दिल्ली में यमुना ने फिर धरा विकराल रूप, खतरे के निशान से एक बार फिर पार हुआ जलस्तर
भारी बारिश औरहरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से देश की राजधानी यमुना में यमुना नदी का पानी बढ़ा हुआ है। यमुना में बढ़े जलस्तर की वजह से दिल्ली बीते कई दिन से बाढ़ झेल रही है। हजारों लोगों के घर यमुना के पानी में डूबने की वजह से वो बेघर होकर सरकार के बाढ़ राहत शिविर में रह रहे हें।25,000 से अधिक लोगों को बाढ़ वाले इलाकों से निकाला गया है।
दिल्ली हाल की भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी सबसे खराब स्थिति से जूझ रही है,वहीं एक बार फिर शुक्रवार को दिल्ली में यमुना के पानी ने विकराल रूप धर दिया है।

शुक्रवार को रिपेार्ट के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर चुका है। शुक्रवार की शाम यमुना नदी पर बने पुराने रेलवे ब्रिज पर 205.33 मीटर दर्ज किया गया।
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21 जुलाई को रात 10 बजे यमुना के ऊपर बने पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी का जलस्तर 205.48 मीटर दर्ज किया गया। खबरे के निशान से ऊपर पहुंची यमुना नदी के पानी से एक बाद फिर बाढ़ बढ़ने का खतरा बढ़ चुका है।
हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से प्रति घंटा पानी का निकलना लगभग 1000 मीटर तक बढ़ गया है। पानी बढ़ने के कारण रेलों का संचालन बहुत मुश्किल हो चुका है।
बता दें इस सप्ताह की शुरूआत के पहले दिन सोमवार की रात 11 बजे दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 206.01 मीटर दर्ज किया गया था। जबकि उस सोमवार की सुबह यमुना का जलस्तर 205.48 मीटर पर था जो खतरे के निशान से 205.33 मीटर से थोड़ा ऊपर था।
यमुना का जलस्तर जब भी खतरे के निशान से नीचे भी गया तब भी दिल्ली के कई क्षेत्रों में जलभराव रहा। दिल्ली की यमुना नदी 10 जुलाई को शाम 5 बजे 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गई थी।












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