से कर्मियों में नाराजगी है।
कर्मचारी यूनियन नेताओ पर निकाल रहे गुस्सा
कर्मचारियों ने इंटरनेट पर प्रबंधन और यूनियन नेताओं को बकाया एरियर के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर सेल प्रबंधन द्वारा यूनियन नेताओं को बोनस को लेकर होने वाली बैठक की सूचना पत्र को शेयर करते हुए भड़ास निकाल रहें है। कर्मचारियों का कहना है कि यूनियन के नेता समझदारी दिखाएं और इसमें शामिल होते हुए प्रबंधन पर दबाव बनाएं कि बकाया एरियर पर कुछ निर्णय हो सके।

कर्मचारियों को इस फॉर्मुले के तहत दिया जाता है बोनस
बीएसपी कर्मचारियों को हर साल सेल परफारमेंस इंसेंटिव स्कीम (SPIS) में चालू वित्त वर्ष के परफॉर्मेंस के आधार पर एकमुश्त रकम बोनस (एक्सग्रेसिया) के रूप में दी जाती है। इस स्कीम के तहत 30 फीसदी हिस्सा प्रॉफिट व 70 फीसदी एबीपी के टारगेट को अचीव करने पर मिलने वाली राशि होती है। कर्मियों को जो टारगेट दिया जाता है, उसको वह पूरा करता है। तब उसे 70 फीसदी और उस प्रोडक्ट के बिक्री पर होने वाली प्रॉफिट पर शेष 30 फीसदी एक्सग्रेसिया दिया जाता है, पिछले साल उन्हें 21 हजार बोनस दिया गया था। कर्मचारियों कि मांग है कि लाभ के अनुसार उन्हें 50 हजार तक बोनस दिया जाए।
बोनस के लिए नए फॉर्मूले की मांग
कर्मचारी यूनियन के नेता एक माह पहले से ही बोनस के लिए नए फॉर्मूले की मांग कर रहें हैं। इसके साथ कि उन्होंने 50 हजार तक बोनस देने की मांग प्रबन्धन से की थी। कर्मचारियों ने अनुसार बीते साल 2021-22 में सेल का लाभांश 16039 करोड़ रुपये होता है। इसमें प्राफिटेबिलिटी की राशि एवं प्रोडक्टिविटी की राशि को भी मिलाकर नए फॉर्मूले के तहत निर्णय लिया जाए। यूनियनो को सेल प्रबंधन ने पिछली बैठक में इसका आश्वासन भी दिया था कि 2022 की बैठक में नए फॉमूला लागू किया जाएगा। परंतु प्रबंधन की ओर से फार्मूला बनाने अब तक पहल नहीं की गई है। वहीं अब त्योहार नजदीक हैं ऐसे में नया फार्मूला बनानकर लागू कर पाना संभव नही है।












Click it and Unblock the Notifications